बीएचयू के प्रोफेसर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज, यह बताई जा रही वजह

वाराणसी : हाईवे हास्पिटल के आपरेशन थिएटर सहायक जितेंद्र यादव का शव वर्ष 2019 में 30 जुलाई को मिर्जापुर के अहरौरा स्थित डैम में बरामद होने के मामले में रोहनिया पुलिस ने बीएचयू के एनेस्थिसिया विभाग के प्रोफेसर डा. राजेश मीना के खिलाफ हत्या करने, धमकी और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे की जांच अब शुरू हो गई है. दिवंगत जितेंद्र के भाई ने कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

दिवंगत जितेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र यादव ने बीते 28 जनवरी को कोर्ट में गुहार लगाई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया. इसके बाद धर्मेंद्र यादव ने न्यायालय में दुबारा आवेदन किया, जिसके फलस्वरूप मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर छह फरवरी को रोहनिया थाना प्रभारी ने केस दर्ज किया. धर्मेंद्र के अनुसार, जितेंद्र यादव रोहनिया थाना क्षेत्र के अमरा स्थित हाईवे हास्पिटल में कार्यरत थे. आरोप है कि डाक्टर राजेश मीना एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में वहां अपनी सेवाएं देने आते थे, जिससे जितेंद्र और डाक्टर राजेश के बीच अच्छे संबंध बन गए थे.
धर्मेंद्र ने बताया कि जितेंद्र के हाथ में प्रोफेसर डा. राजेश मीना के कुछ आपत्तिजनक वीडियो लगे थे. आरोप है कि डाक्टर राजेश ने उन वीडियो को प्राप्त करने और नष्ट करने के लिए जितेंद्र पर दबाव बनाया. इसी नाराजगी के चलते प्रो. डा. राजेश ने जितेंद्र यादव की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि उन्होंने पहले जितेंद्र को शराब पिलाई और फिर अहरौरा ले जाकर डैम में डाल दिया. आरोप है कि इस वीडियो का संबंध एक नर्स से जुड़ा था.
इस मामले में पुलिस ने अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है. पुलिस ने बताया कि जितेंद्र के शव को बरामद करने के बाद प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि यह मामला संदिग्ध है. प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि जितेंद्र की हत्या की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को आगे बढ़ाया.
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धर्मेंद्र यादव ने न्यायालय में प्रस्तुत किए गए अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि जितेंद्र की हत्या के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के लिए पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने न्यायालय से यह भी अनुरोध किया कि मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि सच सामने आ सके. इस मामले में अब रोहनिया पुलिस ने प्रोफेसर डा. राजेश मीना के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी.



