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महिला को उम्रकैद की सजा, इस वजह से सहेली की फावड़े से काट दी थी गदर्न...

महिला को उम्रकैद की सजा, इस वजह से सहेली की फावड़े से काट दी थी गदर्न...
Jul 01, 2026, 08:50 AM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसीः जिस महिला से समलैंगिंक संबंध था उसने संबंधों में धोखा दिया तो फावड़े से गर्दन काटकर जान जान लेने वाली तक्खू की बौली गांव की राखी वर्मा को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई. चार साल पहले कपसेठी थाना क्षेत्र में हुई घटना में अपर जिला जज (षष्ट्म) आलोक कुमार की अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर राखी वर्मा को दोषी करार दिया. उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना देने पर अदालत ने 70 प्रतिशत धनराशि बतौर क्षतिपूर्ति मृतका के बच्चों को देने का आदेश दिया है. अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी संतोष तिवारी, अधिवक्ता सोनाली जायसवाल और वादी के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने पक्ष रखा.


अभियोजन के अनुसार तक्खू की बौली (मटुका,सेवापुरी) की रहने वाली कंचन वर्मा के देवर राजीव सिंह पटेल ने 21 अप्रैल 2022 को कपसेठी थाने में राखी वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि सुबह लगभग 9.30 बजे राखी वर्मा ने अपने मोबाइल से काल करके उसकी भाभी कंचन को अपने घर बुलाया था. दोनों के बीच पहले से अच्छे संबंध थे. इस पर उसके कंचन के पति संजय उसे अपनी बाइक से राखी के घर छोड़ आए. कुछ समय बाद लगभग 10.13 बजे राखी संजय के मोबाइल पर फोन करके बोली कि 112 नम्बर पर फोन करके आइये और कंचन ले के जाइये. संजय राखी वर्मा के घर पहुंचा तो पहली मंजिल के कमरे का दृश्य देखकर उसके होड़ उड़ गए. राखी उसकी पत्नी कंचन की हत्या करके फावड़े के साथ बैठी थी. संजय ने इसकी जानकरी अपने माता-पिता को. संजय के परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां राखी के साथ उसकी भाभी सीमा, भाई अमित कुमार, पिता बजरंगी और राखी की मां सावित्री मौजूद थे. शोरगुल सुनकर आसपास के लोग भी वहां जुट गए. घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने राखी को फावड़े संग गिरफ्तार कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.


हत्या से पहले बनाया था अंतरंग संबंध


विवेचना के दौरान राखी ने पुलिस को बताया कि कंचन से उसका समलैंगिक संबंध था. एक बार वह कंचन के घर में उसके कमरे में गयी थी तब उसने देखा कि वहां कैमरा आन करके मोबाइल रखा हुआ था. इसमें वीडियो चालू था. मेरे और कंचन के बीच अंतरंग संबंध होने की जानकारी उसके पति को थी. उसे शक हुआ तो कंचन से उस मोबाइल के बारे में पूछा. उसने अपने पति को बुला लिया लेकिन उसने मोबाइल नहीं दिखाया. तब उसे विश्वास हो गया कि कंचन दोनों के अंतरंग पलों को कैमरे में रिकार्ड करके अपने पति को दिखाती है. ये लोग इसके पहले भी वीडियो बनाये होंगे. राखी ने लोकलज्जा के कारण ये बात किसी को नहीं बताया लेकिन उसे अपने शोषण का डर था. राखी ने इससे बचने के लिए कंचन की हत्या करने की साजिश रची. साजिश के तहत कंचन को अपने घर बुलाया. घर के ऊपर के कमरे में एक घंटा तक दोनों ने बात किया और आपस में शारीरिक संबंध बनाया. कंचन के कहने पर राखी ने उसके सिर और आंख पर दुपट्टा बांध दिया फिर फावड़ा से उसका गला काट जान ले ली. राखी का कहना था कि कंचन और उसके पति ने मिलकर उसे ग्राम सभा का चुनाव लड़ाया था. चुनाव में उसका काफी आर्थिक शोषण किया था. कभी दस हजार तो कभी पांच हजार रुपया मांगते थे. पुलिस ने विवेचना पूरी कर राखी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया. गिरफ्तारी के समय से ही राखी वर्मा जेल में बंद है. अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह परीक्षित कराए गए.


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प्यार में मिल रहा धोखा, रिश्तों का हो रहा कत्ल


बदलते वक्त में रिश्तों के मायने भी बदलने लगे हैं. प्यार में धोखा मिल रहा तो रिश्तों को कत्ल हो रहा है. वर्ष 2021 में चोलापुर में व्यापारी राजेश जायसवाल की हत्या हुई थी. पुलिस ने इस मामले में उसकी बेटी और उसके प्रेमी को आरोपी बनाया. पुलिस के अनुसार दोनों ने शूटर की मदद से हत्या कराई थी. वर्ष 2023 में फतेहगढ़ के देवांशु की हत्या के मामले में उसकी प्रेमिका बीएचयू की छात्रा और छात्रा के नए प्रेमी राहुल सेठ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. आरोप है कि राहुल ने शादाब की मदद से उसकी हत्या कराई. शिवपुर के लक्ष्मणपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की हत्या के मामले में अवैध संबंध का एंगल सामने आया था. रामनगर में 2025 में अवैध संबंध छिपाने के लिए महिला पर अपने दस साल के बेटे की हत्या कराने का आरोप लगा था.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।