वाराणसी के इस क्षेत्र में विकसित हो रही मॉडल टाउनशिप, मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण...

वाराणसी : विकास प्राधिकरण वाराणसी की ओर से ग्राम कल्लीपुर, परगना कसवार राजा, तहसील राजातालाब में आनंद काशी टाउनशिप विकसित की जा रही है. मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा और अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा ने इस परियोजना स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे कराए जाएं. इस टाउनशिप को पूर्वांचल क्षेत्र की उत्कृष्ट एवं आदर्श मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाए.
इस टाउनशिप के लिए अब तक लगभग 135 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण रजिस्ट्री के माध्यम से किया जा चुका है, जबकि लगभग 15 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त हुई है. परियोजना के अंतर्गत किसानों को अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है.
“काशी थीम” आधारित परियोजना
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि आनंद काशी टाउनशिप को “काशी थीम” पर आधारित आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाए. उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों बाद वाराणसी में पूर्णतः गेटेड और आधुनिक सुविधाओं से युक्त टाउनशिप विकसित की जा रही है, जिसमें 80 से 100 फीट चौड़ी सड़कें और उच्च स्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
प्रस्तावित टाउनशिप काशी की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी विकास का समन्वित स्वरूप होगी. परियोजना में वाराणसी की आध्यात्मिक और स्थापत्य पहचान से प्रेरित डिजाइन, स्थानीय सामग्रियों और पारंपरिक शिल्प कौशल का उपयोग करते हुए आधुनिक नगर नियोजन के साथ पारंपरिक स्वरूप का समावेश किया जाएगा. इसके अतिरिक्त परियोजना को स्मार्ट और फ्लेक्सिबल शहरी प्रणाली के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सौर ऊर्जा आधारित रूफटॉप सिस्टम, एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग, स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली, एसटीपी, दोहरी पाइपलाइन व्यवस्था, सतत उपयोगिता एवं कनेक्टिविटी निगरानी प्रणाली, स्मार्ट बिन, इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड तथा एयर क्वालिटी सेंसर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
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250 एकड़ की है परियोजना
परियोजना का कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल 250 एकड़ है, जिसमें प्रथम चरण का क्षेत्रफल 150 एकड़ और अनुमानित लागत लगभग 1110 करोड़ रुपये है. इसके लिए भूमि क्रय और लैंड पूलिंग के माध्यम से भू-अवाप्ति की कार्यवाही की गई है. वर्तमान में परियोजना स्थल पर अवाप्त भूमि के आमेलन एवं समतलीकरण का कार्य प्रगति पर है. साथ ही, उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) में परियोजना के पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी है.



