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काशी - अयोध्या के बाद मथुरा-वृंदावन में भी आध्यात्मिक विकास की नई गाथा - जयवीर सिंह

काशी - अयोध्या के बाद मथुरा-वृंदावन में भी आध्यात्मिक विकास की नई गाथा - जयवीर सिंह
Jan 30, 2026, 11:48 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : काशी कॉरिडोर के माध्यम से काशी का भव्य कायाकल्प हुआ है और विकास की एक नई गाथा लिखी गई है. काशी और अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन भी उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक विकास त्रिकोण के सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं, जहां ‘राधे-राधे’ की गूंज के साथ संस्कृति, आस्था और विरासत की नई चेतना प्रदेश की पहचान को और मजबूत कर रही है. यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वाराणसी में चल रहे पिंडरा महोत्सव में उद्घाटन के दौरान कही. उन्होंने पिंडरा महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक परंपराओं के संवर्धन का सशक्त माध्यम है.


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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संस्कृति, परंपरा और भारतीय मूल्यों के संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है. काशी में जन्म लेना सौभाग्य की बात है, यह मोक्षदायिनी भूमि है.


‘हर-हर महादेव’ से राधे-राधे’ तक, संस्कृति से संवर रहा उत्तर प्रदेश


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जयवीर सिंह ने कहा कि, काशी–अयोध्या के बाद अब मथुरा और वृंदावन भी विकास के उसी आध्यात्मिक त्रिकोण में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. चाहे काशी हो, अयोध्या हो, मथुरा-वृंदावन हो, नैमिषारण्य धाम हो या विंध्यवासिनी धाम, आज उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र हो, जहां पर्यटन और संस्कृति की किरणों से धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान को सशक्त न किया गया हो. मंत्री ने कहा कि, विधायक डॉ. अवधेश सिंह एवं आप सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर पिंडरा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं.


पिंडरा महोत्सव में कलाकारों का मेला


MANOJ TIWARI


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वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में पिंडरा महोत्सव शुरू हो गया है. 30 जनवरी से 1 फरवरी तक नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में चलने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव कला, संस्कृति और विकास का संगम प्रस्तुत कर रहा है. भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिला है. शाम के कार्यक्रमों में लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां हो रही हैं. महोत्सव की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. बच्चों के लिए खेलकूद और शैक्षिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं. कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल्स से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है. महिलाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी महोत्सव का हिस्सा हैं.

सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
वाराणसी: केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस), सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी ऐतिहासिक स्थल को मिला सम्मान नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को पूरी दुनिया द्वारा स्वीकार किए जाने का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि धम्मचक्कप्पवत्तन दिवस के 2605वें आयोजन से ठीक पहले मिली यह उपलब्धि सारनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करती है। यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र का प्रवर्तन किया था। आज भी यह स्थान विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।प्रो. नेगी ने कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी प्राचीन सभ्यता से नहीं, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों से है जिन्हें भगवान बुद्ध ने मानवता के सामने रखा। सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का उनका संदेश वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।ALSO READ : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुलपति ने देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारनाथ अब केवल इतिहास का साक्षी नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के साझा भविष्य का भी प्रेरणा-स्थल बनकर उभरेगा। उन्होंने अंत में कामना की कि भगवान बुद्ध का करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण विश्व में सद्भाव, शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहे।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।