वाराणसी के क्वींस कालेज में कल पुस्तक मेला, मनमानी कीमतों पर लगेगा अंकुश

Book fair to be held tomorrow at Queens College, Varanasi; arbitrary prices to be curbed
वाराणसी: शिक्षा जो ज्ञान का माध्यम है, ये वो ज्ञान है, जो हमें ये सिखाता है कि क्या सहीं और क्या गलत है. लेकिन अगर इसी शिक्षा के साथ खिलवाड़ होने लगे तो फिर हर किसी का भविष्य अंधेरे में घिर जाएगा. जी हां, कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां जरूरत मंद बच्चों को उनके हक की मिलने वाली किताबें कम दामों में होने के बाद भी उन्हें महंगे दामों में दिया जाता है. जिसे लेने में अभिभावकों को दिक्कतें भी होती है. इससे भी हैरीनी तो यह है कि, नकली किताबें वो भी दुगने दामों में देकर अभिभावकों से अधिक दाम वसूले जाते है. लेकिन अब इस मामले को लेकर यूपी बोर्ड एक्शन में आ चुका है.

बता दें, काशी नगरी में स्थित पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज में 22 अप्रैल बुधवार को जनपद स्तरीय पुस्तक जागरूकता और सुलभता मेले का आयोजन होने जा रहा है. इस आयोजन का उद्देश्य यह है कि, निजी प्रकाशकों की महंगी और अनधिकृत पुस्तकों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर विद्यार्थियों को कम दामों में पुस्तकें उपलब्ध कराना और अभिभावकों को राहत देने जैसा मुहिम है. इसी सिलसिले में DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि, तीन एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी शासन स्तर पर सौंपी गई है. आयोजित होने वाले इस मेले में बुक स्टाल लगाए जाएंगे, जिनमें कुल 32 तरह की किताबें शामिल होंगी. इस आयोजन से किताबों की मनमानी कीमतों पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकेगा.

जाने पूरा मामला
दरअसल, पिछले कुछ दिनों यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को यह शिकायत मिली थी कि, स्कूलों में अनधिकृत रूप से गलत यानि नकली किताबें छात्राें को महंगे दामों पर धड़ल्ले से बेची जा रही है, जो कि परिषदीय मूल्यों की तुलना में 149 प्रतिशत से 361 प्रतिशत तक महंगी हैं. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा ये निर्देशित किया गया था कि, किसी भी हाल में 15 अप्रैल तक स्कूलाें का निरीक्षण किया जाए.
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इस निरीक्षण में आरोपी पाए जाने वाले प्रधानाचार्य, प्रबंधक और शिक्षक के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई भी जाएगी. जिसे लेकर क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कैंपस में अलग क्लास के लिए स्टाल लगाए जा रहे हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को अपने लिए किताबों का चयन करने में किसी भी तरह की दिक्कतें ना हो सके.

यूपी बोर्ड का मुहिम किस हद तक असरदार
सबसे खास बात तो यह है कि, इस मेले में इस बार NCERT की किताबें भी आई हैं, जिसमें नया प्रयाेग किया गया है. हालांकि, इस किताब को हर कोई पढ़ने का शौखीन होता है. आयोजित होने वाले मेले में नकली और असली किताबों की पहचान आसानी से की जा सकेंगी. जिसकी पहचान के लिए किताब के आवरण पृष्ठ (Cover Page) पर सात अंकाें का अल्ट्रा वायलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित कराया गया है, जिनमें किसी भी किताबों पर यह सीरियल नंबर नहीं होगा वह अनधिकृत यानि नकली माना जाएगा. अब देखने वाली बात यह है कि यूपी बोर्ड के इस मुहिम से नकली और अधिक दामों में बेची जाने वाली किताबों पर किस हद तक रोक लगती हैं.




