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वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजह

वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजह
Aug 25, 2026, 09:08 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : शहर के लिए मंगलवार की सुबह अमंगल भरी रही. भारी बारिश के दौरान अलग - अलग हादसों में दंपती समेत पांच लोगों की मौत हो गई. कहीं करंट तो कहीं जर्जर दीवार और मकान हादसों की वजह बनी. मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. पोस्ट ऑफिस के पास स्थित एक पुराने मकान की जजर्र दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. मलबे में दबने से दंपती की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान रविन्द्र मिश्र (62 वर्ष) और उनकी पत्नी प्रतिमा देवी (55 वर्ष) के रूप में हुई है.


बताया जा रहा है कि दंपती मूल रूप से झारखंड के गढ़वा जिले के डुमरिया के रहने वाले थे. पिछले कई वर्षों से वह चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. जिस कैंपस में वे रहते थे, वह राजेश दौलिया का बताया जा रहा है. वहीं एक हिस्से में दीवार बनी हुई थी, जो बारिश के कारण कमजोर हो गई थी. परिजनों के अनुसार दोनों पति-पत्नी चांदपुर स्थित कैपकोन कंपनी में काम करते थे, जहा वायर बनाने का काम होता है. उनका बेटा आनंद मिश्र भी चांदपुर की ही एक कंपनी में काम करता है. सोमवार रात उसकी नाइट ड्यूटी थी. सुबह जब वह ड्यूटी से लौटा तो देखा कि घर की दीवार गिर गई है और उसके माता-पिता मलबे में दबे हुए हैं. यह देख उसके होश उड़ गए. उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी.


सूचना के बाद मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही फायर विभाग, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई. टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बारिश के कारण दीवार कमजोर होने से हादसा हुआ है. मामले की जांच की जा रही है. घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है.


सीर गोवर्धन में कच्‍चा मकान गिरा


लंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धन (वार्ड नंबर 23) में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करती एक दर्दनाक घटना सामने आई है. हरिजन बस्ती में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक जमींदोज हो गया. इस हादसे में मकान मालिक और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए. जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे राम जी का कच्चा मकान बारिश की वजह से अचानक भरभराकर गिर पड़ा. उस वक्त राम जी अपनी पत्नी के साथ अंदर सो रहे थे. तेज आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दंपती को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया. हादसे में उनके बेटा-बेटी को भी हल्की चोटें आई हैं. वहीं, मलबे में दबने से परिवार की एक पालतू बकरी और दो कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर गोवर्धनपुर में आज भी करीब 100 से अधिक परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं. लगातार हो रही बारिश से इन मकानों के ढहने की आशंका बनी हुई है. क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए और कोई बड़ी जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा.


घटना के बाद मौके पर तुरंत प्रशासनिक मदद न पहुंचने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई. मौके पर पहुंचे वार्ड नंबर 23 के सभासद राम सिंह यादव उर्फ 'कल्लू' ने प्रभावित परिवार से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि वह संबंधित लेखपाल से बात कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करवाएंगे, ताकि जिन जरूरतमंदों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें जल्द से जल्द पक्का मकान स्वीकृत कराया जा सके. क्षेत्र के निवासियों ने वाराणसी प्रशासन से मांग की है कि पूरी बस्ती का तुरंत सर्वे कराकर जर्जर और कच्चे मकानों को चिन्हित किया जाए और पात्र गरीबों को तत्काल आवास योजना के तहत राहत प्रदान की जाए.


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करंट की चपेट में आने से तीन की मौत


वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा स्थित काजीपुर खुर्द में मंगलवार सुबह बारावफात की सजावट के दौरान करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, सलीमुद्दीन उर्फ पप्पू (45) अपने 17 वर्षीय बेटे अनस के साथ घर के सामने बारावफात की सजावट कर रहे थे. इसी दौरान अनस करंट की चपेट में आ गया. बेटे को बचाने के प्रयास में पिता सलीमुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, वाटर कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से चेतगंज निवासी करीब 55 वर्षीय मोदनवाल की भी मौत हो गई. घटना के बाद तीनों को कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार के अनुसार, तीनों की मौत करंट लगने से हुई है.


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जलजमाव ने बढाई दुश्‍वारी


भारी बारिश से बीएचयू में कई पेड़ गिर पड़े. सरसुंदर लाल अस्‍पताल पानी-पानी हो गया. मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बीती रात से शुरू हुई झमाझम बारिश के बाद नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है. बनारस के कई क्षेत्रों में जल जमाव होने के कारण स्थानीय लोगों को ढेरों परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला तेलियाना में बारिश का पानी अभी तक सड़कों पर जमा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया और पानी की निकासी नहीं हुई, तो आने वाली बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है. सड़कों पर पहले से जमा पानी के कारण लोगों को आशंका है कि तेज बारिश होने पर पानी घरों और दुकानों में घुस सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. पिंडरा तहसील परिसर में बारिश का पानी भरने से फरियादियों और अधिवक्ताओं को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पडा. एक दिन के बारिश ने तहसील प्रशासन के पानी निकासी के तमाम दावों की पोल खोल दी. प्रदेश की नम्बर वन तहसील की व्यवस्था हवा हवाई मिली.

आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल,  कांग्रेस का प्रदर्शन
आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, कांग्रेस का प्रदर्शन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और विकास के दावों की पोल खोल दी, महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों, गलियों, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मुख्य द्वार पर भी भारी जलजमाव देखने को मिला, जिससे मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.इस दौरान महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार है, वाराणसी से प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से लगातार सांसद हैं, और शहर को विश्वस्तरीय बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है, कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर की सड़कें और चौराहे जलमग्न हो जाते हैं.चंचल शर्मा ने कहा कि “शहर की हर गली, चौराहे और प्रमुख मार्ग पर जलजमाव की स्थिति दिखाई दे रही है, यह नगर निगम और भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहा है, जब महज आधे घंटे की बारिश में यह हाल हो जाता है, तो बड़े-बड़े विकास के दावों की वास्तविकता खुद सामने आ जाती है.उन्होंने कहा कि BHU का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज, छात्र-छात्राएं, उनके परिजन और आम नागरिक आवागमन करते हैं, ऐसे स्थान पर जलजमाव होना, नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, उन्होंने सरकार और नगर निगम से मांग की कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं.ALSO READ : वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायलयुवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता को कागजों और विज्ञापनों में विकास नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर सड़क, साफ-सफाई और सुचारु जलनिकासी व्यवस्था चाहिए.वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में हर बारिश के बाद जलजमाव की समस्या का सामने आना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.इस अवसर पर महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस धीरज सोनकर, महानगर महासचिव युवा कांग्रेस आयुष पटेल, महानगर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आस्तोष श्रीवास्तव सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के सिंगुलपुर अंडरपास पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को बगल से टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई. हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी है. हादसे की खबर लगते ही युवती के परिवार में मातम पसर गया.जानकारी के अनुसार, मृतका जोया खां (उम्र 21, अविवाहित, पुत्री आलम खां) अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर गाजीपुर से वाराणसी की ओर जा रही थीं. इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंपर चौबेपुर की ओर से भगतुवा चौराहे की तरफ जा रहा था. अंडरपास पर दोनों वाहनों की भीषण टक्कर हुई. जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. पिता-पुत्री सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को नजदीकी नरपतपुर सीएससी पहुँचाया. वहाँ डॉक्टरों ने पिता का प्राथमिक इलाज शुरू किया, जबकि पुत्री जोया खां को जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया.सूचना के बाद युवती के अन्य परिजन अस्पताल पहुँचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने प्रशासन से न्याय और डंपर चालक की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. मृतका का पता चुप्पेपुर, थाना शिवपुर, वाराणसी बताया गया है. घायल पिता की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसीस्थानीय पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है. थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
वाराणसी : काशी में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी लगातार जारी रही. बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गईं हैं. वहीं रात से सुबह तक हुई बारिश से बीएचयू परिसर में कमर भर पानी भर गया. इस दौरान बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों को कमर भर पानी में घुसकर जाना पड़ा. बच्चे व बुजुर्गों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. उधर, बरेका में पानी भरने के कारण गेट बंद कर दिया गया है. ऐसे में आवागमन बाधित है. सोमवार की देर शाम से हो रही बारिश में बीएचयू अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं. पूरा अस्पताल तालाब बन गया.मंगलवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी जाने वाले रास्ते के साथ ही खून जांच काउंटर, पर्ची, दवा काउंटर वाले रास्ते पर एक फीट से ज्यादा पानी भरा रहा. पानी भरने के कारण अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं जा सका. लोग मरीजों को कंधे पर बिठाकर ओपीडी और इमरजेंसी में पहुंचे. यह पहली बार नहीं है.हर वर्ष बारिश के मौसम में अस्पताल की यही स्थिति देखने को मिलती है. यहां हर दिन यूपी, बिहार, झारखंड आदि जगहों से करीब 6,000 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं मरीजों की भारी भीड़ के मुकाबले अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आती हैं. लेकिन जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार परिसर का दृश्य देखकर बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटने पर मजबूर हो गए. जलभराव का सबसे गंभीर असर बाल रोग विभाग पर पडा. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक पानी के बीच काफी परेशान नजर आए. नेत्र एवं ईएनटी विभाग में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा होती है, जिन्हें कमर भर पानी में चलने में भारी जोखिम उठाना पड़ा.