उत्तराखंड के 40 शिक्षकों ने बीएचयू का किया शैक्षिक भ्रमण, शिक्षा-शोध और मालवीय जी के आदर्शों से हुए रूबरू

वाराणसी: मुख्यमंत्री-उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना के तहत उत्तराखंड के 40 शिक्षकों का दल काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शैक्षिक भ्रमण पर पहुंचा। तीन दिवसीय इस भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, शोध एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का अवलोकन किया और विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर उच्च शिक्षा की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र का दौरा किया, जहां उन्हें महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के जीवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इतिहास तथा केंद्र की शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराया गया। केंद्र की समन्वयिका प्रो. सुतपा दास ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. उषा त्रिपाठी ने महामना के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए वृत्तचित्र का प्रदर्शन कराया। प्रतिभागियों को केंद्र द्वारा प्रकाशित महामना की संक्षिप्त जीवनी भी भेंट की गई।

भ्रमण के पहले दिन आयोजित परिचय सत्र में छात्र अधिष्ठाता डॉ. रंजन कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की स्थापना, विकास यात्रा और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीएचयू केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की महान परिकल्पना का साकार रूप है। सहायक कुलसचिव अशोक कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था से शिक्षकों को अवगत कराया।
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दोपहर के सत्र में शिक्षकों के दल ने पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का भ्रमण किया। विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने विभाग की 50 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। इसके बाद शिक्षकों ने केंद्रीय ग्रंथालय का भ्रमण किया और परिसर स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
कार्यक्रम के अंत में शैक्षिक भ्रमण के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुमार सैनी एवं दल के सदस्यों ने आयोजन को ज्ञानवर्धक बताते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।



