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अखिलेश पर बरसे ओम प्रकाश राजभर, बोले- मुगलों की सेना में भर्ती होकर अत्याचार करते थे यादव

अखिलेश पर बरसे ओम प्रकाश राजभर, बोले- मुगलों की सेना में भर्ती होकर अत्याचार करते थे यादव
May 03, 2026, 12:22 PM
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Posted By Preeti Kumari

Om Prakash Rajbhar lashed out at Akhilesh, saying – Yadavs used to commit atrocities after joining the Mughal army.


UP News: उत्तर- प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानि (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि, यादव पहले मुगलों की सेना में भर्ती होकर पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करते थे. बाद यही भूमिका अंग्रेजों की सेना में निभाते थे, अत्याचार की घटनाएं अब भी जारी हैं.जिसका नतीजा हर किसी के सामने है, बाराबंकी और मऊ की घटना जिसे देख इस बात का साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है.


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राजभर ने साधा सपा पर निशाना


दरअसल, बीते शनिवार को कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर एक कार्यक्रम के सिलसिले में बिलया जिले के रसड़ा में जनता को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काम अब सिर्फ और सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और सोशल मीडिया पर लिखने तक ही सीमीत रह गया है. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि, यादव पहले मुगलों की सेना में भर्ती होकर अत्याचार करते थे, जिसके चलते उनकी सरकार ही हमेशा-हमेशा के लिए चली गई. अब शायद ही उनकी सरकार बनना मुश्किल है. सरकार ना बनने की चिंता की वजह से अब अखिलेश यादव अक्सर सोशल मीडिया पर ही नजर आते है, क्योंकि उन्हें भी पता है कि अब उनकी सरकार आना काफी मुश्किल है.


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ओम प्रकाश राजभर ने सपा पर कटाक्ष कर कहा कि, महंगाई का शोर मचाने वालों को 15 साल पीछे जाकर हालात की तुलना करनी चाहिए, उन्हें ये देखना चाहिए की पहले की तुलना में अब के हालात कितने बेहतर है, गांवों में मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों की संख्या बढ़ी है, लोगों की क्रय शक्ति में इजाफा हुआ है.


बीएचयू में दूर होगी जलजमाव की समस्‍या, समन्वित कार्ययोजना तैयार...
बीएचयू में दूर होगी जलजमाव की समस्‍या, समन्वित कार्ययोजना तैयार...
वाराणसी : बीएचयू ने मानसून के दौरान परिसर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है. वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने वाराणसी नगर निगम और उत्तर प्रदेश जल निगम के साथ समन्वित कार्ययोजना तैयार की है. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, छह जून से शुरू हुए अभियान के तहत पूरे परिसर में वर्षा जल निकासी नेटवर्क की सफाई, नालियों से गाद हटाने और आवश्यक मरम्मत का कार्य तेज गति से चल रहा है. निर्माण विभाग, स्वच्छता एवं सहायता सेवाएं तथा बागवानी विभाग संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं.अस्‍पताल और ट्रॉमा सेंटर को प्राथमिकताALSO READ : आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशकअभियान का उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव को रोकना, परिसर में आवागमन सुचारु बनाए रखना और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने देना है. परिसर के विशाल क्षेत्रफल को देखते हुए कार्यों को अलग-अलग जोन में विभाजित कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है. सर सुंदरलाल चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर के आसपास के क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. अस्पताल, महिला महाविद्यालय और ट्रॉमा सेंटर की ओर जाने वाली कंक्रीट जलनिकासी लाइनों की सफाई जल्द शुरू होगी, ताकि एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही प्रभावित न हो.अत्यधिक वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य परिसर और ट्रॉमा सेंटर के निचले इलाकों में उच्च क्षमता वाले जल पंप लगाए जा रहे हैं, जो अगले दो-तीन दिनों में उपलब्ध हो जाएंगे. इन पंपों की मदद से अतिरिक्त वर्षा जल को तेजी से निकालकर विश्वविद्यालय के आंतरिक जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा. इससे जलभराव कम होने के साथ जलाशयों का जलस्तर भी बेहतर होगा.वहीं, ट्रॉमा सेंटर से सामनेघाट की ओर जाने वाले नाले की सफाई का कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम और वाराणसी नगर निगम ने शुरू कर दिया है.इसके अलावा केंद्रीय परिसर, विभिन्न शैक्षणिक विभागों और छात्रावासों की खुली एवं आंतरिक जलनिकासी लाइनों की भी सफाई कराई जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा रहे हैं.
आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशक...
आईआईटी बीएचयू का स्‍थापना दिवस, एक मंच पर दिखेंगे विज्ञानी, किसान और निवेशक...
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू में पहली बार 29 जून को संस्थान दिवस मनाने जा रहा है. संस्थान दिवस उत्थान में एआई गुरु, डेटा साइंटिस्ट, किसान, रक्षा वैज्ञानिक, निवेशक, युवा उद्यमी एक मंच होंगे और एक-दूसरे की जरूरतों और समस्याओं को सुनकर उनका समाधान देंगे. काशी के स्कूलों से लेकर आईआईटी के छात्र उनके सवाल पूछ सकेंगे. यहां इसरो-डीआरडीओ के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही एग्री टेक, डीप टेक, मेड टेक, बायो इनोवेशन, ई-मोबिलिटी और सस्टनेबल तकनीक, हाइड्रोजन, डिफेंस कॉरिडोर की प्रगति रिपोर्ट भी रखी जाएगी.स्वतंत्रता भवन सभागार में सुबह 9 बजे से शुरू हो रहे इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ सकते हैं, उनको निमंत्रण भेजा गया है. एक टेक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसमें 100 शोकेस में 50 तकनीक-एआई पर आधारित प्रदर्शनी होगी, बाकी कृषि, निवेशकों और स्टार्टअप्स की होगी. कार्यक्रम में 12 पुरा छात्रों को डिस्टिंग्विश्ड एलुमनस अवाॅर्ड दिया जाएगा. उन्हें उनके पेशेवर, शैक्षणिक, औद्योगिक, उद्यमिता, अनुसंधान और सार्वजनिक जीवन में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. ये सम्मान प्रोफेशन, इंडस्ट्री एंड एंटरप्रेन्योरशिप, एकेडमिक्स, सार्वजनिक जीवन, रिसर्च और इनोवेशन डिस्टिंग्विश सर्विसेज टू द इंस्टीट्यूट और 45 साल के कम उम्र वाले पुरा छात्रों को यंग एलुमनस अचीवर्स अवाॅर्ड दिया जाएगा.इस साल 88 पेटेंट पाने वालों का सम्‍मानALSO READ : फुटपाथ का किराया, सड़क पर कारोबार,आखिर जिम्मेदार कौन...आईआईटी बीएचयू के डीन रिसर्च प्रो. राजेश कुमार के मुताबिक संस्थान में इस साल कुल 161 पेटेंट फाइल किए गए जिसमें से रिकॉर्ड 88 पेटेंट पाने वाले 69 वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को सम्मानित किया जाएगा. ये पेटेंट एक साल का नया रिकॉर्ड है. आयोजनकर्ता और बायो मेडिकल इंजीनियरिंग के प्रो. प्रदीप पाइक ने कहा कि कई शानदार छात्र मिलते हैं. बीएचयू के अलग-अलग विभागों के साथ हम लोग लैब में एआई आधारित थेरेपी और इनोवेशन कर रहे हैं. हम लोग आग पर भी काबू करने के लिए फायर मैनेजमेंट पर भी काम करेंगे. बायो केमिकल इंजीनियरिंग और आयोजक मंडल की डॉ. आभा मिश्रा ने कहा कि हम राष्ट्रीय महत्व की चीजों को अपने रिसर्च में शामिल करने जा रहे हैं. आयोजन मंडल में शामिल डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छ तकनीक, हाईटेक कंप्यूटिंग, इंटेलीजेंट सिस्टम, रक्षा तकनीक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, निवेशकों आदि की थीमेटिक प्रदर्शनी देखेगी.चयनित स्टार्टअप्स निवेशकों और नवाचार इको सिस्टम के सामने अपने पिच डेक प्रस्तुत करेंगे. इससे उन्हें वित्तीय सहयोग मिलेगा. पिच सेशन के प्रदर्शन के आधार पर इन्क्यूबेटेड चयनित स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग दी जाएगी. विद्यार्थियों, प्रोफेसरों, पूर्व छात्रों, उद्योग और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करेगा. रिसर्च, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में संस्थान के बढ़ते योगदान को दिखाएगा. - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक
मातृशक्ति और राष्ट्र निर्माण पर मंथन, प्रशिक्षण में क्रीड़ा भारती को सशक्त बनाने पर जोर...
मातृशक्ति और राष्ट्र निर्माण पर मंथन, प्रशिक्षण में क्रीड़ा भारती को सशक्त बनाने पर जोर...
वाराणसी : क्रीड़ा भारती मातृशक्ति काशी प्रांत द्वारा शनिवार को सिगरा के शिवपुरवा में एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति को संगठित कर क्रीड़ा संस्कार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना रहा. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. दीप प्रज्ज्वलन प्रांत मंत्री वीरेन्द्र नाथ उपाध्याय, प्रांत अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव एवं प्रांत मातृशक्ति प्रमुख डॉ. संध्या दुबे ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम का संचालन शिखा शर्मा ने किया.उन्होंने कहा कि मातृशक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे सशक्त शक्ति भी है. उन्होंने महिलाओं से क्रीड़ा संस्कृति को अपनाने, समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया.इसी कड़ी में डॉ. संध्या दुबे ने क्रीड़ा भारती के कार्यों के विस्तार, सामाजिक दायित्व एवं वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सक्रिय सहयोग से संगठन समाज के प्रत्येक वर्ग तक अपनी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पहुँचा सकता है.इसके बाद सोनी चौरसिया ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक मातृशक्ति को जोड़ना आवश्यक है. उन्होंने महिलाओं से क्रीड़ा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आने का आह्वान किया. इसके बाद प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया.प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से पंकज श्रीवास्तव (प्रांत अध्यक्ष), दिनेश जायसवाल (प्रांत उपाध्यक्ष), एम. एन. पाण्डेय (प्रांत उपाध्यक्ष), वीरेन्द्र नाथ उपाध्याय (प्रांत मंत्री), डॉ. संध्या दुबे (प्रांत मातृशक्ति प्रमुख), सोनी चौरसिया (प्रांत मातृशक्ति सह प्रमुख), शिखा शर्मा (प्रांत मातृशक्ति योग प्रमुख) तथा अर्चना मौर्य (मातृशक्ति सह प्रमुख, प्रयागराज) सहित वाराणसी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर एवं प्रतापगढ़ से आईं मातृशक्ति कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की.