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वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में कवरेज को लेकर हंगामा, गार्ड और मीडिया कर्मियों के बीच झड़प

वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में कवरेज को लेकर हंगामा, गार्ड और मीडिया कर्मियों के बीच झड़प
Mar 07, 2026, 10:47 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: दर्जनों वाहनों में सवार होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायी 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्या मठ से रवाना हुए. लखनऊ प्रस्थान करने से पहले उन्होंने वाराणसी के प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम और संकट मोचन बाबा का दर्शन-पूजन किया. शंकराचार्य के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी कवरेज के लिए मंदिर परिसर में पहुंच गए. भीड होने के कारण गहमागहमी के बीच कवरेज को लेकर मीडिया कर्मियों और मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड के बीच कहासुनी शुरू हो गई. मीडिया कर्मी कवरेज की अनुमति और व्यवस्था को लेकर बात कर रहे थे, तभी विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई.


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मामला गाली गलौच तक पहुंच गया. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार तीखी बहस के दौरान एक गार्ड ने एक वरिष्ठ पत्रकार की ओर हाथ उठाकर हमाला करने की कोशिश भी की. घटना के दौरान कुछ तीखे शब्द भी बोले गए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.


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VVIP लोगों को मोबाइल फोन के संग मंदिर परिसर में एंट्री


बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में कई बार वीवीआईपी लोगों को मोबाइल फोन और कैमरे के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस बार मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पत्रकारों का कहना है कि जब भी मंदिर के महंत जी से जुड़ी कोई खबर होती है तो मीडिया को अंदर बुलाकर सम्मानपूर्वक कवरेज कराया जाता है, लेकिन इस बार मीडिया के साथ हुआ व्यवहार समझ से परे है. घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि वीवीआईपी लोगों को अंदर मोबाइल और कैमरे की अनुमति मिल जाती है, तो फिर मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोकने और इस तरह का व्यवहार करने की क्या वजह थी.


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इस पूरे मामले के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि बाद में स्थिति को शांत करा दिया गया और शंकराचार्य ने दर्शन-पूजन के बाद लखनऊ के लिए प्रस्थान कर दिया. मंदिर प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस संबंध में पूछे जाने पर मंदिर प्रशासन मुंह खोलने से कतराता रहा.

वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षण
वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षण
वाराणसी: पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इसको लेकर बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने थानेवार पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. पर्यटन अधिकारी मानीटरिंग करेंगे. समिति संचालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, मकान में कमरों की संख्या, पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर जांच करेगी. शर्तों को पूरा नहीं करने पर बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस नहीं मिलेगा.इतना ही नहीं, पर्यटन विभाग में पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस को 31 मार्च तक पंजीयन कराना होगा. एक अप्रैल से पेइंग गेस्ट हाउस का नाम नहीं रहेगा. जिले में कुल 28 समितियां गठित की गई हैं. पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर पर्यटन नीति में बदलाव किए गए हैं. यहां ठहरने वाले पर्यटकों से संचालक घर में आने वाले रिश्तेदार की तरह व्यवहार करना है. इस योजना के तहत अधिकतम छह कमरे होने के साथ 12 बेड होंगे. इससे अधिक होने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍यग्रामीण क्षेत्र में ठहरने वाले पर्यटक ग्रामीण परिवेश का आनंद उठा सकेंगे. लाइसेंस उन्हीं भवनों में दिया जाएगा जिसमें परिवार रहता हो. वहीं, पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर संचालकों को सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा, कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे होने के साथ उसमें 90 दिन की रिकार्डिंग की सुविधा होगी. पर्यटन विभाग ने जिले में करीब 1632 पेइंग गेस्ट हाउस के लाइसेंस जारी किए हैं. अब इन्हें भी बेड एंड ब्रेक एवं होमस्टे के नाम से पंजीयन कराना होगा. नगर निगम, पर्यटन विभाग, राजस्व, अग्निशमन और पुलिस विभाग की टीम बनाई गई है.लगाए जाएंगे वीडियो और फोटोग्राफपेइंग गेस्ट हाउस में पांच कमरे का लाइसेंस मिलता था जिसे अब बंद करने का निर्णय लिया गया है. मकान में नौ कमरे से अधिक होने पर होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस नहीं मिलेगा. क्योंकि अधिक कमरा होने पर संचालक चोरी-छिपे अन्य कमरों को पर्यटकों को देंगे. होटल और गेस्ट हाउस संचालक अब बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस नहीं ले पाएंगे, क्योंकि मकान के अंदर के साथ बाहर के वीडियो और फोटोग्राफ लगाए जाएंगे. गलत रिपोर्टिंग करने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसकी मानीटरिंग पर्यटन अधिकारी करेंगे. संचालक मकान में बने कमरे में से दो तिहाई ही कमरा किराए पर दे पाएगा. अधिकतम छह कमरे का लाइसेंस मिलेगा.बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस देने से पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट आने पर लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा। समिति को सख्ती से स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। गलत रिपोर्ट देने पर समिति या संबंधित कर्मी को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।-दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक पर्यटन
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍य
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍य
वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर काशी में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं. इसी क्रम में सिगरा स्टेडियम में भी एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि महिला दिवस 8 मार्च 2026 के उपलक्ष्य में, जिला प्रशासन द्वारा आईटीबी फाउंडेशन के सहयोग से कल सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के लिए एक महा अभियान, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए आयोजित किया जा रहा है. विदित है कि 14 जनवरी को नमो रथ नाम से हम लोगों ने 20 एंबुलेंस यहां पर चलाई थीं और जिसके माध्यम से पूरे जनपद में 20 अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की जा रही थी. पिछले दिनों में 36,000 से ज्यादा महिलाओं की अब तक स्क्रीनिंग की जा चुकी है.सीडीओ ने बताया कि इसी उपलक्ष्य में महिला दिवस के अवसर पर, एक ही जगह पर हम लोग कल 10,000 से ज्यादा महिलाओं का ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, एआई एनेबल टेक्नोलॉजी के माध्यम से करने जा रहे हैं. यह जो तकनीक है, यह नो टच नो सी प्रोसेस पर आधारित है. यानी कोई टच या किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति उस समय नहीं होती है, तो महिलाओं की प्राइवेसी एनसॉल्ड रहती है. मैं आपके माध्यम से हमारी वाराणसी जनपद की महिलाओं से अनुरोध करना चाहूंगा कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में, जिला सिगरा स्टेडियम में कल आएं और यह जो ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की जांच है, इसको कराएं ताकि आपको अर्ली स्टेज में अगर कोई कैंसर है या कोई बीमारी है, तो उसको डिटेक्ट किया जा सके और आगे का जो प्रोसीजर है, उसमें भी जिला प्रशासन आपके साथ हमेशा सहयोग में खड़ा रहेगा.यह भी पढ़ें: वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शनटाटा कैंसर हॉस्पिटल और अन्य हॉस्पिटल से जो सहयोग भी चाहिए होगा, उसमें भी जिला प्रशासन खड़ा रहेगा. कल 8 मार्च 2026 को सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सिगरा स्टेडियम में अपनी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की, जो एआई अनेबल थर्मल इमेजिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित जांच है, जो नो टच नो सी प्रोसीजर पर है, उसको कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में आएं
वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन
वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन
वाराणसी: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर आज अम्बेडकर पार्क, कचहरी में सात मार्च शनिवार की सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक एक दिवसीय मौन उपवास और धरना आयोजित किया गया. कार्यक्रम में शहर के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और नागरिकों ने भाग लिया.आयोजन के उद्देश्य के सन्दर्भ में मंच द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच, युद्ध की घोषणा किए बिना, ईरान पर की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई, वहां के राष्ट्रीय एवं धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में डेढ़ सौ से अधिक छोटी बच्चियों की मौत मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है.ट्रंप कार्रवाई से बड़ा खतराअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल द्वारा की गई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है. वक्तव्य में वेनेज़ुएला के खिलाफ एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव की भी आलोचना की गई और कहा गया कि ग्रीनलैंड पर कब्जे, पनामा नहर पर नियंत्रण, कनाडा को अमरीका का “51वाँ राज्य” बनाने तथा गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी धमकियाँ अमेरिका की अलोकतांत्रिक और अधिनायकवादी नीतियों को दर्शाती हैं.मंच ने यह भी कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव, जैसे रूसी तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ की धमकी तथा 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा, साम्राज्यवादी दबाव की श्रृंखला का हिस्सा है. ऐसे दबावों के सामने भारत सरकार का कमजोर रुख देश की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए हानिकारक है.भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्षसाझा संस्कृति मंच ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के नेतृत्व में चला भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने का निर्देश देता है. मंच ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए युद्ध तत्काल रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की अपील की है. मंच के अनुसार रमज़ान के पवित्र महीने में जब दुनिया के एक हिस्से में खून-खराबा हो रहा है, तब वाराणसी के लोग सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए शांति की प्रार्थना के लिए इकट्ठा हुए.यह भी पढ़ें: शारीरिक अक्षमता के बाद समाज में स्‍थान हासिल करने वाली काशी की महिलाओं का सम्‍मानकार्यक्रम में कई लोग हुए शामिलइस कार्यक्रम में मुख्य रूप से फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी,राजेन्द्र प्रसाद,सिस्टर फ़्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका,मोहम्मद आसिम, प्रेम नट,कृष्णा, दिव्यांश,रुम्मान, सुनीता, सारा,एडवेकेट अबु हाशमी, एडवोकेट लोकेश कुमार सिंह, अशोक सिंह, जुबेर खान बागी, सुरेंद्र चरन,राजकुमार गुप्ता, सूर्य बली राम,एडवोकेट अब्दुला खालिद आदि लोग शामिल रहे.