बीएचयू में कुत्ते के हमले के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन, चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में बीते दिनों एक प्रोफेसर के कुत्ते द्वारा मासूम बच्चे को काटे जाने के मामले को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है, बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया, छात्रों ने परिसर में प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों के खुलेआम घूमने पर रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय परिसर में कई प्रोफेसर प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को लेकर खुलेआम घूमते हैं। इससे छात्रों और अन्य लोगों में भय का माहौल बना हुआ है, छात्रों ने कहा कि हाल में मासूम बच्चे को कुत्ते के काटने की घटना के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं.

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिसर में गाय रखने पर पूरी तरह रोक है, जबकि प्रतिबंधित कुत्तों को पालने और परिसर में घुमाने पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, छात्रों ने मांग की कि परिसर में प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों के पालन और उनके खुलेआम घूमने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.
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छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर भी गंभीर आरोप लगाए, उनका कहना था कि बोर्ड इस मामले को समझौते के जरिए खत्म करना चाहता है, लेकिन छात्र ऐसा नहीं होने देंगे. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परिसर में विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की.



