Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...

वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
May 26, 2026, 07:29 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : गंगा दशहरा के पुण्‍य अवसर पर मंगलवार का भी योग रहा तो पुण्‍य की डुबकी लगाने के लिए आस्‍था का सैलाब उमड़ पड़ा. आस्‍थावानों से काशी का गंगा तट सुबह सूर्योदय के साथ ही पट गया. भक्‍तों ने पुण्‍य की डुबकी लगाई, दान किया और बाबा दरबार की ओर कदम बढ़ चले.


भक्‍तों ने आस्‍था पथ पर पुण्‍य की कामना से जरूरतमंदों को दान कर मां गंगा से मनुहार किया. दोपहर तक लगातार आस्‍थावानों की कतार गंगा के तट पर लगी रही. हर हर गंगे का उद्घोष और बाबा दरबार में काशी व‍िश्‍वनाथ गंगे का मान नजर आया. गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर अविरल गंगा-निर्मल गंगा की कामना से दुग्धाभिषेक किया. सनातनी संस्कृति का प्रवाह मां गंगा की आरती उतारी गई. शपथ लेकर जन भागीदारी सुनिश्चित करने का आवाह्न किया गया.


HHH


भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने बटुकों संग गंगा का दुग्‍धाभिषेक किया. नमामि गंगे टीम के महिला और पुरुष सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई कर लोगों से गंदगी न करने की अपील की. लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के द्वारा घाटों पर लोगों को जागरूक किया गया. गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थित हजारों लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया गया.


नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा दशहरा उस दिन के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है जब देवी गंगा पृथ्वी पर आई थीं. राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर आई गंगा तब से लेकर आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं.


HH


मां गंगा का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, हस्त नक्षत्र, कन्या राशि, मिथुन लग्न में हुआ था. इसलिए ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा के धरा पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा कहते हैं. इस बार यह पर्व 26 मई को मनाया जा रहा है. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार गंगा दशहरा इस वर्ष अपने आप में विशेष है. अधिकमास ज्येष्ठ की दशमी तिथि के संदर्भ में धर्मशास्त्र की आज्ञा है कि-‘ज्येष्ठ मलमासे सती तत्वैव दशहरा कार्या न तू शुद्धै’ अर्थात् ज्येष्ठ में मलमास होने पर दस पापों से मुक्ति का पर्व गंगा दशहरा पर्व मलमास में ही मनाया जाना चाहिए.


ALSO READ : प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...


गंगा तट से लेकर विश्‍वनाथ दरबार तक सुरक्षा के व्‍यापक बंदोबस्‍त किए गए हैं. गोदौलिया चौराहा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी अभियान चलाया गया. वाराणसी पुलिस की ड्रोन टीम ने नंदी चौक से गंगा के क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से सक्रिय है. जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान भी गंगा में गश्‍त करते रहे.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।