दालंमंडी में ध्वस्तीकरण के बीच मकान मालिक ने लगा दी आग, मौके पर अफरा तफरी

वाराणसी : दालमंडी में सोमवार की दोपहर उस समय लोग हतप्रभ रह गए जब ध्वस्तीकरण के बीच एक मकान मालिक ने आग लगा दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन के दबाव बनाने पर यह घटना सामने आई. इसके बाद मौके पर काफी देर तक हड़कंप मचा रहा. तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन ने भवन स्वामी को समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन भवन स्वामी द्वारा आग लगाने के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई. आनन-फानन पुलिस प्रशासन को सारी कार्रवाई कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी. मशक्कत के बाद आग बुझाई गई.

घटना के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में एक भवन का ध्वस्तीकरण किया जा रहा था. प्रशासन ने जब भवन स्वामी को ध्वस्तीकरण के लिए तैयार होने के लिए कहा, तो दबाव बनाने के बीच मकान मालिक ने अचानक आग लगाने का निर्णय ले लिया. उसने पेट्रोल छिडका और आग लगा दी. आग लगने के कारण धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद वहां अफरातफरी का माहौल बन गया. लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ लोग तो अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. इस घटना ने वाराणसी में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर से चर्चा को जन्म दिया है.

दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को एक बार फिर फारी फोर्स दालमंडी में भवनों पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची. इस कार्रवाई को लेकर भवन स्वामी और फोर्स के बीच भवन संख्या सीके 43/113 ए को लेकर तक-झक देर तक चलती रही. प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मौके पर भारी पुलिस बल को भी इस दौरान बुला लिया.
ALSO READ : महाशिवरात्रि - मथुरा से आई बाबा विश्वनाथ के लिए शगुन समाग्री, सीईओ ने किया स्वागत
हाल ही में संकरे रास्ते पर ध्वस्तीकरण के बाद पहली बार बुल्डोजर पहुंचा और ध्वस्तीकरण का काम तेजी से शुरू हुआ है. माना जा रहा है कि अब रास्ता चौड़ा होने के बाद भीतर तक बुल्डोजर की पहुंच होने के कारण कार्रवाई में तेजी आई है. इस कार्रवाई के दौरान, फारी फोर्स ने भवन स्वामियों को चेतावनी दी कि यदि वे अपने भवनों को स्वयं नहीं हटाते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान कई भवन स्वामियों ने अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए फारी फोर्स के सामने अपनी बात रखी, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई आवश्यक है और इसे रोका नहीं जा सकता. उधर, नगर निगम ने 21 भवनों को जर्जर घोषित किया है जिसे ध्वस्त किया जाना है. कार्रवाई से पहले एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने फोर्स को गाइड किया.



