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पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर

पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर
Mar 07, 2026, 10:13 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख अब तल्‍ख होने लगा है. इसके चलते अब धीरे धीरे वातावरण में गर्मी का रुख प्रभावी होता जा रहा है. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुसार अब ठंडक का असर बीत चुका है. मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण में गर्मी का रुख धीरे धीरे प्रभावी होने लगा है वह अब सप्‍ताह भर के बाद प्रभावी हो जाएगा. मौसम व‍िभाग ने हालांक‍ि इस पूरे सप्‍ताह मौसम के रुख में कुछ खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में बादलों की सक्र‍ियता भी अब नहीं है.


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वातावरण में गर्मी का घुलने लगा असर


शन‍िवार की सुबह वातावरण में हल्‍की ठंंडक और कुछ बदली की सूरत बनी हुई थी लेक‍िन सूरज का ताप सात बजे के बाद से प्रभावी होना शुरू होने के बाद वातावरण में गर्मी का असर घुलने लगा. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुरूप ही हवाओं का रुख भी कुछ सुस्‍त रहा. हालांक‍ि दि‍न में सतही हवाओं के चलने का अनुमान है. फगुआ हवाओं का रुख दोपहर में ही प्रभावी हो रहा है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले सप्‍ताह के बाद पछुआ का जोर भी पूरी तरह से थमने के साथ पुरवा का जोर नजर आने लगेगा.


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बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 32.3°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.7 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस अध‍िक रहा. न्‍यूनतम तापमान 17.8°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.0 ड‍िग्री अध‍िक रहा. आर्द्रता इस दौरान न्‍यूनतम 49% और अध‍िकतम 74% दर्ज क‍िया गया. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में आसमान साफ है और वातावरण का रुख शुष्‍क हो चला है. वातावरण में आर्द्रता और तापमान में इजाफा होने पर बादलों की सक्र‍ियता का रुख दोबारा हो सकता है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बदल भी सकता है.

अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍य
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍य
वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर काशी में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं. इसी क्रम में सिगरा स्टेडियम में भी एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि महिला दिवस 8 मार्च 2026 के उपलक्ष्य में, जिला प्रशासन द्वारा आईटीबी फाउंडेशन के सहयोग से कल सिगरा स्टेडियम में महिलाओं के लिए एक महा अभियान, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए आयोजित किया जा रहा है. विदित है कि 14 जनवरी को नमो रथ नाम से हम लोगों ने 20 एंबुलेंस यहां पर चलाई थीं और जिसके माध्यम से पूरे जनपद में 20 अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की जा रही थी. पिछले दिनों में 36,000 से ज्यादा महिलाओं की अब तक स्क्रीनिंग की जा चुकी है.सीडीओ ने बताया कि इसी उपलक्ष्य में महिला दिवस के अवसर पर, एक ही जगह पर हम लोग कल 10,000 से ज्यादा महिलाओं का ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, एआई एनेबल टेक्नोलॉजी के माध्यम से करने जा रहे हैं. यह जो तकनीक है, यह नो टच नो सी प्रोसेस पर आधारित है. यानी कोई टच या किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति उस समय नहीं होती है, तो महिलाओं की प्राइवेसी एनसॉल्ड रहती है. मैं आपके माध्यम से हमारी वाराणसी जनपद की महिलाओं से अनुरोध करना चाहूंगा कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में, जिला सिगरा स्टेडियम में कल आएं और यह जो ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की जांच है, इसको कराएं ताकि आपको अर्ली स्टेज में अगर कोई कैंसर है या कोई बीमारी है, तो उसको डिटेक्ट किया जा सके और आगे का जो प्रोसीजर है, उसमें भी जिला प्रशासन आपके साथ हमेशा सहयोग में खड़ा रहेगा.यह भी पढ़ें: वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शनटाटा कैंसर हॉस्पिटल और अन्य हॉस्पिटल से जो सहयोग भी चाहिए होगा, उसमें भी जिला प्रशासन खड़ा रहेगा. कल 8 मार्च 2026 को सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सिगरा स्टेडियम में अपनी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की, जो एआई अनेबल थर्मल इमेजिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित जांच है, जो नो टच नो सी प्रोसीजर पर है, उसको कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में आएं
वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन
वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन
वाराणसी: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर आज अम्बेडकर पार्क, कचहरी में सात मार्च शनिवार की सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक एक दिवसीय मौन उपवास और धरना आयोजित किया गया. कार्यक्रम में शहर के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और नागरिकों ने भाग लिया.आयोजन के उद्देश्य के सन्दर्भ में मंच द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच, युद्ध की घोषणा किए बिना, ईरान पर की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई, वहां के राष्ट्रीय एवं धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में डेढ़ सौ से अधिक छोटी बच्चियों की मौत मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है.ट्रंप कार्रवाई से बड़ा खतराअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल द्वारा की गई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है. वक्तव्य में वेनेज़ुएला के खिलाफ एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव की भी आलोचना की गई और कहा गया कि ग्रीनलैंड पर कब्जे, पनामा नहर पर नियंत्रण, कनाडा को अमरीका का “51वाँ राज्य” बनाने तथा गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी धमकियाँ अमेरिका की अलोकतांत्रिक और अधिनायकवादी नीतियों को दर्शाती हैं.मंच ने यह भी कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव, जैसे रूसी तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ की धमकी तथा 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा, साम्राज्यवादी दबाव की श्रृंखला का हिस्सा है. ऐसे दबावों के सामने भारत सरकार का कमजोर रुख देश की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए हानिकारक है.भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्षसाझा संस्कृति मंच ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के नेतृत्व में चला भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने का निर्देश देता है. मंच ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए युद्ध तत्काल रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की अपील की है. मंच के अनुसार रमज़ान के पवित्र महीने में जब दुनिया के एक हिस्से में खून-खराबा हो रहा है, तब वाराणसी के लोग सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए शांति की प्रार्थना के लिए इकट्ठा हुए.यह भी पढ़ें: शारीरिक अक्षमता के बाद समाज में स्‍थान हासिल करने वाली काशी की महिलाओं का सम्‍मानकार्यक्रम में कई लोग हुए शामिलइस कार्यक्रम में मुख्य रूप से फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी,राजेन्द्र प्रसाद,सिस्टर फ़्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका,मोहम्मद आसिम, प्रेम नट,कृष्णा, दिव्यांश,रुम्मान, सुनीता, सारा,एडवेकेट अबु हाशमी, एडवोकेट लोकेश कुमार सिंह, अशोक सिंह, जुबेर खान बागी, सुरेंद्र चरन,राजकुमार गुप्ता, सूर्य बली राम,एडवोकेट अब्दुला खालिद आदि लोग शामिल रहे.
शारीरिक अक्षमता के बाद समाज में स्‍थान हासिल करने वाली काशी की महिलाओं का सम्‍मान
शारीरिक अक्षमता के बाद समाज में स्‍थान हासिल करने वाली काशी की महिलाओं का सम्‍मान
वाराणसी: काशी विद्यापीठ ब्‍लाक रोड शिवदासपुर स्थित संत नारायण पुनर्वास संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को दिव्यांग होने के बावजूद भी अपने प्रेरणा दायी जीवन से समाज में मिसाल पेश करने वाली काशी की पांच दिव्यांग महिलाओं का सम्मान में किया गया. इन सभी दिव्यांग महिलाओं को अंगवस्त्रं एवं स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज हमने जिन महिलाओं का सम्मान किया है, निश्चित रूप से इन्होंने समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है.शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी लगन मेहनत परिश्रम और निष्ठा के बल पर वह स्थान हासिल किया है जो कि हम सबके लिए एक प्रेरणादाई है. उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए तथा हम सबको समझ ही तो देश हित में कार्य करना चाहिए. कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए डॉ. डीबी मिश्रा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इन महिलाओं का सम्मान करके हम खुद सम्मानित हो रहे हैं. ऐसी महान विभूतियों का सम्मान करना हम सबके लिए गर्व है और उनकी प्रेरणादाई जीवन से हम सबको प्रेरणा लेनी चाहिए.इन पांच महिलाओं का सम्मान 1. डॉ. मंगला कपूर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित, भारत में पहली एसिड अटैक की शिकार दिव्यांग महिला एवं राज्य स्तरीय तथा अनेक पुरस्कार प्राप्त उनके जीवन पर फिल्म बन चुकी है. वह बीएचयू में संगीत विभाग की अध्यक्ष भी रहीं.2. आरती टंडन सेवानिवृत शिक्षक 2001 में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यपाल आचार्य विष्णु कांत शास्त्री से सम्मानित, 2005 में राष्ट्रपति अब्दुल एपीजे अब्दुल कलाम से सम्मानित.3. सविता सिंह 2011 में राज्य सरकार से सम्मानित 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित. 2025 में वियतनाम में अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान से सम्मानित.4. डॉ नीतू टहलनी राज्य पुरस्कार से सम्मानित एवं शिक्षक तथा बीएचयू से हिंदी में डॉक्टरेट.5. जाह्नवी चतुर्वेदी संगीत के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त नाम और छात्र.यह भी पढ़ें: टी20 फाइनल: भारतीय टीम के वर्ल्‍डकप फतह के लिए गंगा पूजन, जीत के लिए की कामनाकार्यक्रम का संचालन राकेश पांडेय द्वारा तथा धन्यवाद ज्ञापन अरविंद चक्रवाल ने किया. इस अवसर पर डॉक्टर संजय चौरसिया, मदन मोहन वर्मा, राजीव टंडन, विभा चतुर्वेदी, डॉक्टर कल्पना दुबे, डॉक्टर डी के मिश्रा,नितिन, आस्था आदि उपस्थित थे.