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खत्म होने के सफर पर ईरान और अमेरिका की जंग, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रखी ये शर्तें...

खत्म होने के सफर पर ईरान और अमेरिका की जंग,  
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रखी ये शर्तें...
Mar 12, 2026, 09:01 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे जंग का आज 13वां दिन है. जिसमें कई लोगों की जान चली गई तो कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गये हैं. जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. इस महायुद्ध में ना जाने कितने लोगों का घर तक तबाह हो चुका है. इस संघर्ष में कई दिनों से पश्चिमी एशिया सुलगने को मजबूर हो चुका है. तो दूसरी ओर ईरान की तरफ से इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करने का दावा किया जा रहा है. लेकिन इन दावों के पीछे ईरान के नवनियुक्त मोजतबा खामेनेई की सरकार ने इस जंग को खत्म करने के लिए तीन शर्तें बताई हैं. जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि, युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी प्रस्ताव में ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जानी चाहिए और यह गारंटी दी जानी चाहिए कि, देश पर आने वाले भविष्य में हमले नहीं होंगे.


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ईरान ने की नुकसान के भरपाई की मांग


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर पोस्ट कर प्रेसिडेंट मसूद पेजेशिकियन ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की भी मांग की है. इसी के आगे पेजेशिकियन ने ये भी लिखा कि, रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करके मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान के वादे को फिर से पक्का किया है. यहूदी शासन और US की ओर शुरू की गई इस लड़ाई को खत्म करने का इकलौता तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की इंटरनेशनल गारंटी देना ही होगा. अगर इन तीनों शर्तों को मान लिया जाता है तो ईरान की राजधाना तेहरान इस जंग को समाप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.


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अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश


ईरानी राष्ट्रपति ने इन सभी के बीच कहा कि, मौजूदा संघर्ष की शुरूआत "जायनिस्ट शासन और अमेरिका" की कार्रवाई से हुई. उनका कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर ठोस समझौता नहीं होता, तब तक के लिए इस महायुद्ध को खत्म करना बिलकुल भी संभव नहीं होगा. ईरान इन देशों सहित अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है और अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है.


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ईरान की यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब युद्ध दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है. फिलहाल, तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे. तेहरान का कहना है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है, इसलिए वो इस युद्ध को अब विराम देनी की चाहत में है. लेकिन इसके लिए जिम्मेदार देशों को जवाबदेह ठहराया जाना जरूरी है.


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जाने कब छिड़ी जंग


दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी ये जंग बीते 28 फरवरी को उस समय शुरू हुआ था. जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से एहतियाती हमला किया. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल दागे. इसके अलावा जॉर्डन, इराक और खाड़ी के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. इन घटनाओं के बाद पूरे मध्य पूर्व में इस बढ़ते तनाव के चलते हालात बद से बत्तर होते नजर आ रहे हैं.

रामनगर पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से वापस कराए 97 हजार रुपये
रामनगर पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से वापस कराए 97 हजार रुपये
वाराणसी: रामनगर पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के चलते साइबर ठगी के शिकार एक युवक को उसके 97,250 रुपये वापस मिल गए हैं. पुलिस के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र निवासी विकास यादव से साइबर ठगों ने बीते एक जुलाई को साइबर जालसाजों का शिकार हो गए थे. ठगों ने उनके बैंक खाते से 97,250 रुपये उड़ा लिए. जैसे ही विकास को पैसे कटने का पता चला, उन्होंने बिना कोई देरी किए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई. ALSO READ : बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.ठगी गई पूरी रकम बैंक स्तर पर ही होल्ड हो गई. पैसे होल्ड होने के बाद विकास यादव ने रामनगर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा से मुलाकात की और अपनी पूरी समस्या बताई. मामले की गंभीरता को समझते हुए एसएचओ संजय मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लेकर रामनगर थाने की साइबर हेल्प डेस्क टीम को मामले में लगाया जिसपर पुलिस टीम ने पीड़ित की सहायता करते हुए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया. रामनगर पुलिस की इस कुशल और त्वरित पैरवी के परिणामस्वरूप, पीड़ित के खाते से कटे पूरे 97,250 रुपये सफलतापूर्वक उनके बैंक खाते में वापस आ गए. ठगी गई रकम वापस पाकर विकास यादव का चेहरा खुशी से खिल उठा. उन्होंने इस सराहनीय कार्य और त्वरित मदद के लिए प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा, साइबर हेल्प डेस्क टीम और पूरी वाराणसी पुलिस को धन्यवाद दिया है. प्रभारी निरीक्षक रामनगर संजय मिश्रा ने अपील किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 1930 पर कॉल करें. समय से की गई शिकायत से रुपये वापस मिलने की संभावना काफी अधिक होती है, जैसा कि विकास यादव के मामले में साबित हुआ.
बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.
बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.
वाराणसी: केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन (CRWWCO), नई दिल्ली के निर्देशन में रविवार को रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) महिला कल्याण संगठन की ओर से बाल निकेतन विद्यालय में प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बरेका कर्मचारियों के करीब 267 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रतियोगिता की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निबंध के विषय केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली की ओर से सीलबंद लिफाफे में भेजे गए थे। प्रतियोगिता स्थल पर सुबह 10:30 बजे निर्धारित समय पर बरेका महिला कल्याण संगठन की सचिव एवं वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या पूजा मौर्या और सुनीता ने सीलबंद लिफाफा खोला और प्रतिभागियों के लिए विषयों की घोषणा की।प्रतियोगिता में बच्चों को आयु के आधार पर तीन समूहों में बांटा गया था। ग्रुप-1 (6 से 9 वर्ष) के लिए ‘स्वस्थ भोजन/पौष्टिक आहार’ और ‘मेरे कक्षाध्यापक/मेरी कक्षा अध्यापिका’ विषय निर्धारित किए गए। ग्रुप-2 (10 से 12 वर्ष) के बच्चों ने ‘मनोरंजन गतिविधियों का महत्व’ तथा ‘संयुक्त परिवार या एकल परिवार’ विषय पर निबंध लिखा। वहीं ग्रुप-3 (13 से 15 वर्ष) के प्रतिभागियों के लिए ‘देश की बढ़ती जनसंख्या: वरदान या अभिशाप’ और ‘जेन जी’ विषय रखे गए।ALSO READ : अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...बच्चों को निबंध लिखने के लिए दो घंटे का समय दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने विचारों को रचनात्मक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली।बरेका महिला कल्याण संगठन की सचिव राखी गुप्ता ने कहा कि आरडब्ल्यूडब्ल्यूसीओ के निर्देशन में देशभर में एक ही दिन आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती है। ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, लेखन क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर बरेका महिला कल्याण संगठन की सदस्या प्रियंका प्रसाद, मीनाक्षी सिंह, बाल निकेतन की इंचार्ज स्वाति चौधरी एवं पूनम जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ के पांचवें दिन शनिवार को ‘रंगों की उड़ान’ चित्रकला प्रतियोगिता के साथ कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे बढ़ी. जंतु विज्ञान विभाग के एसपीआरसी हाल में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शब्दों के बजाय रंगों और रेखाओं के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और भविष्य की अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा.हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से आयोजित ‘अन्विति’ के तहत यह पांचवां और अंतिम कार्यक्रम रहा. प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों की कलाकृतियों में वर्ष 2200 का मंगल, ऑक्सीजन सिलेंडरों वाले शहर, हरित गुंबदनुमा आवास, भारतीय ध्वज फहराते अंतरिक्ष यात्री, रोबोट, उड़न तश्तरी, डीएनए की सर्पिल संरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पौधों से भरे बल्ब जैसे विषय देखने को मिले.विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक अवधारणाओं को कला के माध्यम से सहज और रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया. स्वीकृति कुमारी, श्रुति पाठक, अंकिता बिंद, प्राची तिवारी, सत्य राव और वैष्णवी बजाज सहित अनेक विद्यार्थियों की कृतियों में विज्ञान और कल्पना का अनूठा मेल दिखाई दिया.कुछ चित्रों में मंगल ग्रह पर कृषि और मानव बस्तियों की कल्पना की गई तो कुछ में पृथ्वी से दूर भविष्य की काल्पनिक नगरी दिखाई दी. कई चित्रों में तकनीक और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश दिया गया, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने भविष्य की प्रयोगशालाओं और अंतरिक्ष अभियानों को अपनी कला का विषय बनाया.प्रतियोगिता में एक ओर धुएं से घिरे शहर और ऑक्सीजन सिलेंडर नजर आए तो दूसरी ओर हरित आवास और अंतरिक्ष में तैरते यान दिखाई दिए. प्रदूषण और पर्यावरण संकट के बीच हरित भविष्य की कल्पना का यह विरोधाभास प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषता रहा.7 सितंबर से शुरू हुआ था ‘अन्विति’ का सफर‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ की शुरुआत 7 सितंबर को ‘काव्य सरिता’ से हुई थी। इसके बाद 8 सितंबर को ‘कथा सृजन’, 9 सितंबर को वाद-विवाद प्रतियोगिता और 10 सितंबर को ‘ज्ञान प्रभा’ प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी में कविता, कहानी, तर्क-वितर्क और वैज्ञानिक विषयों को अभिव्यक्त करने का मंच मिला।ALSO READ : बनारस की हवा फिर बिगड़ी, 11वें से खिसककर 34वें पायदान पर पहुंची रैंकिंग, विशेषज्ञ ने गिनाए प्रदूषण के कारण...15 सितंबर को संजय मिश्रा के साथ हिंदी दिवस समारोह‘अन्विति’ हिंदी सप्ताह का समापन अब 15 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह के साथ होगा। समारोह का आयोजन महामना हॉल, सेमिनार कॉम्प्लेक्स, विज्ञान संकाय में दोपहर 2:45 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।इस अवसर पर ‘अचिंत्य’ पत्रिका की नई कड़ी ‘क्षितिज से परे’ का विमोचन भी प्रस्तावित है। समारोह के साथ ही ‘अन्विति’ के तहत आयोजित विभिन्न साहित्यिक, बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधियों का समापन होगा।