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बीएचयू में ‘पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केन्द्र’ की स्थापना को मंजूरी...

बीएचयू में ‘पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केन्द्र’ की स्थापना को मंजूरी...
Jul 15, 2026, 06:07 AM
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Posted By Diksha Mishra

बीएचयू में कला संकाय के अंतर्गत ‘पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केन्द्र (सीटीएचएस)’ की स्थापना को मंजूरी मिल गई है. विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद के अनुमोदन के बाद कार्यकारिणी परिषद से स्वीकृति मिलने के साथ ही केन्द्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

यह केन्द्र पर्यटन एवं कार्यालय प्रबंधन से जुड़े सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों को एकीकृत मंच प्रदान करेगा. इसके माध्यम से शिक्षण, अनुसंधान, कौशल विकास, नवाचार, परामर्श तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा. केन्द्र के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी, डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित पर्यटन प्रबंधन के कार्यक्रमों का भी संचालन किया जाएगा.

विश्वविद्यालय के अनुसार वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के विकास के बाद प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक एवं श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. ऐसे में शहर पर्यटन अध्ययन, नीति निर्माण और गंतव्य प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है. नया केन्द्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, कौशल आधारित प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देगा.


भविष्य में केन्द्र को पर्यटन शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केन्द्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग, उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी, अनुसंधान परियोजनाओं, डिजिटल शिक्षण, इंटर्नशिप और अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित किया जाएगा.


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केन्द्र तीर्थ एवं आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, मंदिर अर्थव्यवस्था, सतत तीर्थ प्रबंधन, डिजिटल पर्यटन तथा धार्मिक पर्यटन नीति जैसे विषयों पर बहुविषयक शोध करेगा. वर्तमान में केन्द्र यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित इरास्मस प्लस परियोजना ‘सेक्रेड ट्रैवल एंड रिलिजियस टूरिज्म’ का भी संचालन कर रहा है.

कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने बताया कि मुख्य परिसर, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर तथा संबद्ध महाविद्यालयों—डीएवी और वसंता कॉलेज—में संचालित पर्यटन प्रबंधन के सभी पाठ्यक्रम अब इसी केन्द्र के माध्यम से संचालित होंगे. उन्होंने बताया कि केन्द्र में वर्तमान में पांच स्थायी शिक्षक कार्यरत हैं तथा दो रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी.

वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...
वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...
वाराणसी. सिगरा थाना पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने प्रदेशव्यापी अभियान 'ऑपरेशन Cy-Vazra' के तहत साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महिला सरगना और बैंक किट की डिलीवरी कराने वाले पोस्टमैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड में कूटरचना कर वाराणसी के विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था और बाद में बैंक किट साइबर ठगों को बेच देता था।पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान आरोपियों को रविवार को महमूरगंज स्थित ओम पब्लिक स्कूल तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ सिगरा थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.पुलिस के अनुसार गिरोह पहले लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड में दर्ज स्थायी पते में कूटरचना कर उन्हें सिगरा क्षेत्र का निवासी दर्शाता था। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड के आधार पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बैंक की चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड डाक से पहुंचने से पहले गिरोह का सदस्य पोस्टमैन से संपर्क कर बैंक किट हासिल कर लेता था। फिर मोबाइल सिम के साथ इन्हें पैक कर कूरियर के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया जाता था।ALSO READ : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...पुलिस जांच में बरामद बैंक पासबुक और चेकबुक के आधार पर बिहार, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, असम, मणिपुर समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज 21 साइबर ठगी की शिकायतों का पता चला है। इन मामलों में कुल ₹76,44,476.97 की साइबर धोखाधड़ी की गई है।आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की चार चेकबुक, तीन सीलबंद चेकबुक, तीन सीलबंद डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं.गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र कुमार कन्नौजिया के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में साइबर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मुकदमा पहले से दर्ज है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि सीपीआई (एम) शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे। वे "विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत 2047 की आधारशिला" विषय पर दीक्षांत व्याख्यान देंगे।यह जानकारी रविवार को विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के 63,184 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध की उपाधियां प्रदान की जाएंगी।दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 26 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 43 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें स्नातक स्तर के 8 तथा स्नातकोत्तर स्तर के 16 टॉपर शामिल हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों सुमित कुमार भारती और डॉ. कंचन शर्मा को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय के 49 पाठ्यक्रमों में 56 विद्यार्थियों ने सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं।ALSO READ : प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...कुलपति ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी।उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित 'दीक्षोत्सव-2026' के तहत विश्वविद्यालय परिसर एवं गोद लिए गए गांवों में गीता कार्यक्रम, भाषण, निबंध, लेखन, काव्य, चित्रकला, कहानी-कथन, लोक एवं एकल नृत्य, समूह गीत, पारंपरिक खेल, पुस्तक पठन, स्वास्थ्य परीक्षण और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कुलपति ने बताया कि समारोह का सीधा प्रसारण महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
वाराणसी. भाजपा महानगर कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्बोधित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें संस्करण का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों एवं भारतीय सैनिकों को नमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों, कठिन मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारे वीर जवानों का संकल्प हर चुनौती से बड़ा था। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ का भी उल्लेख किया, जो कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से 14 जुलाई को प्रारम्भ होकर कारगिल युद्ध स्मारक द्रास तक जा रही है। इस यात्रा का संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ है।मन की बात में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा तकनीक की बढ़ती ताकत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का उल्लेख करते हुए भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य की चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के वैज्ञानिकों,इंजीनियरों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने देश में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे ऐसे कार्यों की सराहना की, जिनमें लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ कचरे को उपयोगी वस्तुओं में बदलकर ‘वेस्ट से वेल्थ’ की दिशा में काम कर रहे हैं।कार्यक्रम में हर्बल चाय जैसे पारंपरिक एवं प्राकृतिक विकल्पों,स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने की चर्चा ने भी सभी को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री जी के संदेश में प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ने और भारतीय परम्पराओं में मौजूद पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया गया।इसी क्रम में इको-फ्रेंडली चटाई तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहित करने की बात भी सामने आई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने का संकल्प लिया।ALSO READ : सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगीप्लास्टिक कचरे से बेंच एवं अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार करने जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि कचरा केवल समस्या नहीं है, बल्कि सही तरीके से एकत्रीकरण, पुनर्चक्रण और जनभागीदारी के माध्यम से उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं नवाचार को भी बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री जी पहले भी प्लास्टिक कचरे से पार्क की बेंच जैसी उपयोगी वस्तुएं बनाने वाले प्रयासों को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की प्रेरणादायी मिसाल के रूप में रेखांकित कर चुके हैं।इको-फ्रेंडली गणपति को लेकर भी पर्यावरण संरक्षण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। गणेश उत्सव में प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को अपनाने तथा प्रकृति और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने प्रधानमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्र की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा देशहित में जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।