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फार्मर रजिस्‍ट्री के लाभ की जानकारी देगा प्रचार वाहन, डीएम ने दिखाई झंडी

फार्मर रजिस्‍ट्री के लाभ की जानकारी देगा प्रचार वाहन, डीएम ने दिखाई झंडी
Jan 05, 2026, 11:34 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : एग्रीस्टेक (डिजिटल एग्रीकल्चर) योजनांतर्गत सोमवार को जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने तहसील सदर से 08 विकास खण्डों में फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने और इसके लाभ की जानकारी देने के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. प्रचार में शामिल लोग 05 से 20 जनवरी तक प्रतिदिन समस्त विकास खंडों के राजस्व ग्रामों में भ्रमण करते हुए जनपद के कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाना क्यों जरूरी है के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे.


NAGAR NIGAM


जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जिन कृषकों ने अभी तक अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्‍हें कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा.

फार्मर आईडी नहीं होने के नुकसान:

1. पीएम किसान सम्मान निधि योजना: आपको इस योजना के तहत मिलने वाली किश्त प्राप्त नहीं होगी.

2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: फसल खराब होने पर आपको मुआवजा नहीं मिलेगा.

3. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): आपकी फसलों की आसान बिक्री नहीं हो पाएगी.

4. कृषि अनुदान और सहायता: आपको सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा, जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड.

5. मिट्टी और फसल परामर्श सेवाएं: आपको इन सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा.

6. भविष्य की जन कल्याणकारी योजनाएं: आपको भविष्य में लागू होने वाली योजनाओं और सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा.


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161713 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनी


वाराणसी में 237931 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री की जानी है जिसके सापेक्ष 161713 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाई जा चुकी है. शेष 76218 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री बनना शेष है. प्रचार वाहन कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी देते हुए जनपद के समस्त राजस्व ग्रामों में प्रचार प्रसार करते हुए कृषकों को जागरूक करेंगे. हरी झंडी दिखाते समय अमित जायसवाल, उप कृषि निदेशक एवं संगम सिंह, जिला कृषि अधिकारी मौजूद रहे.

बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
वाराणसी: भिखारीपुर में स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजलीकर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्वांचल के बड़ी संख्या में कर्मचारी, अभियंता, जूनियर इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और संविदाकर्मी शामिल हुए.बिजलीकर्मियों ने प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण, ऊर्जा प्रबंधन की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्मचारी हितों की आवाज उठाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार स्थानांतरण, निलंबन, चार्जशीट और मानसिक दबाव जैसी कार्रवाई की जा रही है.संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार और ऊर्जा प्रबंधन लगातार विद्युत सेवाओं के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जिसका असर न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। वक्ताओं ने मांग की कि 03 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को तत्काल लागू किया जाए.कर्मचारियों ने मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानांतरण और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग भी उठाई। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेने पर कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है.सभा में वक्ताओं ने मई 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधन को “तानाशाहीपूर्ण” बताते हुए कहा कि बिना जांच और बिना सुनवाई सेवा से बर्खास्त करने का प्रावधान पूरी तरह कर्मचारी विरोधी है। इसके साथ ही फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में भाग लेने पर स्थानांतरण, स्मार्ट मीटर लगाने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों को वापस लेने की मांग की गई.सभा को ई. जितेंद्र सिंह गुर्जर, ई. मायाशंकर तिवारी, महेंद्र राय, ओपी सिंह, प्रेमनाथ राय, चंद्रभूषण उपाध्याय समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ALSO READ: पंचकोशी यात्रा की तैयारियों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा...
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वाराणसी: नगर निगम द्वारा पंचकोशी यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं. सोमवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शिवपुर स्थित पांचो पांडव मंदिर, धर्मशाला एवं पंचकोशी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया.निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. यात्रा मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए.भीषण गर्मी को देखते हुए धर्मशालाओं में ठहरने वाले यात्रियों के लिए कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि कूलरों में नियमित रूप से पानी भरने की व्यवस्था भी बनी रहे, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.ALSO READ:राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...रात्रि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंचकोशी मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश भी संबंधित विभागों को दिए.नगर निगम प्रशासन ने कहा कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा किया जा रहा है.
राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...
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नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. कला, चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला.भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान वायलिन वादक डॉ. एन. राजम् को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. “सिंगिंग वायलिन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. राजम् ने हिंदुस्तानी संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में लंबे समय तक प्रोफेसर और डीन के रूप में सेवाएं दीं.संक्रामक रोगों विशेषकर काला- अजार के उपचार और अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रो. श्याम सुन्दर को पद्म श्री से सम्मानित किया गया. बीएचयू में उनके नेतृत्व में काला- अजार रिसर्च को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और उनके शोध कार्यों को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा.पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रो. बुद्ध रश्मि मणि को भी पद्म श्री प्रदान किया गया.अयोध्या, सारनाथ और कपिलवस्तु सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर उनके शोध और उत्खनन कार्यों ने भारतीय इतिहास अध्ययन को नई दिशा दी.ALSO READ:धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवालपद्म पुरस्कारों में बीएचयू से जुड़ी हस्तियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है. शिक्षा, शोध और संस्कृति के क्षेत्र में बीएचयू की मजबूत परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है.