बरेका अधिकारी बनकर लाखों की ठगी का आरोप, एफआईआर दर्ज करने का निर्देश...

वाराणसी : बनारस रेल कारखाना (बरेका) में स्क्रैप आपूर्ति के नाम पर कथित धोखाधड़ी के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), वाराणसी की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सारनाथ थाना प्रभारी को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है.
याचिका के अनुसार, सारनाथ निवासी विवेक चौबे ने आरोप लगाया कि सुमित त्रिपाठी और आकर्ष जायसवाल ने स्वयं को बरेका का अधिकारी बताकर फर्जी परिचय पत्र एवं अन्य दस्तावेज दिखाए. आरोप है कि दोनों ने बरेका स्क्रैप सप्लाई का ठेका दिलाने का भरोसा देकर पीड़ित से लाखों रुपये अपने खाते में जमा करा लिए, लेकिन न तो स्क्रैप उपलब्ध कराया और न ही धनराशि वापस की.
पीड़ित का आरोप है कि बाद में जानकारी करने पर पता चला कि आरोपियों का बरेका से कोई संबंध नहीं है. शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने पर पीड़ित ने अपने अधिवक्ताओं अवनीश राय, राजन कुमार मांझी एवं विकास तिवारी के माध्यम से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया. सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए सारनाथ थाना प्रभारी को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का आदेश पारित किया है.
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जलपुलिस का सराहनीय कार्य
सोमवार को अपने मित्रों से वाद-विवाद के बाद एक युवती निवासी चौबेपुर राजघाट पर नाव से गंगा मे कूद गयी. ड्यूटी में लगे जल पुलिस के कांस्टेबल प्रभात श्रीवास्तव द्वारा तत्काल प्रभावी कार्यवाही करते हुए आवश्यक उपकरणों का प्रयोग कर गोताखोर मोनू तथा नाविकों के सहयोग से उक्त युवती को बचाया गया तथा अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना आदमपुर पुलिस को सुपुर्द किया गया. आदमपुर पुलिस द्वारा परिजनों को थाना आदमपुर पर बुलाकर उक्त महिला को परिवारजन को सकुशल सौंप दिया गया . परिवारजन द्वारा जल पुलिस तथा आदमपुर पुलिस का धन्यवाद करते हुए कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई.



