हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझाव

वाराणसी : हिन्दू बुनकर कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग, वाराणसी परिक्षेत्र कुसुम सिंह से मिला. इस बैठक में बनारस के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने बुनकरों और कारीगरों के हित में आवश्यक कदम उठाने और समस्याओं के समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव भी आया.
बैठक के दौरान रमना टेक्सटाइल पार्क की प्रगति और वहां बुनकरों एवं छोटे वस्त्र उद्यमियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी भी साझा की गई. प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि टेक्सटाइल पार्क का लाभ अधिक से अधिक स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचाया जाना चाहिए. समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि बनारस के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को मजबूत करने के लिए बुनकरों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल, सरकारी योजनाओं का सरल एवं पारदर्शी लाभ, बेहतर बाजार और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि बुनकरों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से मिलना चाहिए.
समिति के महासचिव अनिल मूंदड़ा ने बनारसी वस्त्रों के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने, आधुनिक डिजाइन और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य ने जरी और कढ़ाई से जुड़े कारीगरों के विकास और उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया. कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य ने बुनकरों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने की मांग की.
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प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे बनारसी वस्त्रों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया जा सके. उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी और अन्य पारंपरिक वस्त्रों को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित कर उनकी गुणवत्ता, मौलिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है. इससे बुनकरों और कारीगरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी. बैठक में कुसुम सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि विभागीय स्तर पर सकारात्मक पहल से बनारस के पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी और इससे जुड़े बुनकरों और कारीगरों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा.
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल, महासचिव अनिल मूंदड़ा, उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य, कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.



