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धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवाल

धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवाल
May 25, 2026, 12:57 PM
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Posted By Preeti Kumari

BHU doctor fasts to protest 'distortion' of religious identity, raises questions about faith


वाराणसी: धर्म, आस्था और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहप्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार ने वाराणसी में उपवास शुरू किया है. सर्किट हाउस के समीप चल रहे इस उपवास के माध्यम से उन्होंने धार्मिक प्रतीकों, नामों और स्वरूपों के कथित “विकृतिकरण” तथा आध्यात्मिक भ्रम फैलाने के खिलाफ जनजागरण की जरूरत बताई.


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डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में भोजन, आचरण और आध्यात्मिक शुद्धता का विशेष महत्व बताया गया है. उनके अनुसार दूषित विचारों और आचरण का प्रभाव समाज की चेतना पर पड़ता है, जिससे धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन भी प्रभावित होता है. उन्होंने कहा कि जब धार्मिक संस्थाओं और परंपराओं में आस्था से इतर विचारधारा का प्रभाव बढ़ता है, तब श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं और भ्रम की स्थिति पैदा होती है.


उन्होंने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक निर्णयों और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण मंदिर व्यवस्थाओं में ऐसे लोगों को स्थान मिला, जिनकी धार्मिक आस्था पर सवाल उठते रहे हैं. डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि इससे आम श्रद्धालु स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है. उन्होंने धार्मिक और पौराणिक पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और अधर्म, आदर्श और विरोधी प्रवृत्तियों के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है. उनका कहना है कि यदि इन भेदों को जानबूझकर धुंधला किया जाता है तो समाज की सांस्कृतिक चेतना प्रभावित होती है और नई पीढ़ी भ्रमित हो सकती है.


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तमिलनाडु और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक राजनीति का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं और पात्रों की व्याख्या को राजनीतिक या वैचारिक लाभ के लिए बदले जाने के प्रयास हुए हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम को धर्म स्थापना का प्रतीक माना जाता है, जबकि महाभारत के पात्र कर्ण की भूमिका अलग रही है. समाज में कई बार नायक और खलनायक की छवि को मिलाकर प्रस्तुत किया जाता है, जिससे सही और गलत की समझ कमजोर होती है. डॉ. सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका उपवास किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.