वाराणसी में एयर शो: बाबतपुर एयरपोर्ट रहेगा नो फ्लाई जोन, वाराणसी आने-जाने वाले विमान होंगे री-शेड्यूल

वाराणसी : नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो में लड़ाकू विमानों के आसमान में करतब दिखाने से पहले जमीन पर संचार व्यवस्था का पूरा अभ्यास 20 और 21 अक्टूबर को होगा. एयर शो के दौरान लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर कुछ देर तक विमानों का संचालन बंद रहेगा. एयरपोर्ट नो फ्लाई जोन रहेगा. अभ्यास के दौरान पायलट और जमीन पर मौजूद विभिन्न टीमों के बीच रेडियो संपर्क को परखा जाएगा. इसके लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), फ्लाइट डिस्प्ले डायरेक्टर, एयरपोर्ट संचालन टीम और ग्राउंड टीम के बीच संचार व्यवस्था को पहले ही परखा जाएगा. एयर शो का समय दोपहर 12 से 2:30 बजे तक प्रस्तावित है.
इस दौरान वाराणसी समेत आसपास के जिलों से फाइटर जेट उड़ान भरेंगे और करतब दिखाएंगे. इसे देखते हुए बाबतपुर एयरपोर्ट पर एयर शो के दौैरान विमानों का संचालन बंद रहेगा. दोपहर 12 से 2:30 बजे के बीच वाराणसी आने-जाने वाले विमानों को कुछ देर के लिए री-शेड्यूल किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए डीजीसीए की अनुमति अभी नहीं मिली है. वहीं, एयर शो के लिए दो दिन पहले होने वाला अभ्यास भी महत्वपूर्ण होगा. एयर शो के दौरान पायलट को तय उड़ान क्षेत्र, ऊंचाई, दिशा और प्रदर्शन के क्रम के मुताबिक आगे बढ़ना होता है. फॉर्मेशन में उड़ान भरने वाले विमानों के बीच समय और दूरी का तालमेल भी महत्वपूर्ण रहता है. ऐसे में रेडियो कम्युनिकेशन के जरिये मिलने वाली सूचनाएं और निर्देश स्पष्ट होने जरूरी हैं. कार्यक्रम से पहले होने वाले रिहर्सल में इसी पूरी प्रक्रिया को जांचा जाएगा.
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एक ही संचार व्यवस्था से जुड़े रहेंगे कई स्तर
एयर शो के दौरान आसमान में मौजूद पायलट और ग्राउंड पर मौजूद टीम एक ही संचार व्यवस्था से जुड़े रहेंगे. रिहर्सल के दौरान इन सभी स्तरों के बीच रेडियो संपर्क की प्रक्रिया को जांचा जाएगा. यह देखा जाएगा कि जरूरी सूचना सही टीम तक कितनी तेजी से पहुंच रही है और पायलटों के साथ संचार में किसी तरह की बाधा तो नहीं है. अलग-अलग टीमों की भूमिका और जरूरत के मुताबिक संचार का क्रम भी पहले से निर्धारित रहेगा. एयर शो के दिन विमानों की उड़ान शुरू होने के बाद किसी नई व्यवस्था को आजमाने के बजाय पहले से तय संचार प्रणाली के अनुसार काम किया जाएगा. इसके लिए कार्यक्रम से पहले कम्युनिकेशन चैनल, रेडियो संपर्क और संबंधित टीमों के बीच तालमेल को परखा जाएगा. रिहर्सल में वास्तविक प्रदर्शन जैसी परिस्थितियों में समन्वय की प्रक्रिया को समझने और कमियों को दूर करने पर जोर रहेगा.



