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विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन

विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन
May 03, 2026, 10:22 AM
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Posted By Preeti Kumari

New arrangements for Mangala Aarti begin at Vishwanath Temple; Baba will not be seen for 90 days


Varanasi News: वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर लोगों की भक्ती और आस्था गजब की है, ये मंदिर अपनी संस्कृति और भव्य सुंदरती के लिए बड़ा ही लोकप्रिय हैं. भोल की नगरी में बसा ये विशाल मंदिर की अद्भुत परंपरा है. कहते है महादेव के इस मंदिर में माथा टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इसी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है. जी हां, अब कोई भी भक्त एक बार मंगला आरती का दर्शन करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं कर सकेगा. इस तरह का निर्णय लेने के पीछे मंदिर प्रशासन का यह उद्देश्य है कि, मंदिर व्यवस्थाओं को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने और ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को दर्शन देने का अवसर देने के लिए यह कदम उठाया गया है.


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जानें मंदिर परिसर ने क्यों लिया ये निर्णय


जानकारी के मुताबिक, विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती दर्शन करने के लिए लागू हुई नई व्यवस्था में एक आधार नंबर दिया जाएगा, जिसमें टिकट बुक करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं होगी, टिकट संख्या 200-300 से बढ़ाकर 700-800 कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दलालों पर रोक लगेगी और अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिलेगा, मतलब साफ है कि, इस आधार नंबर की मदद से अब कोई भी दुबारा से मंगला आरती का दर्शन नहीं कर सकेगा. जिससे दूसरे श्रद्धालुओं को भी आरती का दर्शन करने का मौका मिल सकेगा.


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बिना दर्शन घर नहीं लौटेंगे श्रद्धालु


दरअसल, इस फैसले से पहले मंगला आरती के टिकटों की बुकिंग में अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं, एक ही आधार नंबर से कई बार टिकट बुक कर लिए जाते थे, जिससे आम श्रद्धालुओं को टिकट नहीं मिल पाता था और उन्हें निराश होकर वापस अपने घर लौटना पड़ जाता था. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब एक आधार नंबर से एक बार टिकट बुक होने के बाद अगली बुकिंग तीन महीने बाद ही संभव होगी.


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कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...
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वाराणसी : श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावे, चंदे और चरण पादुका चोरी के मामले को लेकर सियासी पारा चढा हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बुधवार को वाराणसी जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया. इस दौरान हंगामे की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई.कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रशासन के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह प्रशासन का दोहरा रवैया है. अभी कुछ दिन पहले इसी मुख्यालय पर भाजपा के लोगों ने आक्रोश सभा की थी और हमारे शीर्ष नेताओं की आलोचना की थी, तब उन्हें खुली छूट थी. आज जब हम गांधी के सिपाही शांतिपूर्ण तरीके से पत्रक देने आ रहे थे, तो गेट बंद कर दिया गया. हालांकि, हमारे अनुरोध पर बाद में एडीएम महोदय ने गेट खोलकर हमारा पत्रक स्वीकार किया." राघवेंद्र चौबे ने सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए जांच समिति में प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए. निष्पक्ष और निष्ठावान पत्रकारों को इसका हिस्सा बनाया जाए. विधि पेशे से जुड़े प्रतिष्ठित वकीलों को भी कमेटी में जगह मिले.चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं की तरह इस बार भी सरकार लिपापोती करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य होगी. कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सरकार और आरएसएस पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए. संजीव सिंह ने कहा, "यह सीधे तौर पर 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' और नेचुरल जस्टिस का कत्ल है. जिस व्यक्ति या तंत्र पर चोरी का आरोप है, वही इसकी जांच करा रहा है. एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारी खुद दागी हैं, जिनके कार्यकाल में पूर्व के आयोजनों में बड़ी खामियां सामने आई थीं."ALSO READ : बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...इन मुद्दों को भी उठायाकांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकाल) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में बड़े पैमाने पर जमीनों और संसाधनों की लूट चल रही है. कांग्रेस ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि आम जनमानस की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस महाघोटाले की जांच वर्तमान हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके. प्रदर्शन में राजश्‍वर पटेल, सतनाम सिंह तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे.
बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...
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वाराणसी : स्वच्छ एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीएचयू और वाराणसी स्मार्ट सिटी ने विश्वविद्यालय परिसर में एप-आधारित सार्वजनिक साइकिल एवं ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए साझेदारी की है. इस सेवा का संचालन प्रारम्भ होने पर उपयोगकर्ता मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जीपीएस-एनेबल्ड साइकिलों तथा उच्च क्षमता वाली ई-बाइक का उपयोग कर सकेंगे. इस एप्लिकेशन में उपयोगकर्ता-आधारित भुगतान व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से उपयोग शुल्क का सुविधाजनक भुगतान कर इन साइकिल औऱ ई-बाइक को इस्तेमाल किया जा सकेगा.अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावनायह प्रणाली विश्वविद्यालय परिसर में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ेगी. इस सुविधा के अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावना है. परियोजना के अंतर्गत बीएचयू परिसर के विभिन्न रणनीतिक एवं अधिक आवागमन वाले स्थानों पर डॉकिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. प्रारम्भिक चरण में ई-बाइक तथा पारंपरिक पैडल साइकिलों दोनों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उपयोगकर्ताओं को सुलभ एवं पर्यावरण-अनुकूल आवागमन के विकल्प उपलब्ध होंगे.सुरक्षा एवं कुशल संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी वाहनों को लाइव जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिसे शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा. यह पहल सतत् परिवहन को प्रोत्साहित करने, मोटर चालित वाहनों पर निर्भरता कम करने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और आगंतुकों के बीच स्वस्थ आवागमन की संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी.कुलपति ने कही ये बातसतत् विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक विकास और सामुदायिक कल्याण के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है. वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ यह साझेदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे सतत प्रयासों का एक महत्त्वपूर्ण विस्तार है. इस पहल को लागू करने के लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ सहयोग कर हमें अत्यंत प्रसन्नता है. इससे न केवल परिसर में आवागमन और अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा, बल्कि सतत् एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा.”ALSO READ : सीवर,सड़क,पानी की समस्या बन गई बजरंग नगर की पहचान, लोग घर छोड़ने को मजबूर...यह साझा शुरुआत ऐसे वक्त में की जा रही है, जब बीएचयू और वाराणसी नगर निगम के बीच हाल ही में एक व्यापक सहमति की गई है, जिसके अंतर्गत शहरी जीवन को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय समुदाय और वाराणसी के नागरिकों को लाभान्वित करने वाली विभिन्न पहलों का विकास किया जाएगा.
सीवर,सड़क,पानी की समस्या बन गई बजरंग नगर की पहचान, लोग घर छोड़ने को मजबूर...
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वाराणसी : बजरंग नगर एक समय फल-सब्जी मंडी और दुकानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह इलाका बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है.स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि यहां की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग घर ताले लगाकर या बेचकर जा रहे हैं. जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं, वे मजबूरी में यहीं रहने को विवश हैं.सड़कें और सीवर की बदहालीविनय कुमार सिंह के अनुसार मोहल्ले की 10 से ज्यादा गलियों की हालत बेहद खराब है. ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है, चार पहिया वाहनों की तो बात ही छोड़ दें. ऊंचे सीवर चैंबर राहगीरों के लिए बड़े खतरे बन गए हैं.बचाऊलाल विश्वकर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों में तो जैसे-तैसे जिंदगी कट जाती है, लेकिन बरसात का मौसम यहां के लोगों के लिए सजा बन जाता है. जलजमाव के कारण लोग घरों में कैद हो जाते हैं और स्थानीय व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाता है.मुख्य सीवर लाइन टूटने का मामलागणेश कुमार चौबे और रमेश चौबे ने बताया कि जब लोहता बाजार में मुख्य सड़क बन रही थी, तब लापरवाही के चलते बजरंग नगर की सीवर पाइपलाइन कई जगहों से टूट गई और कनेक्टिविटी बंद हो गई. बाद में विभाग ने मोहल्ले के एक हिस्से में नई पाइपलाइन बिछाई, लेकिन वह भी कम क्षमता की थी और जल्दी चोक हो गई.सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि आधे से ज्यादा मोहल्ला अभी भी सीवर नेटवर्क से वंचित है. गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। ऊंचे सीवर चैंबर आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. शफीउर्रहमान ने बताया कि बरसात में सीवेज और बारिश का पानी घरों में घुस जाता है. सड़कों पर कूड़ा फेंकने की मजबूरी है क्योंकि सफाईकर्मी भी नियमित नहीं आते.बिजली के लटकते तारों का खतरापवन कुमार चौबे ने बिजली के तारों की समस्या पर ध्यान दिलाया.उन्होंने कहा कि पर्याप्त खंभे न होने से तार लोगों के सिर के ऊपर लटक रहे हैं.कई जगह तार घरों की खिड़कियों और दीवारों से सटकर गुजर रहे हैं.संतोष विश्वकर्मा ने कहा हर पल किसी अनहोनी का डर रहता है.उर्मिला देवी ने बताया कि बरसात में ये लटकते और उलझे तार और भी खतरनाक हो जाते हैं. चिंगारियां निकलने का खतरा बना रहता है.ALSO READ : तेजाबी हमले के दर्द को दिया सुर, काशी की ‘काशी की स्‍वर कोकिला’ को मिला पद्मश्री सम्‍मान...पानी की समस्याजयप्रकाश सिंह ने गर्मी के मौसम में पानी की कमी बताई. पाइपलाइन में प्रेशर इतना कम रहता है कि एक बाल्टी पानी भरने में लंबा इंतजार करना पड़ता है. पवन कुमार चौबे ने कहा कि समस्या सिर्फ प्रेशर की नहीं है, बारिश शुरू होते ही पाइपलाइन का पानी बदबूदार और दूषित हो जाता है, जो पीने लायक तो दूर, किसी काम का भी नहीं रहता.स्थानीय लोग अब प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सड़क, सीवर, पानी और बिजली की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यह मोहल्ला जल्द ही पूरी तरह उजड़ सकता है.