रजिस्ट्री में आधार और पैन कार्ड अनिवार्य, ब्लैक मनी की एंट्री पर लगेगा विराम

वाराणसी : जमीन की खरीद फरोख्त में धांधली नहीं चलेगी. इससे जमीन सुरक्षित रहेगी और कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी संपत्ति को नहीं बेच सकेगा. यदि ऐसा किया गया, तो जेल जाना लगभग तय है. क्योंकि अब जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में क्रेता और विक्रेता को आधार और पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही, गवाहों का मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक होना आवश्यक है, अन्यथा रजिस्ट्री नहीं होगी. निबंधन विभाग ने यह नियम प्रभावी कर दिया है. आधार और पैन की अनिवार्यता से संपत्ति के क्रेता और विक्रेता की पहचान स्पष्ट होगी.
रजिस्ट्री दस्तावेज के साथ मूल व्यक्ति का एक पहचान पत्र साक्ष्य के रूप में हमेशा रहेगा. यदि कोई फ्रॉड करता है, तो उसकी धरपकड़ करना आसान होगा. पैन की अनिवार्यता गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार की गई है. सूत्रों की माने तो भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अचल संपत्ति के पंजीकरण के अंतर्गत वित्तीय अपराधों को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से स्थायी खाता संख्या (पैन) को अनिवार्य रूप से लिंक कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
इसी संदर्भ में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने प्रदेश के सभी उप निबंधक कार्यालयों को निर्देशित किया है कि रजिस्ट्री में पैन और आधार को अनिवार्य किया जाए. सीमावर्ती क्षेत्रों में बेनामी संपत्ति का खेल काफी बढ़ गया है. जमीन का असली मालिक न होने के बावजूद स्थानीय लोगों को खड़ा कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर संपत्ति का क्रय-विक्रय किया गया है, जिससे कई लोग लाभान्वित हुए हैं.
ब्लैक मनी की एंट्री पर विराम लगाने के लिए, बहुत से लोग दूसरे के नाम पर जमीन खरीदते थे और ब्लैक मनी का उपयोग करते थे. अब यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी. विक्रेता को अपनी पहचान उजागर करनी होगी और पैन कार्ड देना होगा. इस नए नियम के लागू होने से संपत्ति की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रुकेगा, जिससे मुकदमों की संख्या में कमी आएगी. वर्तमान में, जमीन-जायदाद से संबंधित फर्जी क्रय-विक्रय के मामले कोर्ट में सबसे अधिक हैं. संपूर्ण समाधान दिवस पर अक्सर यह शिकायतें आती हैं कि मेरी जमीन को किसी ने रजिस्ट्री कर दी.
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कई क्रेता भी ऐसे मामलों में फंस जाते हैं, जहां दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर मूल काश्तकार को हटाकर किसी और को मालिक बना दिया जाता है. अब यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी. नए नियमों के माध्यम से न केवल संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि बेनामी संपत्तियों के निर्माण पर भी रोक लगेगी. रजिस्ट्री में आधार और पैन कार्ड की अनिवार्यता से संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा.



