कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...

वाराणसी : श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावे, चंदे और चरण पादुका चोरी के मामले को लेकर सियासी पारा चढा हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बुधवार को वाराणसी जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया. इस दौरान हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई.
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रशासन के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह प्रशासन का दोहरा रवैया है. अभी कुछ दिन पहले इसी मुख्यालय पर भाजपा के लोगों ने आक्रोश सभा की थी और हमारे शीर्ष नेताओं की आलोचना की थी, तब उन्हें खुली छूट थी. आज जब हम गांधी के सिपाही शांतिपूर्ण तरीके से पत्रक देने आ रहे थे, तो गेट बंद कर दिया गया. हालांकि, हमारे अनुरोध पर बाद में एडीएम महोदय ने गेट खोलकर हमारा पत्रक स्वीकार किया." राघवेंद्र चौबे ने सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए जांच समिति में प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए. निष्पक्ष और निष्ठावान पत्रकारों को इसका हिस्सा बनाया जाए. विधि पेशे से जुड़े प्रतिष्ठित वकीलों को भी कमेटी में जगह मिले.

चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं की तरह इस बार भी सरकार लिपापोती करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य होगी. कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सरकार और आरएसएस पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए. संजीव सिंह ने कहा, "यह सीधे तौर पर 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' और नेचुरल जस्टिस का कत्ल है. जिस व्यक्ति या तंत्र पर चोरी का आरोप है, वही इसकी जांच करा रहा है. एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारी खुद दागी हैं, जिनके कार्यकाल में पूर्व के आयोजनों में बड़ी खामियां सामने आई थीं."
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इन मुद्दों को भी उठाया
कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकाल) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में बड़े पैमाने पर जमीनों और संसाधनों की लूट चल रही है. कांग्रेस ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि आम जनमानस की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस महाघोटाले की जांच वर्तमान हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके. प्रदर्शन में राजश्वर पटेल, सतनाम सिंह तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे.



