वाराणसी में दिखेगा कर्नाटक के ऐहोल मंदिर का प्रतिरूप, 18 कारीगर बना रहे भव्य पंडाल...
वाराणसी : शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर धर्मनगरी काशी में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मच्छोदरी स्थित बाबा मच्छोदरीनाथ दुर्गोत्सव समिति की ओर से इस बार कर्नाटक के प्रसिद्ध ऐहोल मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। कोलकाता से आए 18 कारीगर करीब डेढ़ महीने से पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पंडाल की फिनिशिंग का काम चल रहा है। लाइटिंग के बाद इसकी भव्यता और बढ़ जाएगी। यहां मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान समिति की ओर से पांच दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें भजन, गजल गायन और गरबा समेत कई कार्यक्रम होंगे। 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले आयोजनों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, 21 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और प्रसाद वितरण किया जाएगा।
पंडाल में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके अलावा समिति के स्वयंसेवक भी सुरक्षा और व्यवस्था संभालेंगे। पंडाल को आग से सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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वहीं, नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। वाराणसी के दुर्गा घाट पर स्थित मां ब्रह्मचारिणी के मंदिर में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, अनुशासन और आत्मसंयम की प्रतीक हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा-अर्चना से भक्तों को मनोकामना पूर्ति और आध्यात्मिक शक्ति का आशीर्वाद मिलता है।



