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ईरान को बर्बाद करने में जुटा अमेरिका, आज रात मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां होंगी तबाह

ईरान को बर्बाद करने में जुटा अमेरिका, आज रात मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां होंगी तबाह
Mar 07, 2026, 06:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा जंग का आज आठवां दिन है. ये लड़ाई किसी भी हाल में रूकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने आज शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा. इसी के आगे उन्होंने ये भी कहा कि, इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है. इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जाएगा. इससे भी खास बात तो यह है कि, भारत का हमसफर कहलाने वाला रूस इस जंग के बीच ईरान को खुफिया मदद देने में लगा हुआ है, वो भी बंद दरवाजे के पीछे से ये सहायता दी जा रही है.


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इजराइल ने किया मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला


दरअसल, बीते शुक्रवार की देर रात को इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया था, जिसके चलते भयंकर आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. वहीं, इस जंग में अमेरिका और इजराइल को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए रूस द्वारा ईरान की मदद की जा रही है. इसी सिलसिले में मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई है.


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रूस की राजधानी मॉस्कों ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई है. वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि, रूस इस जंग से निपटने के लिए ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को आसानी से निशाना बना सके.


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भारत ने की ईरान की मदद


ईरान का एक युद्धपोत जिसका नाम IRIS है, लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है. इन्हीं सब दिक्कतों की वजह से ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी. जिसे स्वीकार करते हुए भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर ईरान की मदद के लिए जा पहुंचा. जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं. IRIS नाम का लावन युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे. इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS लावन देना को श्रीलंका के पास हमला कर उसे डुबों दिया था. इस हमले में लगभग 87 ईरानी नौसैनिकों की जान चली गई है.


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इजराइल को हथियार दें रहा अमेरिका


बताया रहा है कि, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में इजराइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार अमेरिका देने को तैयार है, क्योंकि अमेरिका ईरान को बर्बाद करने के लिए इजराइल का साथ देने में जरा भी चूकना नहीं चाहता है. इतना ही नहीं इसी बर्बादी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार तक कर दिया था. ये वहीं अमेरिका है जिसकी वजह से US-इजराइल हमलों में ईरान में 1332 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही ईरान में 1300 हमले, 14 मेडिकल सेंटरों को निशाना बनाया गया है. ईरान के हालात इतने बद से बत्तर हो चुके है कि कई जगहों पर पानी-बिजली की सप्लाई तक ठप हो चुकी है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि, ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर भी तबाह हुए है. जिससे ईरान को भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है, इस नुकसान को लेकर ईरान का कहना है कि, कुवैत-बहरीन और UAE में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा है.


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ईरान को बर्बाद करने में लगे ट्रम्प


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान की तबाही के लिए जमीनी स्तर पर अपने अमेरिकी सैनिकों को भेजने की फिराक में हैं. यह जानकारी कई सूत्रों के हवाले से दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ हुई बातचीत में युद्ध के बाद ईरान के भविष्य को लेकर अपनी योजनाओं की पोल खोली, जहां इन योजनाओं में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तेल के क्षेत्र में सहयोग की संभावना की बात कही है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रम्प बड़े पैमाने पर जमीनी हमला करने की योजना पर चर्चा करने के बजाय वह सीमित संख्या में अपने अमेरिकी सैनिकों को विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए भेजने का विचार कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी तरह का कोई भी आधिकारिक निर्णय नहीं किया है.

IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
National Workshop on IASTM Techniques at IMS-BHU to Upgrade Skillsवाराणसी: इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (IMS), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अस्थि रोग विभाग द्वारा 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को “इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन (IASTM)” तकनीक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में क्लिनिकल दक्षता को बढ़ाना, साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा प्रतिभागियों को आधुनिक सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.कार्यशाला का उद्घाटनकार्यशाला का उद्घाटन 18 अप्रैल को प्रातः 10:00 बजे IMS, BHU के NLT कॉन्फ्रेंस हॉल में होगा. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, IMS, BHU) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संजय गुप्ता (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन) उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉ. संकल्प झा, डॉ. निशांत जेमिनी, डॉ. हंजाबम बरुण शर्मा तथा डॉ. आशीष कुमार यादव एवं डॉ. आशीष कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं.Also read: अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहतकार्यशाला में फेशियल सिस्टम, मायोफेशियल रिलीज, पेन मॉड्यूलेशन तथा IASTM तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इस आयोजन के संयोजक डॉ. एस. एस. पांडेय (सहायक प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी) एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष कुमार यादव (सहायक प्रोफेसर, बायोस्टैटिस्टिक्स) हैं. दो दिवसीय इस कार्यशाला में देशभर से आए फिजियोथेरेपिस्ट, शोधार्थी एवं छात्र भाग लेकर अपने कौशल को उन्नत करेंगे. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
Devotees will get this facility from Akshaya Tritiya, there will be relief in reaching Baba's court.वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है. कबीरचौरा, मैदागिन और बेनिया जैसे प्रमुख स्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू की जाएगी. इस सुविधा के शुरू होने से आम और खास सभी भक्तों को बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बेनिया स्थित राज नारायण पार्क, कबीरचौरा और मैदागिन समेत कई स्थानों से गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी, जो सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक पहुंचेगी.देना होगा निर्धारित शुल्‍कप्रारंभिक चरण में करीब 25 गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क देना होगा. यह पहल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर की गई है, क्योंकि ये सभी गोल्फ कार्ट इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. नगर आयुक्त के अनुसार, गोल्फ कार्ट सेवा प्रतिदिन भोर में 3 बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी, ताकि मंगला आरती से लेकर रात्रि दर्शन तक आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके. गोल्फ कार्ट दो प्रकार की होंगी. एक में छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि दूसरी में नौ लोग बैठ सकेंगे.Also read: डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी इसके अलावा, मैदागिन स्थित टाउनहॉल और राज नारायण पार्क (बेनियाबाग) में बने आधुनिक पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु गोल्फ कार्ट के माध्यम से आसानी से विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य स्थानों तक भी किया जा सकता है. इस सुविधा से राहत मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
Dr. Sanjay Nishad – Protection Act is necessary for journalistsवाराणसी: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डाॅ. संजय निषाद (मत्स्य पालन विभाग) ने कहा है कि काशी पत्रकार संघ का इतिहास केवल एक संस्था का इतिहास नही है बल्कि यह काशी की सामाजिक चेतना, संघर्ष और संच्चाई की आवाज का एक जीवंत दस्तावेज है. यह वर्षों से पत्रकारिता की परम्पराओं, मूल्यों और जनहित की भावना को जिस समर्पण के साथ संजोकर रखा है वह अत्यंत सराहनीय है. उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई और उनके लिए एक सशक्त “प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने पर सहमति जताई.क्रांति की चेतना का जन्म शुक्रवार को काशी पत्रकार संघ की पहल पर आयोजित में ‘संवाद कार्यक्रम’ में पराड़कर स्मृति भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में काशी की पत्रकारिता ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनजागरण और क्रांति की चेतना को जन्म दिया. कहा कि जिस प्रकार डॉक्टर, अधिवक्ता और इंजीनियर जैसे पेशेवर कभी पूरी तरह से रिटायर नहीं होते, उसी प्रकार पत्रकारों का अनुभव भी अमूल्य होता है और उन्हें जीवनभर सम्मान व सुरक्षा मिलनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के लिए सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं, वैसे ही पत्रकारों के लिए भी “प्रोटेक्शन एक्ट” जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाला वर्ग है. यदि वही असुरक्षित रहेगा और समस्याओं से जूझता रहेगा, तो समाज की सुरक्षा और जागरूकता भी प्रभावित होगी. ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है.Also read: स्‍मृति ईरानी ने अखिलेश पर कसा तंज, कह दी ये बातउन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से सुना. संघ की ओर से उठाए गए आवास, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे. इसके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया. संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया.इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय, कैलाश यादव, कृष्ण बहादुर रावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपाणी, मंत्री विनय शंकर सिंह, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, पंकज त्रिपाठी, शिव प्रकाश राय, अमित शर्मा, देवेश सिंह, शंकर चतुर्वेदी, मनोज राय, रोशन जायसवाल, विजय शंकर गुप्ता, संजय प्रसाद सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश सेठ, दिनेश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, हरी बाबू श्रीवास्तव, अरुण सिंह, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk