भारत कला भवन में शुरू हुई कलाकार सुभाष चन्द्र की एकल चित्र प्रदर्शनी, चित्रों में दिखा जीवन, मृत्यु और मुक्ति का दर्शन...

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भारत कला भवन में मंगलवार को कलाकार सुभाष चन्द्र की तीन दिवसीय एकल चित्र प्रदर्शनी 'लाइफ, डेथ, लिबरेशन इन बनारस घाट' का शुभारम्भ हुआ. प्रदर्शनी में वाराणसी के घाटों को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, मृत्यु और मोक्ष के गहरे दार्शनिक प्रतीक के रूप में चित्रित किया गया है.
प्रदर्शनी का उद्घाटन बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने किया. इस दौरान भारत कला भवन के निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे. कार्यक्रम का संयोजन दृश्य कला संकाय के डॉ. सुरेश चन्द्र जांगिड़ ने किया.
प्रदर्शनी में कुल 16 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें काशी की आध्यात्मिक संस्कृति, श्मशान घाट, गंगा, साधु-संत और मोक्ष की अवधारणा को अलग-अलग कलात्मक रूपों में प्रस्तुत किया गया है. कलाकार ने ऑयल ऑन कैनवास, ऐक्रेलिक और मिश्रित माध्यमों का प्रयोग करते हुए गहरे रंगों और प्रतीकों के जरिए जीवन और मृत्यु के बीच के संबंध को दर्शाने का प्रयास किया है.
प्रदर्शनी में घाट लाइफ बियॉन्ड लाइफ, शिव एंड नंदी, बनारस : ऑल अबाउट लिबरेशन, मोक्ष, साल्वेशन बोट, बनारस साधु और पिंड दान जैसे चित्र विशेष आकर्षण का केंद्र हैं. वहीं मृत्यु शीर्षक त्रि-खंडीय चित्र में मृत्यु से मोक्ष तक की आध्यात्मिक यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है.
इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कलाकार की कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की. उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रत्येक चित्र की पृष्ठभूमि और उसकी अवधारणा पर कलाकार से विस्तार से चर्चा की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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कार्यक्रम के दौरान कलाकार सुभाष चन्द्र की प्रदर्शित कृतियों पर आधारित कैटलॉग का भी विमोचन किया गया. इस कैटलॉग में कलाकार की कला-यात्रा और प्रदर्शित चित्रों का संकलन शामिल है.
प्रदर्शनी में दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. उत्तमा दीक्षित, प्रख्यात कलाकार प्रो. विजय सिंह, डॉ. ललित मोहन सोनी, डॉ. प्रियंका चन्द्र, डॉ. कृष्णा सिंह, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे.



