अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर पर बवाल, सपा नेताओं ने किया हंगामा

Controversy over Akhilesh Yadav's controversial poster, SP leaders create ruckus
समाजवादी पार्टी में काफी हलचल मची हुई हैं. वजह ये है कि, लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है. जिसे लेकर राजनीतिक सरगर्मिया तेज हो चुकी है. शहर के कई प्रमुख चौराहों पर लगे इस विवादित होर्डिग्स को देख आगबबूला हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को फाड़ते हुए कड़ा विरोध जताया है. इस दौरान सपा नेता शौकत अली अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे और उन्होंने आरोप लगाया कि, सपा नेता अखिलेश यादव की छवि को खराब करने के लिए जानबूझकर उनकी ये तस्वीर लगाई गई है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें अखिलेश यादव को कटियाबाज, आजम खान और संभल सांसद जिया उर रहमान बर्क को बिजली चोर बताया गया है. मतलब साफ है कि, ये आरोप लगाया गया है कि सपा सरकार में बिजली का भी तुष्टिकरण होता था.

सपा नेता का आरोप
सपा नेता शौकत अली का आरोप है कि, दलितों, गरीबों की आवाज उठाने वाले अखिलेश यादव की छवि को जनता के सामने बर्बाद करने से उनकी पार्टी खतरे में पड़ जाएगी औऱ आने वाले समय में सपा कभी भी सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी. लेकिन जिसकी भी ये सोची-समझी साजिश है समाजवादी को जरा भी बर्बाद नहीं कर पाएगी. ये वो पार्टी है जो गरीबों से लेकर जात-पात में जरा भी भेदभाव नहीं करती है, उसके शासन काल में इस तरह की हरकत नहीं कोई करता था. जो आज देखने को मिल रहा है.

शौकत अली ने जताई नाराजगी
इसी के आगे सपा नेता शौकत अली ने ये भी कहा कि, अखिलेश यादव की छवि खराब करके कोई ये न सोचे की समाजवादी पार्टी बिखर जाएगी. ये जनता भोली भले है, लेकिन नादान नहीं उसे पता है कि सत्ता की लालच में कुछ लोग है जो किसी भी हद को पार करने में समय नहीं लगाते है. मगर सपा अपने फायदे के लिए इस तरह की हरकत नहीं करती है. इस हरकत से गुस्साए नेता अली ने चेतावनी देते हुए कहा कि सपा अपने नेता के सम्मान के साथ किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं करेगी.
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, राजधानी लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडिय के आसपास, बंगला बाजार चौराहा और जेल रोड चौराहा समेत कई प्रमुख स्थानों पर अखिलेश यादल का विवादित पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे, जिस पर साफ-साफ कटियाबाज सपाई लिखा हुआ था, आजम खान और सपा सांसद बर्क को बताया बिजली चोर, जिसे देख सपा आगबबूला हो उठी. इसी हरकत से नाराज हुए सपा नेता और कार्यकर्ताओं ने वहां नारेबाजी की औऱ इसे “आपत्तिजनक” पोस्टर बताते हुए फाड़ दिया. इस दौरान इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा. मामले की भनक लगते ही स्थानीय पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा.

विवादित पोस्टरों को हटवाया गया
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की और विवादित पोस्टरों को हटवाया गया. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, यह पता लगाया जा रहा है कि पोस्टर किसने लगवाए और इसके पीछे किसका हाथ है. पुलिस ने यह भी कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है.
"घटनाएं दोबारा हुईं तो सपा बड़ा आंदोलन करेगी"
सपा नेता शौकत अली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश है. दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों की आवाज उठाने के कारण यह सब देखने को मिल रहा है. लेकिन कुछ भी हो जाए हम अपने नेता अखिलेश यादव के सम्मान के साथ किसी भी तरह की अभद्रता होते जरा भी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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फिर चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए. हालांकि, यह कोई मामूली बात नहीं बल्कि सोची-समझी भाजपा की साजिश है. ताकि, राजनीतिक माहौल को खराब किया जा सके. यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हुईं तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी. इसी के साथ ही सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है.



