Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

अस्पताल में मां को छोड़ कर भागा बेटा, 5 दिन बाद मौत, समाजसेवी ने कराया अंतिम संस्कार

अस्पताल में मां को छोड़ कर भागा बेटा, 5 दिन बाद मौत, समाजसेवी ने कराया अंतिम संस्कार
Oct 27, 2025, 10:17 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी - अपनों ने मुंह फेरा तो समाजसेवी अमन कबीर ने बुजुर्ग महिला का अंतिम साकार कराया. बीएचयू के सरसुंदरलाल अस्पताल में आजमगढ़ का एक युवक अपनी बुजुर्ग मां को 10 दिन पहले छोड़कर भाग गया. वह अपने बेटे को जाती देखती रही, लेकिन बूढ़ापे के कारण कुछ नहीं कर सकी. अंतत: परिवार के लिए तड़पते हुए पांच दिन बाद उसने दम तोड़ दिया. कलयुगी बेटे की इस कारगुजारी पर हर कोई रोष और आक्रोश व्यक्त कर रहा है.

बतादें कि आजमगढ़ के अतरौलिया थाने के बुढ़नपुर गांव की पुष्पा देवी (70) को उनका बड़ा बेटा आनंद प्रकाश चौबे 10 दिन पहले यानी 16 अक्टूबर को बीएचयू अस्पताल में लाया था. यहां करीब आधा घंटा तक उनके साथ रहा फिर स्ट्रेचर पर तड़पता छोड़कर भाग गया. अस्पताल परिसर में तड़पती बुजुर्ग मां अपने आंसू पोंछ रही थी. उसकी हालत देख किसी ने 108 एंबुलेंस को फोन कर इसकी जानकारी दी. बुजुर्ग मां को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंचाया गया. यहां ईएमटी अमित कुमार ने वार्ड नंबर चार में भर्ती कर इलाज शुरू कराया. पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई.


CV


अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचे परिजन


इस मामले की जानकारी मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दिया. इससे पहले पुलिस ने फोन कर बुजुर्ग मां के बेटों को वाराणसी आने के लिए कहा. परिजन सिर्फ झूठा आश्वासन देकर फोन काट देते थे. 48 घंटे बीतने पर कोई नहीं आया. छोटे बेटे विजय प्रकाश ने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया. अमन कबीर ने बताया कि परिवार की यह अमानवीयता देखकर मेरा दिल दहल गया. मेरे अलावा कोतवाली के एसआई चंद्रेश प्रसाद, कांस्टेबल रविकांत दूबे और मीनू सिंह ने भी फोन किया, लेकिन कलयुगी बेटे सिर्फ आश्वासन देते रहे. शनिवार की शाम तक भी कोई नहीं पहुंचा तो रविवार को अमन कबीर सेवा न्यास ने बुजुर्ग महिला का मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया.



ALSO READ : संयुक्त राष्ट्र का अगला महासचिव कौन ? सामने आये ये नाम



dsaeqd


एक सप्ताह से लापता व्यक्ति का शव गंगा किनारे मिला


वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के बालाजी घाट पर सोमवार को गंगा किनारे एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ. मृतक की पहचान काल भैरव निवासी प्रदीप कुमार बिंद (48) के रूप में हुई. प्रदीप करीब एक सप्ताह पहले से लापता था. परिजन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर लगातार तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका. सोमवार सुबह घाट किनारे कुछ लोगों ने शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई. परिजनों ने बताया कि प्रदीप कुमार लगभग सात दिन पहले घर से निकला था और उसके बाद प्रदीप का कोई पता नहीं चला. उधर, घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया. परिजन रो-रोकर बेहाल हैं.

इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदीप शांत स्वभाव के व्यक्ति था और किसी से कोई विवाद नहीं था. प्रदीप के घर वाले भी मौत का स्पष्ट कारण नहीं बता पा रहे हैं.

दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवाद
दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवाद
वाराणसी: बड़ागांव थाना क्षेत्र के गड़वा गांव में जमीन संबंधी विवाद को लेकर दामाद ने अपने ससुर की गला दबाकर हत्या कर दी. यह घटना हरहुआ पुलिस चौकी अंतर्गत गड़वा गांव में बीती रात हुई. वारदात के समय दामाद की पत्नी और बच्चे भी मौके पर मौजूद थे. पुलिस के अनुसार, पत्नी लगातार पति को रोकने का प्रयास करती रही, जबकि बच्चे चीखते-चिल्लाते रहे. हालांकि, दामाद ने किसी की बात नहीं सुनी और ससुर की जान ले ली. घटना के बाद आरोपी दामाद घर में ही बैठा रहा.पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है. मृतक की बेटी की सूचना के बाद बड़ागांव थाने की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने ससुर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी दामाद से पूछताछ की जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के भरलाई निवासी संजय कुमार की शादी 13 साल पहले बड़ागांव थाना क्षेत्र के गड़वा गांव निवासी किशोरी उर्फ झगड़ु की बेटी नीतू से हुई थी. शादी के समय संजय कुमार पलोदारी का काम करता था. शादी के बाद वह अपने ससुराल में ही आकर रहने लगा. संजय और नीतू के तीन बेटे हैं, जिनमें आयुष 12 साल, अंश 10 साल और अन्वय 8 साल के हैं. ससुराल में रहते हुए संजय मजदूरी करता था, जबकि उसके ससुर किशोरी ट्रॉली चलाते थे. कुछ साल पहले ससुर किशोरी ने अपनी आवंटन की जमीन बेच दी थी. इस जमीन के पैसों को लेकर संजय और उसके ससुर के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी.नीतू ने बताया कि उसका पति संजय मजदूरी करने के बाद गुरुवार शाम को घर आया था. उसके बाद रात करीब 8:00 बजे नीतू के पिता किशोरी भी ट्राली चलकर घर लौटे. इस दौरान संजय अपने ससुर किशोरी को गाली देने लगा. नीतू ने कहा कि वह समझाने और मना करने पहुंची तो संजय उसको भी गाली देने लगा. कहासुनी के बीच संजय और किशोरी के बीच हाथापाई होने लगी. इस दौरान संजय के बेटे भी पहुंचे उन्होंने नाना को मारने से मना किया लेकिन उसके पिता नहीं माने और बच्चों को भी गाली देते हुए वहां से भगा दिया.यह भी पढ़ें: गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्‍पबच्चों और नीतू ने बताया कि संजय पहले अपने ससुर के सीने पर वार किया. वार करने के बाद गला दबा दिया जिससे मौत हो गई. ससुर को करने के बाद संजय कमरे में चला गया. इधर नीतू द्वारा शोर मचाने के बाद पड़ोसी वहां पहुंचे और उन लोगों ने डॉक्टर को बुलाया. डॉक्टर द्वारा किशोरी को मृत घोषित कर दिया उसके बाद लोग रोने चिल्लाने लगे. नीतू द्वारा फोन करके पुलिस को जानकारी दी गई. इस मामले में बड़ागांव थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि ससुर की हत्या करने के आरोपी दामाद को हिरासत में लिया गया है. आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
 पश्चिम एशिया के तनाव का भारत में असर,गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
पश्चिम एशिया के तनाव का भारत में असर,गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
वाराणसी: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है.इसका सीधा प्रभाव एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई और कीमतों पर पड़ा है.वाराणसी समेत देश के कई शहरों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है.वाराणसी में भी कई इलाकों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी और सप्लाई को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलता है तो इसका असर सीधे घर की रसोई पर पड़ता है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है.इसी बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.पहले यह सिलेंडर लगभग 916 रुपये में मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 976 रुपये हो गया है.वहीं 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी 144 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. पहले यह सिलेंडर करीब 1923 रुपये में मिलता था, जो अब बढ़कर 2067 रुपये तक पहुंच गया है.राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है, जिसका प्रभाव भारत जैसे देशों पर भी देखने को मिलता है.ALSO READ : गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्‍पगैस एजेंसी मैनेजर विजय सिंह का कहना है कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर सप्लाई चेन पर पड़ता है, जिससे कभी-कभी डिलीवरी में देरी हो जाती है.वहीं जिला अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को परेशानी न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. वहीं आम लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से घर का बजट प्रभावित हो रहा है.ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही ऐसा समाधान निकालेगी जिससे आम जनता की रसोई पर ज्यादा असर न पड़े.
गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्‍प
गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्‍प
वाराणसी: गोमती नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और जन-जागरण के संकल्प के साथ निकली ‘गोमती जीवन यात्रा’ का वाराणसी पहुंचने पर स्वागत किया गया. यह यात्रा "यूथ इन एक्शन इंडिया" के राष्ट्रीय संयोजक शत्रुद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में चल रही है, जिसका उद्देश्य समाज को नदियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना है.स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का किया अभिनंदन यात्रा का पहला पड़ाव कल शाम चिरईगांव पहुंचा. यहां संजय गुप्ता के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का अभिनंदन किया. चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि नदियों की स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सहभागिता से ही संभव है.इसके बाद, स्वर्वेद महामंदिर धाम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आनंद सिंह ने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं. उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया.यह भी पढ़ें: पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...संगोष्ठी का आयोजनपर्यावरण के प्रति भावी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए एसएसआई पब्लिक स्कूल, चौबेपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने जल-संरक्षण के महत्व को समझा. छात्रों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं नदियों को स्वच्छ रखेंगे और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे.पीलीभीत के फुलहर झील से शुरू यात्रा यह यात्रा पीलीभीत के फुलहर झील (गोमत ताल) से शुरू हुई है. इसका समापन आज काशी के कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में होगा, जहां गोमती और गंगा का संगम होता है। यात्रा का मुख्य संदेश है कि यदि प्रत्येक नागरिक नदियों की रक्षा करे, तो जलधाराएं पुनः जीवनदायिनी बन सकती हैं.