कफ सिरप तस्करी मामले में सरगना शुभम के खिलाफ एक और FIR, सामने आई यह वजह

वाराणसी: कफ सिरप मामले में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में रोहनिया थाने में सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ मंगलवार की रात एफआईआर दर्ज की गई. शुभम को न्यायालय ने 31 मार्च तक हाजिर होने का आदेश दिया था. उसके ठिकानों पर कुर्की की नोटिस चस्पा की कार्रवाई की गई थी. लेकिन शुभम कोर्ट में पेश नहीं हुआ. अब आरोपी को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है.

उधर, हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. शुभम के करीबी वैभव जायसवाल ने हवाला के जरिये बड़ी रकम खपाई है. कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए कमिश्नरेट पुलिस जुटी हुई है. शुभम के दुबई में छिपे होने पर कमिश्नरेट पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है.

भोला प्रसाद की 30.52 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन युक्त कफ सीरप तस्करी के मामले में दिल्ली स्थित अपीलीय अधिकरण सफेमा ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रापिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट 1985 के तहत सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की 30.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई रोहनिया के भदवर में एक जिम के तहखाने से 500 पेटी से अधिक कफ सीरप बरामद होने के मामले में की गई है.
कोडीन युक्त कफ सीरप बरामद
जांच के दौरान आरोपित शुभम के पिता भोला प्रसाद का नाम सामने आया था. इंस्पेक्टर राजू सिंह ने 24 जनवरी को रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू हुई. 28 नवंबर 2025 को पुलिस ने भदवर स्थित एक दो मंजिला मकान में चल रहे जिम के तहखाने से भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सीरप बरामद किया था. इस मामले में शुभम, उसके पिता भोला प्रसाद समेत करीब एक दर्जन आरोपितों के नाम सामने आए.

भोला प्रसाद को 30 दिनों के भीतर यह साबित करने का मौका दिया गया था कि उसकी संपत्ति अवैध कमाई की नहीं है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका. इसके बाद सफेमा ने संपत्ति जब्त करने पर अंतिम मुहर लगा दी. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल को दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है. एसआइटी और पुलिस की मजबूत जांच के आधार पर कोर्ट से आरोपितों को सजा दिलाई जाएगी. इस मामले में अमित टाटा समेत दो के खिलाफ वारंट जारी करने की अपील की गई है.

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जब्त की गई संपत्तियों में चल संपत्ति के रूप में इंडियन बैंक के तीन खातों में जमा करीब 1.19 करोड़ रुपये शामिल हैं. अचल संपत्ति में पिंडरा में तीन कृषि भूमि, शिवपुर में आवासीय जमीन, भेलूपुर में लगभग 23 करोड़ रुपये का मकान, मडौली और चेतगंज में आवासीय व खाली प्लॉट शामिल हैं. इसके अलावा, परिवार के अन्य सदस्यों (पत्नी शारदा, पुत्री प्रगति और वैशाली पुर्सवानी) के नाम पर भी संपत्तियां दर्ज हैं. साफ है कि यह मामला न केवल तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून के हाथ कितने लंबे हैं.



