कार छुडाने के लिए पत्रकार बना पुलिसकर्मी, दरोगा से हाथापाई

वाराणसी: सड़क हादसे में बिहार से पकड़ी गई कार और चालक को छुड़ाने के लिए रामनगर थाने के एक हेड कांस्टेबल ने खुद को पत्रकार बताकर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के तमाचाबाद स्थित पुलिस चौकी पर हंगामा किया. इस दौरान चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया. हाथापाई तक की नौबत हो गई. इस दौरान चौकी इंचार्ज का नेम प्लेट भी टूटकर गिर गया. उच्चाधिकारियों के आदेश पर एसीपी राजातालाब ने जांच शुरू कर दी है. वहीं, हेड कांस्टेबल की कार सीज कर दी गई है.

बिहार से बरामद कार
13 अप्रैल 2025 को भदोही के गोपीगंज निवासी संतोषी देवी की मिर्जामुराद क्षेत्र के गुड़िया गांव के समीप सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसमें एफआईआर होने के बाद घटना में शामिल स्विफ्ट कार को चालक समेत बिहार से मिर्जामुराद पुलिस ने पकड़ा. इस मामले में रामनगर थाने के हेड कांस्टेबल जो कि मूल रूप से बिहार के निवासी और बिहार से बरामद कार और चालक सौरभ सिंह से संबंध होने का हवाला देकर उसे छोड़ने के लिए चौकी इंचार्ज रामचंद्र यादव पर दबाव बनाए. तब तक छह से सात की संख्या में अन्य युवक भी पहुंच गए. दोनों तरफ से नोकझोंक शुरू हो गई.
पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार
चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार करने वाले आरोपियों की कार सीज कर दी गई. लखनऊ नंबर की स्विफ्ट कार सीज हुई तो वाहन स्वामी राकेश सिंह के नाम रजिस्टर्ड है. पुलिस को बाद में पता चला कि राकेश सिंह रामनगर थाने के दीवान हैं.

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चौकी प्रभारी का आरोप है कि राकेश सिंह उनसे उलझ गए जिसमें उनके वर्दी पर लगी नेम प्लेट टूट कर गिर गई. हेड कांस्टेबल को मुकदमे में पकड़े गए युवक को छुड़ाने के मामले में दबाव न बनाने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया गया. एसीपी राजातालाब अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच की जा रही है.



