Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...

महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं , कांग्रेस ने खोला मोर्चा...
May 26, 2026, 12:40 PM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : देश में पिछले कुछ वर्षों से मंहगाई और बेरोजगारी चरम पर है और सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है. इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. मंगलवार को युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से विगत दिनों तीन बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है, उससे स्पष्ट है कि सरकार का महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है. सरकार इस पर नियंत्रण करने में पूरी तरह से विफल है. वहीं बेरोजगारी दिनोदिन बढ़ रही है. नौकरी के लिए युवा भटक रहा है और हमारे देश का शीर्ष नेतृत्व इन युवा पीढ़ी को रोजगार देने में पूरी तरह से निष्क्रिय है. हमारे देश में युवाओं को रोजगार के लिए कोई अवसर ही नहीं है. सरकारी नौकरियों का कोई भी वांट नहीं निकल रहा है, ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सकें.


कहा कि देश का सर्वोच्च नेतृत्व केवल देश में जुमलेबाजी में व्यस्त हैं, उसको देश की समस्या दूर करने में कोई रुचि न है, वह तो केवल विदेशों में महिलाओं को गिफ्ट बांटने में व्यस्त है. जबकि देश की जनता बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त है. विकास सिंह ने कहा कि हम सरकार की नाकामी के बारे यदि आवाज उठाएंगे तो हमारे ऊपर फर्जी मुकदमे लाद दिए जाएंगे. यदि हम अपने देश के शीर्ष नेतृत्व से सवाल नहीं करेंगे तो किस्से करेंगे. हमारे प्रधानमंत्री हर बात के लिए कांग्रेस और नेहरू, सोनिया गांधी, राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराते है, लेकिन पिछले 12 साल से वे सरकार चला रहे है, लेकिन रुपया लगातार गिर रहा है, देश की अर्थव्यवस्था दिनोदिन बिगड़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री जी इसके लिए अपने सरकार का दोष न मानकर कांग्रेस पर दोषारोपण करने में व्यस्त है.


HH


नोटबंदी किस लिए हुई आज तक यह नहीं बता पाए और कितना काला धन विदेशों से लाए इसका भी आजतक कोई जवाब नहीं दे पाए. मीडिया के सवालों और सच का सामना करने से बचने के लिए आजतक एक भी प्रेस कांफ्रेंस कर सीधे सवालों का जवाब नहीं दिया, क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि देश की जनता के सामने पोल खुल जाए. आज मैने सवाल खड़ा किया है, हो सकता है कल मेरे खिलाफ भी कोई मुकदमा फर्जी ढंग से दर्ज कर मुझे भी जेल में डाल दिया जाए.


ALSO READ : लोकायुक्त जांच के दौरान ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को पद से हटाने की मांग, कुलपति को सौंपा ज्ञापन...


आएदिन सड़क पर अराजक तत्वों द्वारा आपराधिक घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है, वो भी सरकार में बैठे मंत्री और विधायक के बल पर और सरकार उनको संरक्षण दे रही है और गरीबों और मजलूमों पर जुल्म ढा रही और अपराध को बढ़ावा दे रही है, जबकि इस सरकार का सबसे बड़ा दावा अपराध और भ्रष्टाचार मुक्त रहने का था.

बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकच्छा (मिर्जापुर) स्थित चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र ने विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वर्ष 2025 की एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।डॉ. मिश्र को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचारपूर्ण कार्यों और उच्च स्तरीय शैक्षणिक योगदान के आधार पर प्राप्त हुई है। एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री की यह वैश्विक रैंकिंग शोध की गुणवत्ता, प्रकाशित शोधपत्रों के प्रभाव, उद्धरण (साइटेशन) और अन्य शैक्षणिक मानकों के व्यापक मूल्यांकन पर आधारित होती है। इसमें एससीआई जर्नल और कंट्री रैंक (SCR) जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जो स्कोपस डाटा के आधार पर तैयार किए जाते हैं।ALSO READ: नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंतविश्वविद्यालय ने डॉ. मिश्र की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। यह सम्मान न केवल बीएचयू की शोध परंपरा को नई पहचान देता है, बल्कि देश के युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. मिश्र की सफलता वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में समर्पण, गुणवत्ता और उत्कृष्टता का उदाहरण मानी जा रही है।