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नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुर

नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुर
Mar 12, 2026, 11:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

​वाराणसी: शहर के सर्वांगीण विकास, पर्यावरणीय स्थिरता व नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अब नगर निगम व बीएचयू संयुक्त रूप से कार्य करेगी. शहर के समग्र व नियोजित विकास पर दोनों संस्थाओं के बीच सहमति भी बन गई है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल तथा बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच एक औपचारिक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की भी सहमति बनी. ​इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू शैक्षणिक समन्वय भी है. अब प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे वे शहरी नियोजन और सामाजिक उद्यमिता की बारीकियां सीख सकेंगे.


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जलभराव से मिलेगी मुक्ति


इसके साथ ही बीएचयू के बाहरी क्षेत्रों जैसे मालवीय गेट सिंह द्वार से डाफी तक के सुंदरीकरण और कंदवा में जलभराव रोकने के लिए नई जल निकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा. विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी स्वच्छता प्रबंधन और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे हजारों छात्रों और कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा. निगम की ओर से डोमरी क्षेत्र में शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट (शहरी वन) विकसित किया गया है.


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समझौते के तहत बीएचयू के ख्यातिलब्ध वनस्पति वैज्ञानिक इन पौधों की देखरेख में सक्रिय सहयोग करेंगे. वैज्ञानिक दल समय-समय पर डोमरी का निरीक्षण करेगा और पौधों के समुचित विकास के लिए तकनीकी सुझाव व दिशा-निर्देश प्रदान करेगा. यह पहल न केवल काशी के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि शहरी वनीकरण के एक सफल मॉडल के रूप में पूरे देश के सामने मिसाल पेश करेगी.


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संपत्ति कर विवाद का हुआ स्थाई समाधान


वार्ता के दौरान ​लंबे समय से नगर निगम और बीएचयू के बीच संपत्ति कर को लेकर चला आ रहा गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है. निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में रियायत दे दी है, जिसके बदले बीएचयू शेष बकाया राशि को किस्तों में भुगतान करने पर सहमत हुआ है.

गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
यूपी: HP के 2 अफसरों की हत्या, DGM और मैनेजर को मारी गोलियां
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Badaun: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. जिसमें उपमहाप्रबंधक सुधीर गुप्ता (55 साल) और असिस्टेंट मैनेजर सेल्स हर्षित मिश्रा (40 साल) का नाम शामिल है. इतना ही नहीं घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि, हादसे के बारे में जांच शुरू कर दी गयी है.नाराज था आरोपी...हादसे के बाद प्रथम दृष्टया आरोप अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू सिंह पर है. जानकारी के मुताबिक, अजय प्रताप एथेनॉल प्लांट में वेंडर था. कहा जा रहा है कि अजय प्रताप को छंटनी में हटा दिया था जिसके चलते वह सुधीर गुप्ता से नाराज था. वह उन्हें लगातार धमकियां भी दे रहा था. इस संबंध में सुधीर कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी.ALSO READ : मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्‍सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेरावअस्पताल में हुई मौत...घटना के बाद दोनों अफसरों को अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि वह और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. जल्द ही मामले की विस्तृत जानकारी सामने लाई जाएगी.ALSOREAD : मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूरसुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथियार लेकर प्लांट के अंदर कैसे पहुंच गया. सवाल यह उठ रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को क्यों नहीं रोका और उसकी तलाशी क्यों नहीं ली गई
नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइट
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वाराणसी: शहर को जाम के जंजाल से मुक्त कराने के लिए नगर निगम पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है. इस क्रम में 12 मार्च गुरुवार को स्मार्ट सिटी बैठक सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की अहम बैठक हुई. बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए निजी और सार्वजनिक पार्किंग संचालकों को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया गया. इसके लिए निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से एक सप्ताह के भीतर अपने यहां पार्क होने वाले वाहनों की औसत संख्या, उपलब्ध खाली स्पेस और संचालन पर होने वाले खर्च का विस्तृत विवरण तलब किया है.दरअसल, पार्किंग शुल्क को लेकर लगातार आपत्तियां मिल रही थीं. इन आपत्तियों के तार्किक निस्तारण के लिए निगम ने यह डेटा मांगा है ताकि शुल्क का निर्धारण सही ढंग से किया जा सके. वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को देखते हुए निगम ने पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था पर बल दिया है. नगर आयुक्त द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा के लिए ऐसे स्थल चिह्नित करने के सुझाव मांगे गए हैं जहां चालक सिर्फ सवारी उतारेंगे और तुरंत वहां से निकल जाएंगे. इन स्थलों पर ऑटो खड़ा करने की सख्त मनाही होगी.यह भी पढ़ें: मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूरइस नई व्यवस्था पर विचार करने के लिए ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने निगम से 15 दिन का समय मांगा है. ​बैठक में मुख्य रूप से सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, निजी पार्किंग संचालक, सार्वजनिक पार्किंग के ठेकेदार और ऑटो यूनियन के पदाधिकारी शामिल रहे. नगर आयुक्त ने दो-टूक कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी पक्षों का सहयोग अनिवार्य है.