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वाराणसी में गंगा बढ़ाव पर, घाट किनारे कई विग्रह डूबे, चिंता बढ़ी...

वाराणसी में गंगा बढ़ाव पर, घाट किनारे कई विग्रह डूबे, चिंता बढ़ी...
Jul 20, 2026, 07:57 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : पहाड़ों की बारिश ने मैदानी इलाकों में भी प्रभाव डालना शुरू कर दिया है. इसका प्रभाव अब गंगा में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है. नदी का जलस्तर निरंतरगंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही स्थानीय लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्णय लिया है. प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है. स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार रहें.


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गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही स्थानीय प्रशासन ने सभी आवश्यक उपाय किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटा जा सके. जल पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है. इस स्थिति पर केंद्रीय जल आयोग भी नजर बनाए हुए है और जलस्तर की नियमित निगरानी कर रहा है. स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में सहयोग करें. पानी बढने के कारण घाटों पर जलकुम्भी किनारों पर आकर लग गई है. रविवार, 19 जुलाई को गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा सेवा निधि के आरती चबूतरे तक पहुंच गया. आरती स्थल की मढ़ी के नीचे स्थापित मां दुर्गा, भगवान शिव सहित कई देवी-देवताओं की विग्रह बाढ़ के पानी में डूब गए हैं.


जल पुलिस के प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने जानकारी दी कि गंगा में 5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है. जलस्तर बढ़ने के कारण निचले घाटों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में बाढ़ को लेकर दहशत का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सावधानी बरतने की अपील की है. नाव संचालन पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. केंद्रीय जल आयोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.


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गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटों पर स्थित मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय व्यापार और पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है. घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ सकती है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है. प्रशासन ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. उधर, वरुणा नदी का भी जलस्‍तर बढा है. सेवार और जलकुंभी ने नदी को आगोश में ले लिया है. वरुणा किनारे रहने वालों को चिंता सताने लगी है.

नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
वाराणसीः प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबाल प्रतियोगिता के अंडर 14 आयु बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने रविवार को लखनऊ मंडल को हैंडबॉल का पाठ पढ़ाते हुए 14-0 गोल से पराजित कर शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी.डा. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में खेले गए इस मैच में वाराणसी मंडल की नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने शुरू से रनिंग शॉट और जंपिंग शॉट की नीति अपनाई।बाएं विंग से आक्रमण की शुरुआत की. जब तक लखनऊ मंडल की टीम संभालती तब वाराणसी मंडल 4-0 गोल से आगे हो चुकी थी. एक बार लखनऊ मंडल को टीम ने काउंटर अटैक किया. उसे वाराणसी मंडल की गोलकीपर दिव्या पटेल ने बेकार कर दिया. हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 7-0 गोल से आगे थी. दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया. आरती, आयुषी और अंशिका ने छोटे छोटे पास की रणनीति अपनाई. तीनों खिलाड़ियों को बैक अप स्पोर्ट नैन्सी और वंशिका कर रही थी. इस हॉफ में दो बार लखनऊ मंडल की टीम ने गोल करने का प्रयास किया. दोनों बार बाल गोल पोस्ट को छूते हुए बाहर चला गया. मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 14-0 से आगे थी. वाराणसी मंडल की तरफ से नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने चार-चार, आयुषी और आरती ने तीन-तीन गोल किया.ALSO READ : पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री में प्रवेश की आवेदन तिथि 30 अगस्त तक बढ़ीइसी आयु वर्ग में अलीगढ़ मंडल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को 4-0 से और अयोध्या मंडल ने कानपुर मंडल को 12- 0 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया.आयोजन सचिव डी. एके सिंह ने बताया कि शाम को बारिश के कारण मैदान गिला हो गया। शेष आयु वर्ग के मैच सोमवार को सुबह 7.30 बजे से खेले जाएंगे.