वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजह

वाराणसी : शहर के लिए मंगलवार की सुबह अमंगल भरी रही. भारी बारिश के दौरान अलग - अलग हादसों में दंपती समेत पांच लोगों की मौत हो गई. कहीं करंट तो कहीं जर्जर दीवार और मकान हादसों की वजह बनी. मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. पोस्ट ऑफिस के पास स्थित एक पुराने मकान की जजर्र दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. मलबे में दबने से दंपती की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान रविन्द्र मिश्र (62 वर्ष) और उनकी पत्नी प्रतिमा देवी (55 वर्ष) के रूप में हुई है.
बताया जा रहा है कि दंपती मूल रूप से झारखंड के गढ़वा जिले के डुमरिया के रहने वाले थे. पिछले कई वर्षों से वह चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. जिस कैंपस में वे रहते थे, वह राजेश दौलिया का बताया जा रहा है. वहीं एक हिस्से में दीवार बनी हुई थी, जो बारिश के कारण कमजोर हो गई थी. परिजनों के अनुसार दोनों पति-पत्नी चांदपुर स्थित कैपकोन कंपनी में काम करते थे, जहा वायर बनाने का काम होता है. उनका बेटा आनंद मिश्र भी चांदपुर की ही एक कंपनी में काम करता है. सोमवार रात उसकी नाइट ड्यूटी थी. सुबह जब वह ड्यूटी से लौटा तो देखा कि घर की दीवार गिर गई है और उसके माता-पिता मलबे में दबे हुए हैं. यह देख उसके होश उड़ गए. उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी.
सूचना के बाद मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही फायर विभाग, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई. टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बारिश के कारण दीवार कमजोर होने से हादसा हुआ है. मामले की जांच की जा रही है. घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है.
सीर गोवर्धन में कच्चा मकान गिरा
लंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धन (वार्ड नंबर 23) में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करती एक दर्दनाक घटना सामने आई है. हरिजन बस्ती में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक जमींदोज हो गया. इस हादसे में मकान मालिक और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए. जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे राम जी का कच्चा मकान बारिश की वजह से अचानक भरभराकर गिर पड़ा. उस वक्त राम जी अपनी पत्नी के साथ अंदर सो रहे थे. तेज आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दंपती को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया. हादसे में उनके बेटा-बेटी को भी हल्की चोटें आई हैं. वहीं, मलबे में दबने से परिवार की एक पालतू बकरी और दो कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर गोवर्धनपुर में आज भी करीब 100 से अधिक परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं. लगातार हो रही बारिश से इन मकानों के ढहने की आशंका बनी हुई है. क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए और कोई बड़ी जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा.
घटना के बाद मौके पर तुरंत प्रशासनिक मदद न पहुंचने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई. मौके पर पहुंचे वार्ड नंबर 23 के सभासद राम सिंह यादव उर्फ 'कल्लू' ने प्रभावित परिवार से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि वह संबंधित लेखपाल से बात कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करवाएंगे, ताकि जिन जरूरतमंदों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें जल्द से जल्द पक्का मकान स्वीकृत कराया जा सके. क्षेत्र के निवासियों ने वाराणसी प्रशासन से मांग की है कि पूरी बस्ती का तुरंत सर्वे कराकर जर्जर और कच्चे मकानों को चिन्हित किया जाए और पात्र गरीबों को तत्काल आवास योजना के तहत राहत प्रदान की जाए.

करंट की चपेट में आने से तीन की मौत
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा स्थित काजीपुर खुर्द में मंगलवार सुबह बारावफात की सजावट के दौरान करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, सलीमुद्दीन उर्फ पप्पू (45) अपने 17 वर्षीय बेटे अनस के साथ घर के सामने बारावफात की सजावट कर रहे थे. इसी दौरान अनस करंट की चपेट में आ गया. बेटे को बचाने के प्रयास में पिता सलीमुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, वाटर कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से चेतगंज निवासी करीब 55 वर्षीय मोदनवाल की भी मौत हो गई. घटना के बाद तीनों को कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार के अनुसार, तीनों की मौत करंट लगने से हुई है.
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जलजमाव ने बढाई दुश्वारी
भारी बारिश से बीएचयू में कई पेड़ गिर पड़े. सरसुंदर लाल अस्पताल पानी-पानी हो गया. मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बीती रात से शुरू हुई झमाझम बारिश के बाद नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है. बनारस के कई क्षेत्रों में जल जमाव होने के कारण स्थानीय लोगों को ढेरों परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला तेलियाना में बारिश का पानी अभी तक सड़कों पर जमा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया और पानी की निकासी नहीं हुई, तो आने वाली बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है. सड़कों पर पहले से जमा पानी के कारण लोगों को आशंका है कि तेज बारिश होने पर पानी घरों और दुकानों में घुस सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. पिंडरा तहसील परिसर में बारिश का पानी भरने से फरियादियों और अधिवक्ताओं को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पडा. एक दिन के बारिश ने तहसील प्रशासन के पानी निकासी के तमाम दावों की पोल खोल दी. प्रदेश की नम्बर वन तहसील की व्यवस्था हवा हवाई मिली.



