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वाराणसी में हीटवेव से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, दिए ये सुझाव...

वाराणसी में हीटवेव से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, दिए ये सुझाव...
May 16, 2026, 10:18 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : मौसम व‍िभाग के हीट वेव के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है. वर्तमान समय में तापमान में वृद्धि होने के कारण भीषण गर्मी, गर्म हवा व लू के प्रकोप से बचाव के लिए सम्बन्धित विभागों को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि इस भीषण गर्मी, गर्म हवा व लूू से अपना बचाव कैसे करें तथा सुरक्षित कैसे रहें. गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमीनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके. स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें. आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लेवे, बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बन्द वाहन में अकेला न छोड़ें.


जहां तक सम्भव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के ताप से बचें. सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें. संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें और बासी खाने का प्रयोग कदापि न करें और मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें. घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें. घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें.


कब लगती है लू


गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगते हैं. शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है. शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है. इसके अलावा डॉययूरेटिक, एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सवाधान रहें.


लू के लक्षण


गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी,व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं. इन लक्षणों के चलते मनुष्यों के शरीर के उच्च तापमान से आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है. इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है.


जनपद में हीटवेव (लू) के प्रति जोखिम (कमजोर वर्ग एवं क्षेत्र की पहचान)


- 05 वर्ष से कम आयु के बच्चे व 60 वर्ष से ज्यादा के व्यक्ति.

- गर्भवती महिलायें.

- ऐसे व्यक्ति जो कि सैन्य, कृषि, निर्माण और औद्योगिक व्यवसाय में श्रमिक, मजदूर, खलाड़ी आदि हों.

- शारीरिक तौर पर कमजोर व्यक्ति एवं मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति.

- त्वचा संबन्धित रोग जैसेः-सोरायसिस, पायोडर्मा आदि से प्रभावित व्यक्ति.

- पर्यावरण बदलने के कारण गर्मी के अनुकूलनता का आभाव.


गर्म हवाएं/लू की स्थिति में क्या करें, क्या न करें

सभी के लिए


- रेडियो सुनिए, टीवी देखिए, स्थानीय मौसम समाचार के लिए समाचार पत्र पढ़ें.

- पर्याप्त पानी पियें-भले ही प्यास न लगे.

- खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें.

- हल्के वजन, हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें.

- अपना सिर ढंकेंः कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें.

- हांथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं.

- अनावश्यक घर से बाहर प्रातः 11ः00 से सायंकाल 3ः00 बजे तक न निकले बहुत ही आवश्यक होने पर चेहरे व सिर को ढककर ही निकले.


नियोक्ता और श्रमिक


- कार्य स्थल के पास ठंडा पेयजल उपलब्ध कराएं.

- कार्यकर्ताओं को सीधे धूप से बचने को कहे.

- अति पारिश्रमिक वाले कार्यों को दिन के ठन्डे समय मे निर्धारित करें.

- बाहरी गतिविधियों के लिए ब्रेक की आवृत्ति में वृद्धि करें.

- गर्भवती श्रमिकों और श्रमिकों जिन्हें चिकित्सा देख-भाल की अचानक जरुरत हो सकते हो उनका अतिरिक्त ध्यान दिया जाना चाहिए.


वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों के लिये


- तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों, तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच करें.

- ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो.

- यदि वे गर्मी से बैचेनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें.

- उनके शरीर को गीला रखें, उन्हें नहलाएं अथवा उनकी गर्दन तथा बगलों में गीला तौलिया रखें.

- उन्हें अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखने के लिए कहें.


शिशुओं के लिये


- उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं.

- शिशुओं में गर्मी की वजह से होने वाली बीमारियों का पता लगाना सीखें.

- यदि बच्चों के पेशाब का रंग गहरा है तो इसका मतलब है कि वह डिहाईड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हैं.

- बच्चों को बिना देखरेख खड़ी गाड़ी में छोड़ कर न जाएं, वाहन जल्दी गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं.


पशुओं के लिए


- जहां तक संभव हो, तेज गर्मी के दौरान उन्हें घर के भीतर रखें.

- यदि उन्हें घर के भीतर रखा जाना संभव न हो तो उन्हें किसी छायादार स्थान में रखें, जहां वे आराम कर सकें. ध्यान रखें कि जहां उन्हें रखा गया हो वहां दिनभर छाया रहें.

- जानवरों को किसी बंद में न रखें, क्योंकि गर्म मौसम में इन्हें जल्दी गर्मी लगने लगती है.

- ध्यान रखें कि आपके जानवर पूरी तरह साफ हों, उन्हें ताजा पीने का पानी दें, पानी को धूप में न रखें. दिन के समय उनके पानी में बर्फ के टुकड़े डालें.

- पीने के पानी के दो बाउल रखें ताकि एक में पानी खत्म होने पर दूसरे से वे पानी पी सकें.

- अपने पालतू जानवर का खाना धूप में न रखें.

- किसी भी स्थिति में जानवर को वाहन में न छोडे़.


अन्य सावधानियाँ


- जितना हो सके घर के अंदर रहें.

- अपने घर को ठंडा रखें. पर्दे, शटर या धूप का उपयोग करें और खिड़कियां खुली रखें.

- निचली मंजिलों पर रहने का प्रयास करें.

- पंखे का प्रयोग करें, कपड़ों को नम करें और ठंडे पानी में स्नान करें.

- यदि आप बेहोश या कमजोरी महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

- जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें.


अधिक गर्मी एवं लू के कारण होने वाली बीमारियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है, हीट इग्जॉॅस्चन एवं हीट स्ट्रोक


हीट इग्जॉस्चन के लक्षण

- अत्यधिक प्यास

- शरीर का तापमान बढ़ा हुआ (100.4℉ जव to 104℉)

- मांसपेशियों में ऐंठन

- जी मिचलाना/उल्टी होना

- सिर का भारीपर/सिरदर्द

- रक्तचाप का कम होना

- चक्कर आना

- भ्रांति/उल्झन में होना

- अल्पमूत्रता/पेशाब का कम आना

- अधिक पसीना एवं चिपचिपी त्वचा


हीट स्ट्रोक के लक्षण

- शरीर का तापमान बढा हुआ (>104℉)

- पसीना आना बंद होना/पसीने की ग्रंथि का निष्क्रिय होना

- मांसपेशियों में ऐंठन, चिपचिपी त्वचा

- त्वचा एवं शरीर का लाल होना

- जी मचलाना/उल्टी होना, चक्कर आना

- सिर का भारीपन/सिरदर्द, चक्कर आना

- भ्रांति/उल्झन में होना

- अल्पमूत्रता/पेशाब का कम आना

- मानसिक असंतुलन

- सांस की समस्या तथा धड़कन तेज होना


प्राथमिक उपचार उपचार

- व्यक्ति को तुरन्त पंखे के नीचे तथा छायादार ठण्डे स्थान पर ले जायें

- कपड़ों को ढीला करें

- शरीर को गीले कपड़े से स्पंज करें

- ओ0आर0एस0 का धोल पिलायें

- मांसपेशियों पर दबाव डालें तथा हल्की मालिश करें

- शरीर के तापमान को बार-बार जाचें

- यदि कुछ समय में व्यक्ति सामान्य हो तो तुरंत चिकित्सा केंद्र ले जायें


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उपचार

- मरीज को तुरन्त नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें

- कपड़ों को ढीला करें

- तुरेन्त पंखे के नीचे तथा छायादार ठण्डे स्थान पर ले जायें

- अगर मरीज कुछ पीने के अवस्था में हो तो पानी पिलायें

- ओआरएस0 का घोल पिलायें

- निम्बू का पानी नमक के साथ पिलायें

- मांसपेशियों पर दबाव डाले तथा हल्की मालिश करें.

कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
वाराणसीः सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय खेलकूद कैरम प्रतियोगिता का आयोजन विलियम हेनरी रिमब्ध मेमोरियल स्कूल के सिसिलिया रोज सभागार में हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश के 19 टीमों के 236 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे.प्रतियोगिता के एकल मुकाबले के 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक वर्ग में अदीब असजद विजेता रहे. बालिका वर्ग में शैली रानी को जीत मिली. 17 वर्ष बालक वर्ग में मोहम्मद अहाब और बालिका वर्ग में आराध्या वर्मा विजेता रहे. 19 वर्ष आयु वर्ग में बालक वर्ग में सार्थक कुमार और बालिका वर्ग में आद्रिका अग्रहरि सेठ विजेता रहे. युगल मुकाबले के 14 वर्ष बालक वर्ग में अर्णव सिंह व विवान पवार की जोड़ी को जीत मिली. बालिका वर्ग में काव्या चौरसिया व श्रीतिजा गुप्ता की जोड़ी विजेता रही. 17 वर्ष बालक वर्ग में हमजा सदाब और एबाद इलाही की जोड़ी जीती. बालिका वर्ग में अनुष्का गुप्ता और आराध्या की जोड़ी ने जीत हासिल की.ALSO READ : सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...19 वर्ष बालक वर्ग में इम्माद खान और शर्जील सिद्दीकी की जोड़ी ने जीत हासिल की. बालिका वर्ग में नवी वर्मा और वैष्णवी वर्मा की जोड़ी विजेता बनी. प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के खेलकूद समन्वयक डेविड जार्ज सीरील ने किया. समापन सत्र के मुख्य अतिथि उप्र कैरम एशोसिएशन के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह और उपाध्यक्ष सरदार रणवीर सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया. इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. अनीता पालीन के उप-प्रधानाचार्य प्रत्याशा मेरी रहीं. कार्यक्रम को सफलता बनाने में खेलकूद शिक्षक मो. इशरार व नार्चिता साहू का प्रयास सफल रहा.
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार  को दी कड़ी चेतावनी...
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र के हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में चल रही 119.35 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार फर्म को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से संचालित इस परियोजना का निर्माण कार्य मैसर्स ईएमएस लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा कराया जा रहा है। समीक्षा में सामने आया कि अब तक केवल 350 मीटर सीवर लाइन बिछाई जा सकी है, जबकि पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति महज 5 प्रतिशत तक ही पहुंची है।इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने कार्यदायी फर्म को श्रमिकों की संख्या और आवश्यक संसाधन बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या निर्देशों की अनदेखी की गई तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में कुल 38.887 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 6,561 घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा एक सीवेज पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण होगा। योजना पूरी होने के बाद दोनों वार्डों के हजारों लोगों को बेहतर सीवरेज व्यवस्था का लाभ मिलेगा।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद राजेश यादव एवं बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता वृजेश कुमार, सहायक अभियंता पीयूष वर्मा, अवर अभियंता रामचंद्र राय, अजय कुमार पासवान तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि अमित कुमार उपस्थित रहे।
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) की ओऱ से वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित शिविर में एकत्रित 61 यूनिट रक्त महामना कैंसर सेंटर,वाराणसी को उपलब्ध कराया गया. इससे कैंसर के जरूरतमंद मरीजों को उपचार में सहायता मिल सकेगी.कार्यक्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर सतीश कुमार सिंह रहे. इस अवसर पर कृषि विज्ञान संकाय के छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डा. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डा. सुधीर कुमार राजपूत, वार्डन डा. निखिल कुमार सिंह, डा. अफजल अहमद, डा. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाऊस के वार्डन डा. तरुन वर्मा तथा कृषि विज्ञान संस्थान के छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह, वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता रहे. रक्तदान शिविर में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास एवं अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी रक्तदान किया. सभी प्रतिभागियों के सहयोग से शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त का संग्रह करकारगिल विजय दिवस के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई एवं भारत की जीत को सहर्ष स्मरण किया गया. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम भी है.ALSO READ : रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.सभी रक्तदाताओं एवं वालंटियर्स के लिये रिफ्रेशमेंट, फल, स्वच्छ पेयजल एवं हल्के नाश्ते का प्रबंध किया गया था. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं देशप्रेम,मालवीय मूल्यों एवं सामाज कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का मंत्र दिया गया.