सीआईएचटीएस सारनाथ में ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण, सैकड़ों पौधे लगाए गए...

वाराणसी: केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस) में रविवार को ‘एक पौधा माँ के नाम’ थीम पर वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ का आयोजन किया गया. पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को समर्पित इस अभियान के तहत संस्थान परिसर में सैकड़ों औषधीय, छायादार एवं फलदार पौधे रोपे गए. कार्यक्रम में कुलपति, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प लिया.

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वृक्षारोपण से हुई. इस अवसर पर संस्थान के कुलपति ने कहा कि ‘एक पौधा माँ के नाम’ अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनी माताओं के प्रति सम्मान और प्रकृति के संरक्षण का भावनात्मक संदेश भी देता है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक माँ निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह प्रकृति की रक्षा करे और लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित करे.
उन्होंने कहा कि सारनाथ भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मचक्र प्रवर्तन स्थली है, जो शांति, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है. ऐसे पावन स्थल पर आयोजित यह अभियान बौद्ध दर्शन के ‘करुणा’ और ‘परस्पर निर्भरता’ के सिद्धांतों को भी साकार करता है. उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना संभव नहीं है.
संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चन्द्रा ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष केवल वातावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि भारतीय और बौद्ध संस्कृति में इन्हें जीवन, करुणा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया.
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उप-कुलसचिव डॉ. हिमांशु पाण्डेय ने कहा कि वैश्विक तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है. उन्होंने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण करना भी हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है.
कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ. तेनजिंग शेनफेन ने किया. इस अवसर पर डॉ. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. शुचिता शर्मा सहित संस्थान के अनेक प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.



