हिंसक प्रदर्शन के बीच ईरान पर हमले की फिराक में अमेरिका

ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन चल रहा है. जो थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. ईरान में बढ़ती महंगाई और खराब हुई अर्थव्यवस्था से प्रदर्शनकारी इतने नाराज हैं कि सत्ता परिवर्तन की मांग तक करने लगे हैं. इस विरोध प्रदर्शन की आग ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में फैलती नजर आ रही है. जगह-जगह आगजनी और बद से बत्तर हुई ईरान की स्थिति को देख आगबबूला हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सरकार ने बेरहमी से कुचलना शुरू कर दिया है. जिसमें 78 लोगों की मौत होने की बात सामने आई हैं.

वहीं सीएनएन ने एक चश्मदीद ने आपबीती बताते हुए कहा कि, राजधानी तेहरान के अस्पताल में 'लाशों का ढेर' देखा गया है, ईरान की बिगड़ती स्थिति को संभालने के बजाय खामेनेई सरकार ने बीते दो दिनों में कई प्रदर्शनकारियों को अपने सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें जान से मरवाया दिया. जो बड़ी ही शर्मिंदगी की बात है.

जाने क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि, बीते 28 दिसंबर से ईरान में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब 100 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है. हजारों की तादात में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाना सरकार के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है. वहीं, द न्यूयॉर्क पोस्ट ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया गया है कि, ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमले के लिए शुरूआती योजना बनाने का काम कर रहा है, इसमें ईरान में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने का ऑप्शन भी शामिल है. इसी के साथ ही ट्रंप प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि, ईरान में किन किन जगहों पर हमला किया जाए.

इस प्लानिंग के पीछे का राज ये है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खुलेआम दी गई चेतावनी का ईरान ने उल्लंघन कर दिया है. ट्रंप ने साफ तौर पर कहा था कि, किसी भी हाल में ईरान में प्रदर्शनकारियों पर खामेनेई सरकारा हमला नहीं कर सकती है. लेकिन ट्रंप के इस ऐलान का पूरा का पूरा पाशा ही पलट गया. जी हां ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया, जिसमें कईयों की मौके पर ही मौत हो गई. इसी रवैय के चलते आगबबूला हुआ ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करने की फिराक में है.

इशारों-इशारों में ट्रंप ने कह दी बड़ी बात
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इशारा किया कि, "अगर तेहरान प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है." उन्होंने लिखा कि "ईरान आजादी की तरफ देख रहा है और शायद इतना बड़ा प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा गया होगा." उन्होंने आगे कहा कि "अमेरिका मदद के लिए तैयार है!!!" ईरान पर अमेरिका ने इससे पहले पिछले साल जून में हमला किया था और उस दौरान ईरान के तीन अंडरग्राउंड परमाणु स्थलों पर 6 बंकर बस्टर बम गिराए गये थे, अब ईरान ने मानना शुरू किया है कि अमेरिका के हमले में उसके परमाणु स्थल बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.


