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वाराणसी में झारखंड बैंक लूटकांड गिरोह के 3 लुटेरे गिरफ्तार, एसटीएफ को मिली सफलता...

वाराणसी में झारखंड बैंक लूटकांड गिरोह के 3 लुटेरे गिरफ्तार, एसटीएफ को मिली सफलता...
May 02, 2026, 11:50 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : स्पेशल टास्क फोर्स की वाराणसी इकाई और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने बैंक लुटेरों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना सहित तीन प्रमुख शातिरों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके कब्जे से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की हजारीबाग शाखा से लूटा गया 912.22 ग्राम सोना और 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. 24 अप्रैल को दिनदहाड़े झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में लुटेरों ने हथियारों से भयभीत कर बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाया और लगभग 4 किलोग्राम सोने के आभूषण और 4 लाख 22 हजार 492 रुपये नकद लूट लिए थे. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था.


एसटीएफ की टीम ने सूचना के आधार पर शुक्रवार को वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर में छापेमारी कर तीनों शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अफजल पुत्र मोहम्मद शहीद निवासी नरहत थाना नरहत जिला नवादा बिहार (गिरोह का सरगना), पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी बनगाई थाना गुलहरिया जिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश और सौरभ यादव उर्फ सोनू पुत्र उमाशंकर यादव निवासी सियारही बरजरा थाना दोहरीघाट जिला मऊ उत्तर प्रदेश शामिल हैं.

इनके कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी (बीआर-01-एचएन-2024) बरामद की गई है.


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पूछताछ में पता चला है कि मोहम्मद अफजल और पंकज सिंह समेत यह गिरोह लंबे समय से संगठित रूप से विभिन्न राज्यों में बैंकों और गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनियों में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था. इन पर पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड और झारखंड में कई बड़ी सोना लूट की घटनाएं दर्ज हैं. गिरोह का तरीका था कि ग्रामीण या कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की रेकी करना, दिन के समय हथियार दिखाकर लूटना और फिर फरार हो जाना. लूट के सोने को बेचकर वे जमीन-जायदाद में निवेश करते थे.

गिरफ्तार आरोपियों को झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई झारखंड पुलिस द्वारा की जा रही है. एसटीएफ की टीम गिरोह के बाकी सदस्यों और लूट के बचे हुए सामान की तलाश में छानबीन जारी रखे हुए है.

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी सपा, भूख हड़ताल पर बैठे नेता और कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी सपा, भूख हड़ताल पर बैठे नेता और कार्यकर्ता
वाराणसी : देश में लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे इंजीनियर व शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी बड़ा समर्थन मिलने लगा है. इसी क्रम में गुरुवार, 16 जुलाई को वाराणसी के जिला मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट पर बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी (महानगर एवं जिला) के तत्वावधान में एक दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया गया. इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर आवाज बुलंद की.भूख हड़ताल में विशेष रूप से शामिल हुए समाजवादी पार्टी के वाराणसी जिला अध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़ पहलवान" ने सरकार पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक जी को दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे लगभग 19 दिन हो चुके हैं. समाजवादी पार्टी देश के भविष्य और छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी है. हम तुरंत केंद्रीय शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग करते हैं।"उन्होंने आगे प्रदेश सरकार को भी घेरते हुए आरोप लगाया कि यूपी में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं और नौकरियां दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री केवल गरीबों के घर उजाड़ने में माहिर हैं, वे किसी का घर बसा नहीं पा रहे.युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा है खिलवाड़कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे महानगर अध्यक्ष अमन यादव और जिला अध्यक्ष जितेंद्र यादव (मलिक) ने संयुक्त रूप से कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं के सपनों को तोड़ रही हैं. सरकार को इस पर अपनी जवाबदेही तय करनी ही होगी. सोनम वांगचुक जी बिना किसी हिंसा के, लोकतांत्रिक तरीके से देश के युवाओं की बात रख रहे हैं. अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश में और भी व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा.ALSO READ: काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालुशास्त्री घाट पर आयोजित इस एक दिवसीय अनशन में संदीप मिश्रा सहित बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के तमाम पदाधिकारी, समाजवादी पार्टी की मुख्य इकाई के वरिष्ठ नेता, बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र-युवा शामिल हुए. अनशन के अंत में सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि जब तक देश के छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और सोनम वांगचुक की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे.
काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में भक्तिमय वातावरण के बीच गुरुवार की सुबह भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ हुआ. नई व्‍यवस्‍था के साथ तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पीतांबरी श्रृंगार किया गया. इसके बाद संपन्न हुई मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की. सुबह लगभग पांच बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. जैसे ही दर्शन शुरू हुए, मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर भक्तों की लंबी कतार दिखाई देने लगीं. पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.इस बार लगभग पांच किलोमीटर की रथयात्राइस वर्ष की रथयात्रा लगभग पांच किलोमीटर के निर्धारित मार्ग से होकर निकलेगी. भगवान को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया. दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नानखटाई और तुलसी दल वितरित किए गए. भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की. करीब दो किलोमीटर तक फैले मेले में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली. धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही. दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए.पहली बार बैरिकेडिंग से व्यवस्थित हुई दर्शन व्यवस्थाश्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं. पहली बार दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है. श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण में काफी सुविधा मिल रही है और दर्शन भी सुचारु रूप से संपन्न हो रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस बल तैनात की गई है. इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है. इस दौरान अतिक्रमण करने वालों को हिदायत भी दी गई.नानखटाई बनी मेले का प्रमुख आकर्षणकाशी की जगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है. इस मेले में भगवान को नानखटाई का भोग लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा है. यही कारण है कि मेले के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. रथयात्रा मार्ग पर जगह-जगह नानखटाई के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभिन्न स्वाद और आकार की नानखटाई उपलब्ध है. श्रद्धालु प्रसाद के रूप में इसे खरीदने के साथ-साथ अपने परिजनों और मित्रों के लिए भी बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार रथयात्रा के तीन दिनों में नानखटाई की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाती है.ALSO READ: कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरारमंगला आरती में शामिल हुए ट्रस्ट अध्यक्षजगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह भी अपने परिवार के साथ मंगला आरती में शामिल हुए. उन्होंने भगवान जगन्नाथ का पूजन कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी में भगवान जगन्नाथ की दिव्य मंगला आरती में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का विषय है. उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय रथयात्रा मेला 16, 17 और 18 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है तथा सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में पहुंचकर भगवान के दर्शन करने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की. वाराणसी की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है.
कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरार
कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरार
वाराणसी : जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार व्यक्ति की जान चली गई. घटना आजमगढ़ हाईवे स्थित दानगंज बाजार के पास हुई, जहां संतुलन बिगडने के कारण साइकिल से गिरने पर तेज रफ्तार कंक्रीट मिक्सर वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के समय साइकिल पर पीछे बैठा उसका रिश्तेदार समय रहते कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई. दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया. पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. हादसे की खबर लगते ही मृतक के परिवार में मातम पसर गया.पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान चोलापुर क्षेत्र के जैरामपुर सरैया निवासी नखरु राजभर उर्फ कल्लू (45 वर्ष) के रूप में हुई है. बताया गया कि वह अपने ससुराल पहाड़पुर गांव आए हुए थे. गुरुवार सुबह वह अपने एक रिश्तेदार के साथ साइकिल से दानगंज बाजार किसी जरूरी काम से जा रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाजार के समीप पहुंचते ही किसी कारणवश साइकिल का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े. पीछे बैठा रिश्तेदार तुरंत उछलकर सड़क से हट गया, लेकिन नखरु राजभर संभल नहीं सके और सड़क पर ही गिर गए. उसी दौरान वाराणसी की ओर से आजमगढ़ जा रहा कंक्रीट मिक्सर वाहन उनके ऊपर से गुजर गया. टक्कर और वाहन की चपेट में आने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.ALSO READ: पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोरहादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. सूचना के बाद चोलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. फुटेज के आधार पर वाहन और उसके चालक की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. मामले में आगे की जांच जारी है. मृतक नखरु राजभर अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं. वह ठेला चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. परिवार में उनकी पत्नी पुम्मी देवी, तीन बेटे और एक बेटी हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.