Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

सारनाथ उत्‍खनन को लेकर ASI ने लगाया नया शिलापट्ट, औपनिवेशिक गलत फहमी समाप्त

सारनाथ उत्‍खनन को लेकर ASI ने लगाया नया शिलापट्ट, औपनिवेशिक गलत फहमी समाप्त
Mar 09, 2026, 12:04 PM
|
Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बुद्ध की उपदेश स्‍थली सारनाथ में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने धर्मराजिका स्तूप के पास लगे पुराने शिलापट्ट को हटाकर नया संशोधित शिलापट्ट लगा दिया है. इस नए पट्ट पर अब बाबू जगत सिंह के योगदान को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है, जिन्होंने 18वीं शताब्दी के अंत में (1787-94 के आसपास) सारनाथ के पुरातात्विक महत्व को सबसे पहले उजागर किया था.


oi


सारनाथ की ऐतिहासिक पहचान आई सामने


बाबू जगत सिंह, बनारस के महाराजा चेत सिंह के रिश्तेदार और दीवान थे. उन्होंने क्षेत्र में उत्खनन करवाया, जिसमें धर्मराजिका स्तूप से रत्न, अस्थि कलश और अन्य बौद्ध अवशेष प्राप्त हुए. उन्होंने इन अवशेषों को पवित्र मानकर उत्खनन रोका और ब्रिटिश अधिकारी जॉनाथन डंकन को सौंपने से इनकार कर दिया. ब्रिटिश काल में उन्हें गलत तरीके से स्तूप नष्ट करने वाला बताया गया था, जबकि वास्तव में उनके प्रयासों से ही सारनाथ की ऐतिहासिक पहचान सामने आई.


uiop


यह भी पढ़ें: खाड़ी युद्ध में फंसा बासमती चावल का निर्यात, वरिष्‍ठ कृषि विज्ञानी ने कही बड़ी बात


रॉयल फैमिली शोध समिति के संरक्षक और जगत नारायण के वंशज प्रदीप नारायण सिंह ने इसे ऐतिहासिक दिन करार देते हुए कहा कि यह बदलाव औपनिवेशिक इतिहास लेखन में सुधार की दिशा में बड़ा कदम है. उनके वंशजों की लंबी मांग और प्रमाणों के आधार पर एएसआई ने यह संशोधन किया. सारनाथ, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया था, विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल है. यह सुधार न केवल स्थानीय इतिहास को सही करता है, बल्कि सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को भी मजबूती दे सकता है.


ghyt


प्रदीप नारायण सिंह ने जोर देकर कहा, “यह संशोधन औपनिवेशिक गलत मान्यताओं को चुनौती देता है और भारतीय योगदान को उसका उचित सम्मान प्रदान करता है.” बाबू जगत सिंह के उत्खनन कार्य को समय तक इतिहास के पन्नों में दबाए रखा गया. हाल के वर्षों में जगत सिंह रॉयल फैमिली प्रोजेक्ट शोध समिति के प्रयासों से इस तथ्य को आधिकारिक मान्यता मिली है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारतीय इतिहास लेखन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।ALSO READ: तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठकसर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
वाराणसी: आगामी तिरंगा यात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और प्रभावी बनाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को गुलाब बाग स्थित महानगर कार्यालय में हुई.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.बैठक में तिरंगा यात्रा की तैयारियों, संगठनात्मक सहभागिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और यात्रा को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. काशी की पावन धरती से निकलने वाली तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करेगी.उन्होंने कहा कि यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और युवा शक्ति मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया.तिरंगा यात्रा के महानगर संयोजक मधुकर चित्रांश ने यात्रा की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया गया.ALSO READ:ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तारबैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति, एकता और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया.
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी: कमिश्नरेट की थाना लोहता पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील सामग्री भेजकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने के गंभीर मामले में वांछित चल रहे नामजद अभियुक्त को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को मुढैला तिराहे के पास से धर दबोचा.वाराणसी पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त रोहनियां के नेतृत्व में लोहता पुलिस टीम को यह सफलता मिली.यह पूरा मामला 5 अगस्त 2026 का है, जब पीड़िता ने थाना लोहता पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया, मोबाइल पर अश्लील सामग्री भेजी, जान से मारने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए अवैध पैसों की मांग की. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संदीप कुमार मौर्या (उम्र करीब 28 वर्ष), पुत्र राजनारायण मौर्या, निवासी ग्राम कनक सराय, थाना कछवा, जनपद मिर्जापुर के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 231/2026, धारा 64(1), 351(3), 308(2) बीएनएस (BNS) एवं 67 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.ALSO READ:पत्थर से हमला कर साड़ी कारीगर की हत्या दो घायल वारदात के बाद इलाके में मचा हड़कंप...इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में लोहता थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय, उप-निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल रत्नेश राय और रिक्रूट कांस्टेबल दुर्गेश कुमार यादव शामिल रहे.पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है.