Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान

इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
May 03, 2026, 09:27 AM
|
Posted By Preeti Kumari

E-office system implemented in this central jail, now release has become easier


Varanasi News: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी जिले की सेंट्रल जेल में प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है. इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद सरकारी दस्तावेजों, प्रशासनिक आदेश और बंदियों से जुड़े कई मामलों का निस्तारण पहले की तुलना में अब और भी पारदर्शिता तरीके से हो सकेगा, जिसके लिए ऑनलाइन माध्यम जैसी सुविधा दी गई है, इसके जरिए अब अधिकारी इस डिजिटली सुविधा की मदद से अपने कार्य को और भी तेजी के साथ निपटा सकेंगे. इतना ही नहीं, इस डिजिटल माध्यम के जरिए किसी भी दस्तावेजों को तुरंत देखा जा सकता है.


k


जेल प्रशासन को मिली डिजिटल की सुविधा


बता दें, इस डिजिटली माध्यम की सुविधा से पहले जेल प्रशासन को किसी भी सरकारी आदेश, निर्देश या पत्र के लिए पारंपरिक डाक व्यवस्था या कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें कई बार आदेशों के पहुंचने और उस पर कार्रवाई होने में अनावश्यक देरी हो जाती थी, विशेष रूप से बंदियों की रिहाई से जुड़े आदेशों में विलंब होने से परेशानी उत्पन्न होती थी. मगर अब उन्हें इन सभी झंझटों से हटकर इस आसान सुविधा का लाभ मिल सका है. जिसका सहीं तरीके से लाभ उठाना चाहिए. ताकि किसी भी कठिन से कठिन काम को आसानी से निपटा सकें.


h


ऑनलाइन माध्यम बना ई-ऑफिस प्रणाली


जानकारी के मुताबिक, ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज और आदेश ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेंगे, जहां, अधिकारी एक क्लिक पर संबंधित फाइलों को देख सकेंगे और तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर पाएंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी. इस मामले को मद्देनजर रखते हुए सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दस्तावेजों की निगरानी करना आसान होगा, साथ ही कई कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से बंदियों से जुड़े मामलों, विशेषकर रिहाई से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और समय पर निर्णय लिया जा सकेगा.


Also Read: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सिगरा और भेलूपुर थाने का किया निरीक्षण, नव आरक्षियों को दिए ये निर्देश


वहीं, इस मामले में जेल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा, यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य जेलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.


g


प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग ने की आत्महत्या की कोशिश, मददगार बने समाजसेवी अमन कबीर
प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग ने की आत्महत्या की कोशिश, मददगार बने समाजसेवी अमन कबीर
Tired of harassment, elderly man attempts suicide, social worker Aman Kabir helps himवाराणसी: एक मार्मिक घटना सामने आई है, जहां बिहार के रोहतास जिले का एक वृद्ध व्यक्ति प्रताड़ना से तंग आकर काशी पहुंच गया. बताया जा रहा है कि एक अकेला युवक उसे लगातार परेशान और प्रताड़ित करता था, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था. लगातार हो रही इस प्रताड़ना से परेशान होकर वृद्ध ने अपना घर छोड़ दिया और काशी आ गया, यहां आकर भी वह गहरे तनाव में था और जिंदगी से निराश होकर आत्महत्या करने का मन बना चुका था.बुजुर्ग के सहारे बने ये समाजसेवी इसी दौरान समाजसेवी कार्यकर्ता अमन कबीर की नजर उस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए वृद्ध को रोका और उससे बातचीत कर उसकी स्थिति को समझा. अमन कबीर ने धैर्यपूर्वक उसे समझाया और उसका हौसला बढ़ाया, जिसके बाद वृद्ध ने आत्महत्या का इरादा छोड़ दिया. इसके बाद अमन कबीर उस वृद्ध को काशी कुष्ठ सेवा संघ के वृद्ध आश्रम लेकर गए, जहां फिलहाल वह रह रहा है.Also Read: विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शनबुजुर्ग को मिला आश्रम का सहारा आश्रम में उसे रहने और खाने की सुविधा के साथ-साथ देखभाल भी मिल रही है, जिससे अब वह सुरक्षित माहौल में अपना जीवन बिता रहा है. यह घटना न सिर्फ मानवता की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही समय पर की गई मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है, समाजसेवी अमन कबीर जैसे लोग आज के समय में उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो किसी न किसी कारण से जीवन से निराश हो जाते हैं.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन
विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन
New arrangements for Mangala Aarti begin at Vishwanath Temple; Baba will not be seen for 90 daysVaranasi News: वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर लोगों की भक्ती और आस्था गजब की है, ये मंदिर अपनी संस्कृति और भव्य सुंदरती के लिए बड़ा ही लोकप्रिय हैं. भोल की नगरी में बसा ये विशाल मंदिर की अद्भुत परंपरा है. कहते है महादेव के इस मंदिर में माथा टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इसी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है. जी हां, अब कोई भी भक्त एक बार मंगला आरती का दर्शन करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं कर सकेगा. इस तरह का निर्णय लेने के पीछे मंदिर प्रशासन का यह उद्देश्य है कि, मंदिर व्यवस्थाओं को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने और ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को दर्शन देने का अवसर देने के लिए यह कदम उठाया गया है.जानें मंदिर परिसर ने क्यों लिया ये निर्णयजानकारी के मुताबिक, विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती दर्शन करने के लिए लागू हुई नई व्यवस्था में एक आधार नंबर दिया जाएगा, जिसमें टिकट बुक करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं होगी, टिकट संख्या 200-300 से बढ़ाकर 700-800 कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दलालों पर रोक लगेगी और अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिलेगा, मतलब साफ है कि, इस आधार नंबर की मदद से अब कोई भी दुबारा से मंगला आरती का दर्शन नहीं कर सकेगा. जिससे दूसरे श्रद्धालुओं को भी आरती का दर्शन करने का मौका मिल सकेगा.बिना दर्शन घर नहीं लौटेंगे श्रद्धालुदरअसल, इस फैसले से पहले मंगला आरती के टिकटों की बुकिंग में अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं, एक ही आधार नंबर से कई बार टिकट बुक कर लिए जाते थे, जिससे आम श्रद्धालुओं को टिकट नहीं मिल पाता था और उन्हें निराश होकर वापस अपने घर लौटना पड़ जाता था. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब एक आधार नंबर से एक बार टिकट बुक होने के बाद अगली बुकिंग तीन महीने बाद ही संभव होगी.Also Read: इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
E-office system implemented in this central jail, now release has become easierVaranasi News: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी जिले की सेंट्रल जेल में प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है. इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद सरकारी दस्तावेजों, प्रशासनिक आदेश और बंदियों से जुड़े कई मामलों का निस्तारण पहले की तुलना में अब और भी पारदर्शिता तरीके से हो सकेगा, जिसके लिए ऑनलाइन माध्यम जैसी सुविधा दी गई है, इसके जरिए अब अधिकारी इस डिजिटली सुविधा की मदद से अपने कार्य को और भी तेजी के साथ निपटा सकेंगे. इतना ही नहीं, इस डिजिटल माध्यम के जरिए किसी भी दस्तावेजों को तुरंत देखा जा सकता है.जेल प्रशासन को मिली डिजिटल की सुविधा बता दें, इस डिजिटली माध्यम की सुविधा से पहले जेल प्रशासन को किसी भी सरकारी आदेश, निर्देश या पत्र के लिए पारंपरिक डाक व्यवस्था या कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें कई बार आदेशों के पहुंचने और उस पर कार्रवाई होने में अनावश्यक देरी हो जाती थी, विशेष रूप से बंदियों की रिहाई से जुड़े आदेशों में विलंब होने से परेशानी उत्पन्न होती थी. मगर अब उन्हें इन सभी झंझटों से हटकर इस आसान सुविधा का लाभ मिल सका है. जिसका सहीं तरीके से लाभ उठाना चाहिए. ताकि किसी भी कठिन से कठिन काम को आसानी से निपटा सकें.ऑनलाइन माध्यम बना ई-ऑफिस प्रणाली जानकारी के मुताबिक, ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज और आदेश ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेंगे, जहां, अधिकारी एक क्लिक पर संबंधित फाइलों को देख सकेंगे और तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर पाएंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी. इस मामले को मद्देनजर रखते हुए सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दस्तावेजों की निगरानी करना आसान होगा, साथ ही कई कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से बंदियों से जुड़े मामलों, विशेषकर रिहाई से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और समय पर निर्णय लिया जा सकेगा.Also Read: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सिगरा और भेलूपुर थाने का किया निरीक्षण, नव आरक्षियों को दिए ये निर्देशवहीं, इस मामले में जेल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा, यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य जेलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk