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​करोड़ों रुपये से चमकेगी शहर के 15 वार्डों की 62 सड़कें, नगर निगम ने तेज की टेंडर प्रक्रिया...

​करोड़ों रुपये से चमकेगी शहर के 15 वार्डों की 62 सड़कें, नगर निगम ने तेज की टेंडर प्रक्रिया...
Jul 03, 2026, 07:11 AM
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Posted By Gaandiv

​वाराणसी : नगर निगम शहर की बुनियादी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में जुटा हुआ है. इस क्रम में 3.26 करोड़ रुपये की लागत से शहर की 62 सड़कों, गलियों और बुनियादी परियोजनाओं के निर्माण व मरम्मत के लिए टेंडर की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इस महा-योजना के तहत शहर के 15 वार्डों की गलियों की मरम्मत, इंटरलॉकिंग, चौका लगाने और जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य प्रस्तावित है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त रास्तों और जलभराव की समस्या से स्थाई मुक्ति दिलाने के लिए इन महत्वपूर्ण विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है.


​ऐसे में शहर के विभिन्न वार्डों की अंदरूनी गलियों के जल्द कायाकल्प होने की उम्मीद है. इसमें भेलूपुर जोन के 12 वार्डों (वार्ड संख्या 22, 23, 25, 26, 28, 36, 47, 50, 51, 54, 56 और 57) के साथ-साथ गोला दीनानाथ (वार्ड 84), कमालपुरा (वार्ड 100), राजघाट (वार्ड 15) और करसड़ा प्लांट क्षेत्र भी शामिल हैं. इन सभी 15 वार्डों व क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सड़कों व गलियों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिसके तहत भेलूपुर, सीरगोवर्धनपुर, अशोकपुरम, सुंदरपुर, भगवानपुर, मदनपुरा, बिरदोपुर, छोटी पियरी (गोला दीनानाथ) और कमलगड़हा (कमालपुरा) जैसे घने इलाकों की अंदरूनी गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स, सीसी रोड का निर्माण और चौका रिसेटिंग का कार्य शामिल है.


इसके साथ ही इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से स्थाई रूप से निपटने के लिए नेवादा (भिखारीपुर तिराहा से एपेक्स हॉस्पिटल तक), सुन्दरपुर, छित्तुपुर खास और खुशहाल नगर में करोड़ों की लागत से भूमिगत जल निकासी (ड्रेनेज) पाइपलाइन बिछाने का काम भी होगा. इसके अलावा जन-सुविधाओं और क्षेत्रीय सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए साकेत नगर में शीतला माता मंदिर के पास दो भव्य हॉल व विश्राम स्थल, सीरगोवर्धनपुर में अत्याधुनिक व्यायामशाला, कमालपुरा मैदान के पास चारकुंआ की मरम्मत तथा नेवादा व बिरदोपुर में क्रमशः सरदार वल्लभ भाई पटेल व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों के आसपास बाउंड्रीवॉल, छतरी व रेलिंग निर्माण जैसे जनहित के कार्य भी इसी स्वीकृत धनराशि से सुनिश्चित किए जाएंगे.


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​तीन साल तक रहेगी ठेकेदारों पर रख-रखाव की जिम्मेदारी


नगर आयुक्त ने बताया कि सभी निर्माण कार्यों के अनुरक्षण और रख-रखाव की जिम्मेदारी तीन वर्ष तक संबंधित कार्यदायी फर्म या ठेकेदार की होगी. इस नियम के तहत कार्य पूर्ण होने के तीन वर्ष बाद ही जमानत (परफॉर्मेंस सिक्योरिटी) की धनराशि वापस की जाएगी. कार्यों की पारदर्शिता के लिए काम शुरू होने के पूर्व, कार्य के दौरान तथा समाप्ति के बाद अनिवार्य रूप से जियो टैगिंग (फोटोग्राफ) कराई जाएगी. इसके साथ ही संबंधित कार्यदायी फर्म या ठेकेदार को निर्माण सामग्री की जांच आईआईटी बीएचयू, राजकीय प्रयोगशाला या एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब से करानी होगी और जांच रिपोर्ट के बाद ही भुगतान की कार्रवाई की जाएगी. अनुबंध गठन के दौरान या उसके बाद यदि किसी ठेकेदार के दस्तावेज कूटरचित (फर्जी) पाए जाते हैं, तो उसका अनुबंध तुरंत निरस्त कर फर्म को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा.

बीएचयू में स्वरचित हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता, 20 प्रतिभागियों ने रचनाओं से हिंदी और काशी का किया गुणगान
बीएचयू में स्वरचित हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता, 20 प्रतिभागियों ने रचनाओं से हिंदी और काशी का किया गुणगान
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में चल रहे हिंदी माह-2026 के तहत शनिवार को विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कार्मिकों के लिए स्वरचित हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समिति कक्ष में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक कविताओं के माध्यम से हिंदी, भारतवर्ष, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, काशी और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की विशेषताओं का भावपूर्ण वर्णन किया।प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ करते हुए हिंदी भाषा के प्रति समर्पण और गौरव की भावना व्यक्त की। कविताओं में भारत की विविधता, काशी की सांस्कृतिक विरासत और महामना के योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को महामना के अभूतपूर्व प्रयासों का परिणाम बताते हुए इसे ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखने वाला संस्थान बताया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. वशिष्ठ अनूप, डॉ. संजीव सराफ और प्रो. उर्वशी गहलौत शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की कविताओं, प्रस्तुति और विषयवस्तु के आधार पर मूल्यांकन किया।कार्यक्रम के दौरान हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने निर्णायक मंडल के सदस्यों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमेश सिंह ने किया, जबकि अंशुमान पटेल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।ALSO READ : सुब्रतो कप में यूपी का दम दिखाएगी वाराणसी की टीमकार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक कुलसचिव विकास कुमार, रामजी त्रिपाठी, कीर्ति शंकर दुबे, रागिब हुसैन और रोहित आनंद का सहयोग रहा।
सुब्रतो कप में यूपी का दम दिखाएगी वाराणसी की टीम
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वाराणसी : मैदान वही होगा, मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर का और चुनौती देश-विदेश की टीमों से. ऐसे में वाराणसी के युवा फुटबॉलरों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका है. 65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट में विकास इंटर कॉलेज की अंडर-17 बालक टीम उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी. नई दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम में 15 सितंबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता के लिए टीम 13 सितंबर को रवाना होगी.प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए विकास इंटर कॉलेज की टीम ने जमकर पसीना बहाया है.शुक्रवार को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर में खिलाड़ियों को कोच रशीद अनवर ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान खिलाड़ियों की तकनीक, पासिंग, गोल करने की क्षमता, फिटनेस और मैच की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया.चिप शॉट से थ्रू पास तक पर जोरप्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को मैच की छोटी-छोटी बारीकियों से रूबरू कराया गया. विपक्षी खिलाड़ी को चकमा देकर चिप शॉट कब और किस स्थिति में लगाना है, इसका विशेष अभ्यास कराया गया. इसके अलावा साइड पास और थ्रू पास के दौरान गेंद की गति, दिशा और समय का ध्यान रखने की तकनीक भी सिखाई गई.मैच के दौरान अगर मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है तो पेनल्टी शूटआउट भी निर्णायक हो सकता है. इसे देखते हुए खिलाड़ियों को पेनल्टी शूट लेने की तकनीक के साथ मानसिक रूप से दबाव संभालने का भी अभ्यास कराया गया. टीम प्रबंधन ने संभावित पेनल्टी शूटआउट के लिए खिलाड़ियों की भूमिका और क्रम पर भी तैयारी की है.ALSO READ : पिता की नगरी में विराजेंगे पुत्र गजानन, सोमवार को स्थापित होगी लालबाग के राजा की प्रतिमूर्तिउत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने से टीम के खिलाड़ियों में खासा उत्साह है. 15 दिन के शिविर के दौरान खिलाड़ियों ने कठिन अभ्यास के साथ टीम गेम पर भी विशेष ध्यान दिया। अब टीम दिल्ली में अपने प्रदर्शन को लेकर तैयार है.विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि टीम ने प्रतियोगिता के लिए पूरी मेहनत की है. हमारा प्रयास है कि खिलाड़ी दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और उत्तर प्रदेश के साथ वाराणसी का नाम भी रोशन करें.
पिता की नगरी में विराजेंगे पुत्र गजानन, सोमवार को स्थापित होगी लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति
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वाराणसी : काशी में एक बार फिर महाराष्ट्र की गणेश भक्ति की झलक देखने को मिलेगी। श्रीकाशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से 18वां श्रीगणेश उत्सव सोमवार से ठठेरी बाजार स्थित शेरवाली कोठी में शुरू होगा। पांच दिवसीय उत्सव के पहले दिन मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति को मराठी परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद स्थापित किया जाएगा। प्रतिमूर्ति रविवार को मुंबई से वाराणसी पहुंचेगी। आयोजन स्थल को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।सोमवार को सुबह गणेश भगवान की स्थापना और पूजा-अर्चना के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। सुबह और रात नौ बजे महाआरती होगी। शाम छह बजे सुप्रसिद्ध भजन गायिका पूजा पांड्या भजनों की प्रस्तुति देंगी। इसके बाद शाम सात बजे जय पांडेय अपने साथियों के साथ भजन प्रस्तुत करेंगे।15 सितंबर को सुबह महाआरती के बाद शाम पांच बजे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और छह बजे 15 वर्ष तक के बच्चों की डांस प्रतियोगिता होगी। 16 सितंबर को शाम पांच बजे चित्रकला, छह बजे मेहंदी प्रतियोगिता और रात आठ बजे कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम होगा। 17 सितंबर को शाम पांच बजे हल्दी-कुमकुम, छह बजे विजय वाल्मीकि ग्रुप की झांकी और शाम 7:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान समारोह आयोजित होगा।ALSO READ : तिब्बती चिकित्सा ग्लोबल वेलनेस इंडस्ट्री का बनेगी हिस्सा: राष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने जताई उम्मीद.18 सितंबर को सुबह नौ बजे महाआरती के बाद दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा में महाराष्ट्र से आया 80 सदस्यीय दल विशेष प्रस्तुति देगा। समिति के अनुसार छह फीट ऊंची प्रतिमूर्ति मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से तैयार की गई है।समारोह के संचालन के लिए समिति में वरिष्ठ संरक्षक माणिक राव पाटिल, संरक्षक संतोष पाटिल व सुहास पाटिल, अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी, महामंत्री अन्ना मोरे, कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे, उपाध्यक्ष रवि सेठ, कार्यक्रम संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़ और मीडिया प्रभारी डॉ. कैलाश सिंह विकास समेत अन्य पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। समिति ने श्रद्धालुओं से पांच दिवसीय गणेश उत्सव में शामिल होने की अपील की है।