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वाराणसी में टूरिस्ट ट्रांसपोर्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी, इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन...

वाराणसी में टूरिस्ट ट्रांसपोर्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी, इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन...
May 16, 2026, 09:39 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : पैनिक बटन, वीएलटीडी की अनिवार्यता समेत अन्य समस्याओं को लेकर टूरिस्ट ट्रांसपोर्टरों ने आरटीओ कार्यालय में विरोध दर्ज कराया है. इस दौरान टूरिस्ट ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 25 मई के बाद संचालन ठप करते हुए हड़ताल पर बैठ जाएंगे. इस दौरान सभी वाहनों की चाबियां जमा करने को भी बाध्य होंगे. ट्रांसपोर्टरों ने आरटीओ को ज्ञापन भी सौंपा. बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन अधिकारियों को समस्याओं और सुझावों से अवगत कराया. आरटीओ के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा गया. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में वाहन फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) एवं अन्य कागजातों के नवीनीकरण और अप्रूवल में वीएलटीडी (वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) एवं पैनिक बटन की अनिवार्यता के कारण भारी समस्या उत्पन्न हो रही है.


1 जनवरी 2019 से पूर्व पंजीकृत वाहनों के कागजातों पर भी रोक लगाई जा रही है, जिससे सैकड़ों टूरिस्ट वाहन संचालन से वंचित हो रहे हैं और वाहन स्वामियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने मांग की कि पूर्व की भांति तीन माह की समर्पण अवधि एक साथ बढ़ाने की व्यवस्था लागू की जाए. साथ ही शासन अथवा परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित दर पर वीएलटीडी एवं पैनिक बटन की व्यवस्था की जाए, जिससे वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े.

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि 25 मई 2026 तक वीएलटीडी एवं पैनिक बटन की समस्या का समाधान नहीं किया गया और वाहनों के फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं अन्य कागजातों का अप्रूवल सुचारू रूप से शुरू नहीं किया गया, तो बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्य अपने टूरिस्ट वाहनों का संचालन बंद कर देंगे और सभी वाहन आरटीओ कार्यालय पर खड़े कर चाबियां जमा करने को बाध्य होंगे.

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आरटीओ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर निदेशालय स्तर पर वार्ता कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा और पोर्टल व सिस्टम को सुचारू रूप से चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी. एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2019 से पूर्व पंजीकृत वाहनों पर लगी रोक हटाना, 1 जनवरी 2019 के बाद पंजीकृत वाहनों के लिए वीएलटीडी एवं पैनिक बटन लगवाने के लिए कम से कम एक वर्ष का समय देना, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं अन्य सभी कागजातों के अप्रूवल पर लगी रोक तत्काल हटाना शामिल है. प्रतिनिधिमंडल में प्रवक्ता शशिप्रताप सिंह, महामंत्री प्रकाश जायसवाल, बिनोद सिंह, हर्षवर्धन सिंह, राजन और प्रभाकर पांडेय आदि मौजूद रहे.

वाराणसी के VVIP घाट पर हत्‍या ने खाेली सुरक्षा की पोल, रक्षक ही बने भक्षक
वाराणसी के VVIP घाट पर हत्‍या ने खाेली सुरक्षा की पोल, रक्षक ही बने भक्षक
वाराणसी: शहर के प्रसिद्ध वीवीआईपी नमो घाट पर बीते रविवार हुई युवक की हत्या ने सुरक्षा की पोल खोल दी है. हो भी क्‍यों नहीं जब सुरक्षा में लगे बाउंसर ही भक्षक बन गए. इस समय यह जघन्‍य मामला पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. दोस्तों के साथ घूमने आए युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या किए जाने के बाद घाट पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुडे लोगों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. लोग इसके लिए प्रशासनिक व्‍यवस्‍था, पुलिस और स्‍मार्ट सिटी पर भी दोषारोपण कर रहे हैं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि नमो घाट को शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचते हैं. अंतरराष्‍ट्रीय और राष्‍ट्रीय आयोजन भी होते हैं. इसके बावजूद इस तरह की घटना ने सुरक्षा दावों की कलई खोल कर रख दी है.युवक को जान से हाथ धोना पडाहालांकि जब हो हल्‍ला मचा तो पुलिस की आंख खुली और आनन फानन त्वरित कार्रवाई करते हुए सिक्योरिटी एजेंसी संचालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. बाउंसरों के भरोसे छोडने के कारण इस तरह की घटनाएं कभी हो सकती हैं. आरोप है कि यह बाउंसर सुरक्षा कम भौकाल अधिक जमाते हैं जिसके चलते एक युवक को जान से हाथ धोना पडा.मामूली विवाद में लाठी-डंडे से पीटकर हत्यासोनभद्र से चार दोस्तों के साथ शनिवार की रात तीन बजे नमो घाट घूमने और गंगा स्नान करने आए सब्जी विक्रेता के बेटे राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू (19) की निजी सुरक्षा कर्मियों ने मामूली विवाद में लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी. दोस्त देर रात ही घाट तक जाना चाह रहे थे लेकिन सुरक्षा कर्मी रोक रहे थे. राजेश के चार दोस्तों को भी बेरहमी से पीटा गया.मृतक के पिता बद्रीनारायण जायसवाल की तहरीर पर आदमपुर थाने की पुलिस ने रविवार को बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी के संचालक अनुज सिंह, सुरक्षा कर्मी व चंदौली निवासी पवन यादव, सूरज यादव, चोलापुर के मनीष यादव और मिर्जापुर के राहुल यादव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर ली. साथ ही सिक्योरिटी एजेंसी संचालक सहित पांच आरोपियों को राजघाट से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, अनुज सिंह ने बिना किसी कागजी अनुमति और किसी रिकॉर्ड के चारों सुरक्षा कर्मियों को घाट पर तैनात किया था। सिक्योरिटी एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा. पुलिस आयुक्त को पत्र लिख दिया गया है.सत्यापन के रिकॉर्ड नहीं, एजेंसी का लाइसेंस होगा निरस्तएसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि बाबा विश्वनाथ सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक अनुज सिंह ने सुरक्षा कर्मियों को बिना किसी दस्तावेज के नौकरी पर रखा था. एक तरह से सभी फर्जी सुरक्षा कर्मी हैं. सत्यापन का कोई रिकाॅर्ड नहीं है. एजेंसी संचालक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.पुलिस ने मामले को हल्के में लियानमो घाट पर पर्यटकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने निजी सुरक्षा कर्मियों ने पर्यटक राजेश उर्फ चिंटू की जान ले ली. दोस्तों के मुताबिक, 19 साल का राजेश अचेत होकर गिर गया था फिर भी निजी सुरक्षाकर्मी उसे बेरहमी से पीट रहे थे. इससे राजेश का शरीर काला पड़ गया था. शरीर पर डंडे के कई निशान पड़ गए. मिन्नतें करते रहे। माफी मांगते रहे फिर भी सुरक्षाकर्मियों ने नहीं छोड़ा. पिकेट की पुलिस को सूचना दी गई, तो उसने भी मामले को हल्के में लिया. पुलिस ने कहा कि पहले राजेश को कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराओ, फिर ऑटो से राजेश को अस्पताल ले गए. बाद में अन्य पुलिस कर्मी अस्पताल पहुंचे. आदमपुर इंस्पेक्टर भी सुबह के समय घटनास्थल पर पहुंच सके. उच्चाधिकारियों को हत्या की सूचना रविवार की सुबह ही दी गई. हालांकि पुलिस ने सूचना मिलते ही प्रभावी कार्रवाई की बात कही है.मौत खींच ले गई नमो घाटप्रारंभित छानबीन में पता चला कि मृतक के दोस्त रोहित की बहन और जीजा ट्रेन से वाराणसी आ रहे थे. उसको लेने के लिए रोहित ने खलियारी के ही शिवाजी की कार किराये पर ली. कार में उसके साथ रोहित के अलावा उसके दोस्त भी सवार हो गए. बृजेश को वाराणसी में आंख दिखानी थी. बाकी लोगों को लौटना था. जब वाराणसी पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन देरी से आएगी. इस पर वह नमो घाट पहुंचे जहां निजी सुरक्षाकर्मियों ने हमला बोल दिया. प्रधान प्रतिनिधि बेउवा राजेश चौरसिया ने बताया कि उसके बड़े पिता विशुन जायसवाल का रविवार को दसवां था. सिर्फ दोस्त के बहन-जीजा को लेने के लिए वाराणसी गया था लेकिन माैत नमो घाट तक ले गई.घटना की जानकारी के बाद स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी की ओर से कार्यदायी संस्था रोबस्ट के संचालक पुनीत मित्तल से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. घाट पर तैनात गार्ड का क्राइम रिकॉर्ड भी तलब किया गया है. जवाब न देने की स्थिति में अनुबंध के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शाकंभरी, पीआरओ, स्मार्ट सिटीसवालों के घेरे में प्रमुख पर्यटन स्थल की सुरक्षा राजेश उर्फ चिंटू की मौत के बाद नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है. घाट का संचालन करने वाली आरके वैदिक कंपनी और सुरक्षा संभाल रही बाबा सिक्योरिटी सर्विस गैर प्रशिक्षित गार्डों से ड्यूटी करा रही है. बाबा सिक्योरिटी सर्विस कंपनी का संचालक अनुज सिंह पिछले एक साल से नमो घाट की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा था. दो शिफ्ट में 15-15 सुरक्षा कर्मी तैनात कर रहा था.नमो घाट पर अराजकता की स्थिति, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं4 दिसंबर 2025 : नमो घाट पर नमस्ते हैंड के पास नाव लगाकर सवारी बैठाने के लिए नाविकों के दो गुट भिड़े. लाठी-डंडे चले.21 मार्च 2026 : नमो घाट फेस-2/3 के बीच जेटी के पास जबरन नाव लगाने का विवाद. आरोप है कि बजड़ा संचालक अभिषेक साहनी, गोविंद साहनी समेत करीब 14 नाविकों ने घाट के मैनेजर मनीष सिंह की पिटाई की थी. मनीष सिंह का हाथ टूट गया था. पीड़ित ने नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.27 मार्च 2026 : नमो घाट फेस-3 के पास विवाद के बाद नगर निगम की जेटी जबरन खोल दी गई. वहां नाव बांध दी गई थी. आदमपुर पुलिस ने नाव हटवाई और दोबारा जेटी लगवाई.30 मार्च 2026 : सारनाथ के सराय मोहना निवासी मंजू देवी के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई थी. पीड़िता ने इस मामले में अभिषेक साहनी, गोविंद साहनी समेत अन्य लोगों के खिलाफ आदमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.Also Read: BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोश
सपाइयों का अनोखा प्रदर्शन, गाय के साथ जिला मुख्‍यालय पहुंचकर की ये मांग
सपाइयों का अनोखा प्रदर्शन, गाय के साथ जिला मुख्‍यालय पहुंचकर की ये मांग
A unique protest by SP workers, they reached the district headquarters with a cow and made this demand.वाराणसी: समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्‍यालय पर एक अनोखा प्रदर्शन किया. सपा कार्यकर्ता सड़कों पर खुद 'गौमाता' को अपने साथ लेकर उतरे, उनकी पूजा-अर्चना की, चारा खिलाया और केंद्र सरकार के सामने उन्हें राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग रखी. इस प्रदर्शन के जरिए समाजवादी पार्टी ने भाजपा के 'गौ-प्रेम' के दावों की पोल खोलते हुए उन पर आस्था के नाम पर केवल वोट बैंक की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया."वोट बैंक भाजपा का, दुर्दशा गौमाता की" "वोट बैंक भाजपा का, दुर्दशा गौमाता की" प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेता जीशान अंसारी ने कहा कि भाजपा के लिए गाय केवल चुनावी वैतरणी पार करने का एक जरिया है. चुनाव आते ही भाजपा नेताओं को गाय याद आने लगती है, लेकिन चुनाव बीतते ही उन्हीं गौमाताओं को सड़कों पर लावारिस, भूखा और प्लास्टिक खाने के लिए छोड़ दिया जाता है. साथ ही ये भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सरकारी गौशालाएं केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गई हैं. करोड़ों रुपये का बजट कागजों पर साफ हो रहा है, जबकि धरातल पर गायें भूख और बीमारियों से दम तोड़ रही हैं.सपा नेता शुभम सेठ गोलू ने बड़ा आरोप मढ़ा "भाजपा का दोहरा चरित्र अब देश के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है. एक तरफ ये लोग देश के भीतर गाय के नाम पर समाज को बांटने और नफरत फैलाने की राजनीति करते हैं, तो दूसरी तरफ इनके राज में भारत दुनिया के सबसे बड़े बीफ (मांस) निर्यातक देशों में शुमार है. बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों से चुनावी चंदा लेने वाले आज हमें धर्म और संस्कृति का पाठ पढ़ा रहे हैं. अगर भाजपा में रत्ती भर भी नैतिक सच्चाई है, तो वह तुरंत बीफ के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए."गाय का मुद्दा अर्थव्यवस्था से जुड़ाप्रभाकर यादव ने गाय की उपयोगिता बताते हुए स्पष्ट किया कि गाय का मुद्दा सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है. गाय का दूध जहां कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में मुख्य हथियार है, वहीं उसका गोबर और गोमूत्र आज के समय में जैविक खेती और किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बड़ा जरिया हैं. साथ ही ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पशुधन पर टिकी है.Also Read: BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोशगाय का संरक्षण असल में देश के किसान और गरीब का संरक्षण है. यदि सरकार ने 'गौमाता' को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और उनकी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी. प्रदर्शन करने में मुख्यरूप से शिवेंद्र राय, जितेंद्र पटेल, संजय पटेल, प्रीतम यादव, अभिषेक झा, अमित कुमार "विक्की", पुनीत मौर्य, राज श्रीवास्तव, जवाहर यादव, आरिफ खान, फरहान सिद्दीकी, धीरू चौबे, फहद सिद्दीकी, दाऊद खान, कैफ अहमद, सिद्धार्थ सोनकर, इमरान खान आदि शामिल रहे.
BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोश
BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोश
BJP workers burnt effigies of Rahul Gandhi and state president Ajay Rai, expressing anger.वाराणसी: पीएम पर अभद्र टिप्‍पणी का विरोध चरम पर है. इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा में घमासान मचा हे. इसी क्रम में भाजपा महानगर और विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का प्रतीकात्मक पुतला फूंका. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अजय राय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आक्रोश जताया. वक्ताओं ने कहा कि अजय राय की पृष्ठभूमि अपराधिक रही है और वह आज भी अपराधी हैं. उन्होंने मांग की कि अजय राय पर लगे सभी 38 मुकदमों की तेजी से सुनवाई कर उन्हें दंडित किया जाए.कार्यकर्ताओं का कहना था कि अजय राय लगातार चुनाव हार रहे हैं, इसलिए इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. अजय राय के खिलाफ सिगरा, चेतगंज, कैंट, मुगलसराय, शिवपुर, फूलपुर, लंका आदि थानों में गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं. वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से अजय राय की टिप्पणी सामने आई है, वह उनकी कांग्रेस की संगत का असर है. राहुल गांधी भी वही भाषा बोल रहे हैं. दोनों पहले से मुकदमे में आरोपित हैं और वहीं दूसरे पर अपशब्द कह रहे हैं. काशी की परंपरा और संस्कृत मर्यादा पूर्ण राजनीति को प्रदूषित कर रहे हैं.इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा महानगर, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ आदि के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे. कार्यकर्ताओं ने अजय राय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपने अपराधों को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं.भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अजय राय की राजनीति केवल अपराध और विवादों के इर्द-गिर्द घूमती है. उन्होंने यह मांग की कि अजय राय को उनके अपराधों के लिए सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए. कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि काशी की संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए ऐसे नेताओं का विरोध करना आवश्यक है. इस प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास और सुशासन की राजनीति करती आई है, जबकि कांग्रेस पार्टी केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि अजय राय जैसे नेताओं का राजनीति में कोई स्थान नहीं है.Also Read: पिकअप की टक्‍कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत, परिवार में मचा कोहरामभाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अजय राय की बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसी कारण से वह इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से कानून और व्यवस्था के पक्ष में रही है और ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वे काशी की संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि काशी की जनता को ऐसे नेताओं के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो समाज में अशांति और विवाद फैलाते हैं.