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फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्ज

फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्ज
Mar 12, 2026, 10:42 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल की महिला शिक्षिका के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि शिक्षिका ने दस्तावेजों में हेरफेर कर स्कूल में नियुक्ति प्राप्त की और बाद में विवाद बढ़ने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने व बदनाम करने का प्रयास भी किया.


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महिला शिक्षिका के दस्तावेज निकले फर्जी


मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि संबंधित महिला शिक्षिका ने अपनी नियुक्ति के समय कई शैक्षणिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे. बाद में जब संस्थान द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई तो उनमें नाम, पिता के नाम और अन्य विवरणों में कई प्रकार की विसंगतियां सामने आईं. आरोप है कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बी.एड. तथा अन्य प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेजों में अलग-अलग नाम और अभिभावक का नाम दर्ज पाया गया.


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शिकायत में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद संस्थान ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर मामला गंभीर हो गया. आरोप है कि इसके बाद संबंधित महिला ने संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सोशल मीडिया और वाट्एप के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित कर उन्हें बदनाम करने और दबाव बनाने की कोशिश की.


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जांच में जुटी पुलिस


बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने पहले इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत का सहारा लिया. अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और दस्तावेजों के दुरुपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. जांच अधिकारी को मामले की विस्तृत पड़ताल कर साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्‍सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेराव
मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्‍सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेराव
वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होन से नाराज ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया. ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया. बतादें कि यह घटना घुरहूपुर सारनाथ के रहने वाले विकास उर्फ विक्की राजभर से संबंधित है. उनकी मौत एक निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से हुई थी. मजदूर के पिता दिनेश राजभर की तहरीर पर मकान मालिक और ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.आरोपियों को बचाने में लगी पुलिस दिनेश राजभर ने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षियों से मिली हुई है और उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है. इस कथित निष्क्रियता से नाराज होकर मृतक के परिजनों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने सारनाथ थाने पर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. सूचना के बाद कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय शुक्ला मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को 48 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया.मृतक के साथी ने बताई आपबीतीमृतक के साथी संदीप राजभर ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि होली से एक दिन पहले, 3 मार्च को, वह अपने दोस्त दशरथ और विकास उर्फ विक्की के साथ बैठा था. इस बीच गांव का शुभम राजभर उन्हें नई बाजार पतेरवाँ स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर मजदूरी के लिए ले गया. मिट्टी गीली और कच्ची होने के कारण सभी ने काम करने से इनकार कर दिया था. संदीप के अनुसार, मकान मालिक बमबम सिंह ने मजदूरों को धमकाकर जबरदस्ती काम करने को मजबूर किया.यह भी पढ़ें: सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसीइसी दौरान मकान की शटरिंग अचानक गिर गई, जिससे संदीप, दशरथ, शुभम और विकास उर्फ विक्की घायल हो गए. सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विकास उर्फ विक्की राजभर को मृत घोषित कर दिया. संदीप राजभर ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के 10 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण ग्रामीणों ने आज थाने का घेराव किया.
सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसी
सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसी
वाराणसी: भगवान बुद्ध की उपदेश स्‍थली सारनाथ में पर्यटक मायूस हैं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि पुरातत्व खंडहर परिसर में भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो पिछले सात महीनों से बंद पड़ा है. यह शो खराब उपकरणों और नए उपकरणों के लिए स्क्रिप्ट फाइनल न होने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है. इस स्थिति के चलते पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जबकि उनके द्वारा इस शो के माध्यम से भगवान बुद्ध की जीवनी के बारे में जानकारी प्राप्त करने की उम्मीद की जाती है.करोड़ों की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शोलगभग 10 वर्ष पहले 7.88 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शो में वर्तमान में 60 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है. हालांकि, बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए प्रोजेक्ट में कुर्सियों की संख्या बढ़ाकर 120 करने की योजना बनाई गई है. नई कुर्सियां पर्यटकों के लिए अधिक आरामदायक होंगी. इसके अलावा, पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच भी लगाई जाएंगी, ताकि गाइड और अन्य लोग भी आराम से बैठ सकें.शो को लेकर पर्यटकों ने जताई आपत्ति लाइट एंड साउंड सिस्टम के पुराने होने के कारण पर्यटकों को पिक्चर और आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई दे रही थी. इस मुद्दे को लेकर पर्यटकों ने कई बार आपत्ति भी जताई. इसके समाधान के लिए पर्यटन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसमें 10 वर्ष पुराने और खराब लेंस को बदलने का अनुरोध किया गया. शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 9.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसमें से एक करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. इसके बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (विद्युत) को बजट जारी करते हुए टेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं.यह भी पढ़ें: बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया यादलाइट एंड साउंड शो के स्क्रिप्ट को फाइनल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक के पास फाइल भेजी गई है. जैसे ही यहां से अनुमोदन मिलेगा, कार्यदायी संस्था काम शुरू करेगी, जिससे पर्यटक जल्द ही लाइट एंड साउंड शो का आनंद उठा सकेंगे. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लाइट एंड साउंड शो कब से शुरू होगा और पर्यटकों को इसका लाभ कब मिलेगा. इस विषय पर जिम्मेदारों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है. सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो की स्थिति पर्यटकों के लिए निराशाजनक बनी हुई है. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कब यह शो पुनः शुरू होगा और पर्यटक भगवान बुद्ध की जीवनी के इस अद्भुत अनुभव का लाभ उठा सकेंगे.
बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 12 मार्च को बरेका सिनेमा हॉल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं महिला सशक्तिकरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति की उपलब्धियों को सम्मानित करना तथा समाज, रेल और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित करना था.समारोह का विधिवत शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुलिका सिंह द्वारा मुख्य अतिथि बरेका महिला कल्याण संगठन की उपाध्यक्ष गौरी श्रीवास्तव को पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई. इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती गौरी श्रीवास्तव, महिला कल्याण संगठन की पदाधिकारियों तथा आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया.सकारात्मकता से भरा वातावरणसमारोह का आरंभ भक्तिपूर्ण शिव वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया. अपने संबोधन में श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि “महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. राष्ट्र के विकास और समाज के सशक्त निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.” इस अवसर पर 01 मार्च से 28 फरवरी 2027 के मध्य सेवानिवृत्त होने वाली महिला कर्मचारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.यह भी पढ़ें: नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुरकार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता डॉ. रचना अग्रवाल (समाज सेविका एवं पूर्व अध्यक्षा – बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) तथा डॉ. मधुलिका सिंह ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए. समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे. पूजा चौधरी के निर्देशन में प्रस्तुत खुशी शर्मा का भावनृत्य शिव वंदना, करुणा सिंह का कविता पाठ तथा निशा, दीप्ति गुप्ता एवं नीतू जैसवार द्वारा प्रस्तुत गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया. इसके अतिरिक्त नारी सशक्तिकरण विषय पर आधारित लघु नाटक, समूह होली नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीकइस अवसर पर महिला कल्याण संगठन की वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या गुरमीत कौर, कोषाध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, सचिव ऋतिका सिंह, मीनाक्षी सिंह, अनुजा खरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में डॉ. प्रेक्षा पाण्डेय, सहायक कार्मिक अधिकारी राम प्रवेश यादव, सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, संयुक्त सचिव कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, सदस्य सुशील कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, संतोष कुमार यादव एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित रहीं. यह आयोजन महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान, उपलब्धियों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीक बन गया. कार्यक्रम का सुरुचिपूर्ण संचालन करुणा सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज ने प्रस्तुत किया.