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प्‍लाट खरीदने और निर्माण से पहले VDA से कर लें ये जानकारी, हर महीने 120 ले आउट स्‍वीकृत

प्‍लाट खरीदने और निर्माण से पहले VDA से कर लें ये जानकारी, हर महीने 120 ले आउट स्‍वीकृत
Mar 12, 2026, 10:02 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: जिले में प्‍लाट खरीदने और निर्माण से पहले विकास प्राधिकरण वाराणसी से ले आउट के बारे में जानकारी कर लें. ऐसा नहीं करने पर नुकसान उठाना पडा सकता है. वीडीए की ओर से हर महीने 120 ले आउट स्वीकृत किए जा रहे हैं. बीते चार माह में 480 ले आउट स्वीकृत किए गए हैं. वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि लेआउट एवं मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाया गया है ताकि आम जनमानस को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.


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उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट के खरीदने, निर्माण से पूर्व यह अवश्य सुनिश्चित करें कि संबंधित लेआउट वीडीए से स्वीकृत है या नहीं ताकि उनका निवेश सुरक्षित रहे. उन्होंने कहा कि अधिनियम एवं प्राधिकरण की समस्त कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंडात्मक नहीं बल्कि शहर का विकास और सुरक्षा है.


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हो सकती है कठोर कार्रवाई


बताया कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 14/15 के तहत मानचित्र स्वीकृति के बिना निर्माण किए जाने की स्थिति में वीडीए सीलिंग, ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई कर सकता है. ऑनलाइन माध्यम से न्यू बिल्डिंग मानचित्र की स्वीकृति 15 दिवस के भीतर प्रदान की जा रही है. साथ ही जिन नागरिकों की ओर से पूर्व में बिना अनुमति के निर्माण किया गया है वे भी शमन प्रक्रिया से भवनों को वैध करा सकते हैं.


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बेहतर संचालन के निर्देश


नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल द्वारा भेलूपुर क्षेत्र के भवनियां पोखरी स्थित MRF (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट एरिया का स्थलीय निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त द्वारा एमआरएफ सेंटर के वर्तमान स्थल को अपर्याप्त बताते हुए इसके विस्तार एवं बेहतर संचालन के दृष्टिगत इसे वर्तमान स्थान से स्थानांतरित कर शंकुल धारा स्थित ट्रांसफर स्टेशन के समीप उपलब्ध उपयुक्त रिक्त भूमि पर नया सेंटर स्थापित किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए.


इसी क्रम में नगर आयुक्त ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने पर विशेष जोर देते हुए डोर-टू-डोर कचरा संकलन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि पर्याप्त मात्रा में वेस्ट की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और प्लांट का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके.

सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसी
सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसी
वाराणसी: भगवान बुद्ध की उपदेश स्‍थली सारनाथ में पर्यटक मायूस हैं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि पुरातत्व खंडहर परिसर में भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो पिछले सात महीनों से बंद पड़ा है. यह शो खराब उपकरणों और नए उपकरणों के लिए स्क्रिप्ट फाइनल न होने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है. इस स्थिति के चलते पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जबकि उनके द्वारा इस शो के माध्यम से भगवान बुद्ध की जीवनी के बारे में जानकारी प्राप्त करने की उम्मीद की जाती है.करोड़ों की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शोलगभग 10 वर्ष पहले 7.88 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शो में वर्तमान में 60 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है. हालांकि, बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए प्रोजेक्ट में कुर्सियों की संख्या बढ़ाकर 120 करने की योजना बनाई गई है. नई कुर्सियां पर्यटकों के लिए अधिक आरामदायक होंगी. इसके अलावा, पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच भी लगाई जाएंगी, ताकि गाइड और अन्य लोग भी आराम से बैठ सकें.शो को लेकर पर्यटकों ने जताई आपत्ति लाइट एंड साउंड सिस्टम के पुराने होने के कारण पर्यटकों को पिक्चर और आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई दे रही थी. इस मुद्दे को लेकर पर्यटकों ने कई बार आपत्ति भी जताई. इसके समाधान के लिए पर्यटन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसमें 10 वर्ष पुराने और खराब लेंस को बदलने का अनुरोध किया गया. शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 9.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसमें से एक करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. इसके बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (विद्युत) को बजट जारी करते हुए टेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं.यह भी पढ़ें: बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया यादलाइट एंड साउंड शो के स्क्रिप्ट को फाइनल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक के पास फाइल भेजी गई है. जैसे ही यहां से अनुमोदन मिलेगा, कार्यदायी संस्था काम शुरू करेगी, जिससे पर्यटक जल्द ही लाइट एंड साउंड शो का आनंद उठा सकेंगे. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लाइट एंड साउंड शो कब से शुरू होगा और पर्यटकों को इसका लाभ कब मिलेगा. इस विषय पर जिम्मेदारों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है. सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो की स्थिति पर्यटकों के लिए निराशाजनक बनी हुई है. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कब यह शो पुनः शुरू होगा और पर्यटक भगवान बुद्ध की जीवनी के इस अद्भुत अनुभव का लाभ उठा सकेंगे.
बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 12 मार्च को बरेका सिनेमा हॉल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं महिला सशक्तिकरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति की उपलब्धियों को सम्मानित करना तथा समाज, रेल और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित करना था.समारोह का विधिवत शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुलिका सिंह द्वारा मुख्य अतिथि बरेका महिला कल्याण संगठन की उपाध्यक्ष गौरी श्रीवास्तव को पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई. इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती गौरी श्रीवास्तव, महिला कल्याण संगठन की पदाधिकारियों तथा आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया.सकारात्मकता से भरा वातावरणसमारोह का आरंभ भक्तिपूर्ण शिव वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया. अपने संबोधन में श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि “महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. राष्ट्र के विकास और समाज के सशक्त निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.” इस अवसर पर 01 मार्च से 28 फरवरी 2027 के मध्य सेवानिवृत्त होने वाली महिला कर्मचारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.यह भी पढ़ें: नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुरकार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता डॉ. रचना अग्रवाल (समाज सेविका एवं पूर्व अध्यक्षा – बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) तथा डॉ. मधुलिका सिंह ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए. समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे. पूजा चौधरी के निर्देशन में प्रस्तुत खुशी शर्मा का भावनृत्य शिव वंदना, करुणा सिंह का कविता पाठ तथा निशा, दीप्ति गुप्ता एवं नीतू जैसवार द्वारा प्रस्तुत गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया. इसके अतिरिक्त नारी सशक्तिकरण विषय पर आधारित लघु नाटक, समूह होली नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीकइस अवसर पर महिला कल्याण संगठन की वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या गुरमीत कौर, कोषाध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, सचिव ऋतिका सिंह, मीनाक्षी सिंह, अनुजा खरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में डॉ. प्रेक्षा पाण्डेय, सहायक कार्मिक अधिकारी राम प्रवेश यादव, सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, संयुक्त सचिव कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, सदस्य सुशील कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, संतोष कुमार यादव एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित रहीं. यह आयोजन महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान, उपलब्धियों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीक बन गया. कार्यक्रम का सुरुचिपूर्ण संचालन करुणा सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज ने प्रस्तुत किया.
नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुर
नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुर
​वाराणसी: शहर के सर्वांगीण विकास, पर्यावरणीय स्थिरता व नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अब नगर निगम व बीएचयू संयुक्त रूप से कार्य करेगी. शहर के समग्र व नियोजित विकास पर दोनों संस्थाओं के बीच सहमति भी बन गई है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल तथा बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच एक औपचारिक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की भी सहमति बनी. ​इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू शैक्षणिक समन्वय भी है. अब प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे वे शहरी नियोजन और सामाजिक उद्यमिता की बारीकियां सीख सकेंगे.जलभराव से मिलेगी मुक्तिइसके साथ ही बीएचयू के बाहरी क्षेत्रों जैसे मालवीय गेट सिंह द्वार से डाफी तक के सुंदरीकरण और कंदवा में जलभराव रोकने के लिए नई जल निकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा. विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी स्वच्छता प्रबंधन और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे हजारों छात्रों और कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा. निगम की ओर से डोमरी क्षेत्र में शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट (शहरी वन) विकसित किया गया है.यह भी पढ़ें: फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्जसमझौते के तहत बीएचयू के ख्यातिलब्ध वनस्पति वैज्ञानिक इन पौधों की देखरेख में सक्रिय सहयोग करेंगे. वैज्ञानिक दल समय-समय पर डोमरी का निरीक्षण करेगा और पौधों के समुचित विकास के लिए तकनीकी सुझाव व दिशा-निर्देश प्रदान करेगा. यह पहल न केवल काशी के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि शहरी वनीकरण के एक सफल मॉडल के रूप में पूरे देश के सामने मिसाल पेश करेगी.संपत्ति कर विवाद का हुआ स्थाई समाधानवार्ता के दौरान ​लंबे समय से नगर निगम और बीएचयू के बीच संपत्ति कर को लेकर चला आ रहा गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है. निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में रियायत दे दी है, जिसके बदले बीएचयू शेष बकाया राशि को किस्तों में भुगतान करने पर सहमत हुआ है.