एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'

वाराणसी : एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें एलआईसी में निवेश का झांसा देकर फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड थमा दिए गए.
पुलिस के अनुसार जंसा थाना क्षेत्र के बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को एलआईसी में पैसा निवेश कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने एलआईसी में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड दिए. पीड़ितों को बताया गया कि संबंधित कंपनियां एलआईसी से जुड़ी हैं और इनमें निवेश करने पर अधिक लाभ मिलेगा. आरोप है कि किस्तों और एकमुश्त रकम के रूप में ग्रामीणों से कुल 39 लाख सात हजार रुपये लिए गए. इनमें दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.
शिकायत के मुताबिक, जब पॉलिसी की परिपक्वता पूरी होने पर ग्रामीणों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे. बाद में उन्हें निवेश में धोखाधड़ी का पता चला. 26 जुलाई को ग्रामीणों ने अशोक कुमार शर्मा को रोककर रुपये वापस करने की मांग की. पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी भाग गई है और अब कोई रकम वापस नहीं मिलेगी. विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है.
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पीड़ितों ने 28 जुलाई को जंसा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अशोक कुमार पटेल, राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम समेत अन्य पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की. पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई. थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुकेश और रितेश कुमार सिंह उर्फ करिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.



