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एक्युआइ का ऑरेंज जोनः दिल्ली,गाजियाबाद को टक्कर दे रहा बनारस, सांस लेना दुश्वार

एक्युआइ का ऑरेंज जोनः दिल्ली,गाजियाबाद को टक्कर दे रहा बनारस, सांस लेना दुश्वार
Dec 14, 2025, 09:10 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः दिल्ली तथा गाजियाबाद की हवा की गुणवत्ता में लगातार हो रही गिरावट का स्तर छूने को अब बनारस की आबोहवा भी तैयार है. पिछले दिनों एक्युआइ का स्तर जहां बनारस येलो जोन में चल रहा था वहीं इसकी स्तर खराब होने से आरेंज जोन में परिवर्तित हो चुका है। इसके चलते जहरीली हो चकी हवा में लोगों का सांस लेना भी दुश्वार हो रहा है. इसके चलते जहां सांस के मरीजों की तकलीफें बढ़ रही है वहीं फेफड़ों की शिकायत के मामले में तेजी आई है.


आने वाले दिनों में स्थिति हो सकती है और भी खराब


बताया गया कि इसका कारण जगह खोदी गई सड़कों से उड़ते धूल के गुबार, सर्द मौसम, शीत का प्रभाव , जगह-जगह हो रहे नन निर्माण आदि ने मिलकर बनारस की हवा में धूल कणों की संख्या इतनी बढ़ाई प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. प्रशासन की तरफ से लोगों को सावधानी बरतने के साथ-साथ प्रदूषण से बचने की सलाह दी गई है. बताया गया कि इसके चलते आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है.


MAUSHAM


क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी


बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव की माने तो सर्दी बढ़ने के साथ एक्युआइ का स्तर बढ़ जाता है. वहीं शहर में अनेक स्थानों पर सड़कों की खोदाई हुई पड़ी है, शहर में बढ़ती भीड़ के चलते तापमान भी सामान्य से नीचे आ गया है जिसके चलते वातावरण में शीत व आर्द्रता बढ़ गई है. इस वजह से सतह से उड़े धूल के कण ऊपर जाकर शीत की बूंदों के साथ मिलकर मोटे हो जाते हैं और धुंध के साथ मिलकर हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं. दूसरी ओर ठंड के समय मे जगह-जगह लोगों द्वारा अलाव जलाने तथा गांवों में बदल गर्म करने के लिए ताप जलाने से भी हवा में धुएं की मात्रा बढ़ जाती है. इसके चलते हवा की गुणवत्ता खराब होने पर सांस के मरीजों को काफी परेशानी हो सकती है.


AAG


अर्दली बाजार का एक्युआइ सबसे खराब


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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकृत समीर एप पर शनिवार को शहर का औसत एक्युआइ 227 रहा. सबसे खराब हवा अर्दली बाजार में रिकार्ड की गई जहां एक्युआइ 245 पहुंच गया था. दूसरी ओर भेलूपुर में एक्युआइ 212, मलदहिया में 228 और बीएचयू में 207 रिकार्ड किया गया.

राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी शिवपुर विधानसभा में शिवपुर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया.सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि,यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा.निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.बता दें कि,इस महाभियान अंतर्गत मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.ALSO READ: "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंहसमापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष हीरालाल जायसवाल ने की, संचालन मंडल अध्यक्ष डॉ शशिकांत गिरी ने किया. वहीँ,प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, गोपाल भारद्वाज,संजय गुप्ता ,फूल प्रकाश दूबे, शोभनाथ गोड,मिंटू तिवारी,बलवन्त पटेल,रामनरेश, अंकित दूबे,शेषनाथ भारती,गंगाराम,ममता पटेल,सीता रानी मिश्रा,उर्मिला पांडेय,संजय गुप्ता,ममता पटेल ,मीना तिवारी,ममता राय,आदि मौजूद रहे.
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.