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वाराणसी में अवतारी हो गए अखिलेश, जन्मदिन पर सपा कार्यकताओं ने कृष्ण, भगीरथ, अर्जुन का दिया रूप...

वाराणसी में अवतारी हो गए अखिलेश, जन्मदिन पर सपा कार्यकताओं ने कृष्ण, भगीरथ, अर्जुन का दिया रूप...
Jul 01, 2026, 09:56 AM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें अवतारी बना दिया. कहीं कृष्ण, भगीरथ तो कहीं अर्जुन का रूप दिया. उनकी आरती उतारी और संविधान रक्षक बताया. अखिलेश के अवतारी रूप से पहले काशी में राहुल गांधी का परशुराम स्वरूप भी सामने आया था.


अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कार्यकताओं ने उनका ये पोस्टर लांच किया जिसमें उन्हें भगवान कृष्ण का रूप दिया है. हवन-पूजन कर अखिलेश यादव के दीर्घायु की कामना की. सपा कार्यकर्ता अजय फौजी ने बताया ने द्वापर युग में जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण अन्याय के खिलाफ थे वैसे ही कलयुग में अखिलेश यादव जनता के मुद्दों की आवाज उठा रहे हैं.


महानगर युवजन सभा समाजवादी पार्टी के बैनर तले वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर सूर्योदय के समय सात ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वरुणा की महाआरती की और अखिलेश यादव के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की. कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव का बड़ा कटआउट लगाकर उनका दूध से अभिषेक किया गया और उन्हें वरुणा नदी के भगीरथ के रूप में प्रस्तुत किया गया.


SSS


सपा नेताओं ने याद दिलाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गोमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर वाराणसी में वरुणा नदी के जीर्णोद्धार और वरुणा कारिडोर बनाने की योजना तैयार की गई थी. आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई. सबसे ज्यादा चर्चा उन तख्तियों की रही जिन पर वरुणा नदी की पीड़ा और राजनीतिक संदेश एक साथ दिखाई दिए. युवजन सभा के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की नदियां या तो सूख रही हैं या फिर गंदे नालों में तब्दील होती जा रही हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार की कई जनहित योजनाओं को बंद कर दिया गया है. कहा कि वरुणा और असि नदी के संगम से इस शहर का नाम वाराणसी पड़ा, लेकिन आज वरुणा नदी की स्थिति बेहद चिंताजनक है. उनका कहना था कि गंगा के विकास और उसकी निर्मलता-अविरलता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन न गंगा, न असि और न ही वरुणा नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई देता है.


महानगर युवजन सभा के अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. कार्यक्रम का संयोजन किशन दीक्षित, राहुल गुप्ता, अशोक यादव 'नायक', राजू जायसवाल, मनोज सिंह, संदीप मिश्रा, अनूप खरवार, दिलीप कश्यप, राहुल यादव ने किया. समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता मनोज यादव उर्फ गोलू द्वारा लगाए गए पोस्टर शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. लहुराबीर से कचहरी के बीच करीब दर्जनभर स्थानों पर लगे इन पोस्टरों में अखिलेश यादव को धनुष-बाण के साथ दर्शाते हुए लिखा गया है, "राम मंदिर में जो चोरी करेगा, अखिलेश यादव का धनुष उसे धराशायी करेगा. जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ दिए गए इस राजनीतिक संदेश ने राहगीरों और सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है. पोस्टर में दिवंगत मुलायम सिंह यादव के साथ स्थानीय सपा कार्यकर्ता मनोज यादव उर्फ गोलू और अन्य समर्थकों की तस्वीरें भी शामिल हैं.


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अखिलेश यादव के जन्मदिन के कार्यक्रम को लेकर वाराणसी में राजनीतिक हलचल देखने को मिली, आरोप है सपा के प्रदेश सचिव लालू यादव के आवास पर आयोजित अखिलेश यादव के जन्मदिन कार्यक्रम को पुलिस ने रोक दिया है. कार्यक्रम से पहले ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई, जिसके चलते कार्यक्रम प्रभावित हुआ. सपा नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने अनावश्यक हस्तक्षेप कर जन्मदिन समारोह को रोकने का प्रयास किया. इसके चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति रही.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।