Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी विकास प्राधिकरण की बैठक में जोन-5 पर कार्रवाई, वेतन रोकने के निर्देश

वाराणसी विकास प्राधिकरण की बैठक में जोन-5 पर कार्रवाई, वेतन रोकने के निर्देश
Sep 05, 2025, 12:45 PM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी: विकास प्राधिकरण की मासिक समीक्षा बैठक में जोन-5 की लापरवाही पर सचिव डॉ वेद प्रकाश मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक में तय लक्ष्य के अनुरूप धनराशि जमा न होने पर जोन-5 के जोनल अधिकारी और अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया कि जोन-5 के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों का सितंबर माह का वेतन रोक दिया जाएगा। सचिव ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


g


सचिव ने बैठक में दिए निर्देश


सचिव ने बैठक में कहा कि सितंबर माह के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए. इसके अंतर्गत प्रत्येक जोन से कम से कम 10 बड़े मानचित्रों की स्वीकृति सुनिश्चित करनी होगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य को शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए और इसके लिए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए. उनका कहना था कि अगर प्रारंभिक स्तर पर ही कार्रवाई की जाएगी तो अवैध विक्रय और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी.


ALSO READ :वाराणसी में 6 व 7 को PET परीक्षा: एक लाख परीक्षार्थी, रेलवे संग प्रशासन ने कसी कमर


शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाये


डॉ मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए. इसके लिए अवर अभियंता स्वयं शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करें. बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक स्वीकृत मानचित्रों की संख्या बेहद कम है. जोन-3 में 8, जोन-4 में 1 और जोन-5 में केवल 1 मानचित्र स्वीकृत हुआ है. इस प्रकार अब तक कुल 10 मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं.


अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई


बैठक में यह भी बताया गया कि शमन शुल्क के रूप में अब तक 3 करोड़ 34 लाख 73 हजार 850 रुपये प्राधिकरण कोष में जमा कराए गए हैं. सचिव ने दोहराया कि अगर लक्ष्य से कम धनराशि जमा होगी तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें स्वयं सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

वाराणसी में कैब चालक ने महिला यात्री से की छेड़खानी, केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी...
वाराणसी में कैब चालक ने महिला यात्री से की छेड़खानी, केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी...
वाराणसी : शहर में रैपिडो चालक द्वारा महिला यात्री के साथ छेड़खानी की असहज करने वाली घटना सामने आई है. पीड़‍िता ने बताया क‍ि दुस्साहसी चालक ने एक नहीं कई बार गंदे तरीके से उसके घुटने से ऊपर के हिस्से को छूने की कोशिश की, जिससे वह भयग्रस्‍त हो गई. दहशत में आई युवती ने राइड के बाद खुद को संभाला और आरोप‍ित कैब चालक के खिलाफ थाना भेलूपुर में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस मामले की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित महिला यात्री के पास उपलब्ध तथ्यों के जरिए कैब चालक की पहचान करने में जुट गई है, ताकि उसकी गिरफ्तारी की जा सके.पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित महिला ने बताया कि वह 24 मई को गुरुबाग से महाबीर मंदिर (अर्दली बाजार) के लिए कैब बुक की थी. चालक उनको गाड़ी में बैठाकर चलने के कुछ देर बाद ही छेड़खानी शुरू कर दी. पीड़िता ने तहरीर में बताया कि वह रैपिडो जैसे विशेष पहचान रखने वाली कंपनी के चालक की हरकत से असहज महसूस करने लगी. सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि तहरीर मिलते ही केस दर्ज किया गया है. आरोपित चालक का ब्योरा रैपिडो कंपनी से मांगा गया है. घटनाक्रम में पुलिस जल्द ही आरोप‍ित की गिरफ्तारी करेगी.महिला ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया कि जब वह गाड़ी में बैठी थी, तब चालक ने उसे असहज करने वाली हरकतें की. यह घटना उस समय हुई जब वह अपने गंतव्य की ओर जा रही थी. पीड़िता ने बताया कि चालक ने उसके घुटने से ऊपर के हिस्से को गलत तरीके से कई बार छूने की कोशिश की, जिससे वह अत्यंत भयभीत हो गई. इस घटना ने न केवल उसकी सुरक्षा को खतरे में डाला, बल्कि उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला.ALSO READ : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया और चालक की पहचान के लिए रैपिडो कंपनी से संपर्क किया. सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और पुलिस इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…
वाराणसी : गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मंगलवार,26 मई को काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला.ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी के शुभ अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की और से विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस दौरान मंदिर परिसर में पूजा- अर्चना ,वैदिक मंत्र उच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया.सुबह के समय काशी विश्वनाथ के मंदिर के घाट पर मां गंगा की आरती की गई. इसके बाद श्रद्धा और रीति रिवाज के साथ मां गंगा का अभिषेक संपन्न हुआ वही धाम परिसर में स्थापित मां गंगा के प्रतिमा का भी विधिवत पूजा अर्चना किया गया. पूरे परिसर में श्रद्धा और भारती का माहौल बना रहा. जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा वह पवित्र दिन माना जाता है जब मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा और आराधना करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।ALSO READ : बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.इस अवसर पर मंदिर न्यास के अधिकारी, कर्मचारी,और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मां गंगा और बाबा श्री काशी विश्वनाथ का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे धाम में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
वाराणसी: भिखारीपुर में स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजलीकर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्वांचल के बड़ी संख्या में कर्मचारी, अभियंता, जूनियर इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और संविदाकर्मी शामिल हुए.बिजलीकर्मियों ने प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण, ऊर्जा प्रबंधन की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्मचारी हितों की आवाज उठाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार स्थानांतरण, निलंबन, चार्जशीट और मानसिक दबाव जैसी कार्रवाई की जा रही है.संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार और ऊर्जा प्रबंधन लगातार विद्युत सेवाओं के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जिसका असर न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। वक्ताओं ने मांग की कि 03 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को तत्काल लागू किया जाए.कर्मचारियों ने मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानांतरण और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग भी उठाई। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेने पर कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है.सभा में वक्ताओं ने मई 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधन को “तानाशाहीपूर्ण” बताते हुए कहा कि बिना जांच और बिना सुनवाई सेवा से बर्खास्त करने का प्रावधान पूरी तरह कर्मचारी विरोधी है। इसके साथ ही फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में भाग लेने पर स्थानांतरण, स्मार्ट मीटर लगाने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों को वापस लेने की मांग की गई.सभा को ई. जितेंद्र सिंह गुर्जर, ई. मायाशंकर तिवारी, महेंद्र राय, ओपी सिंह, प्रेमनाथ राय, चंद्रभूषण उपाध्याय समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ALSO READ: पंचकोशी यात्रा की तैयारियों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा...