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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अल्टीमेटम: गोमाता को ‘राज्यमाता’ दर्जा दो, नहीं तो संत समाज करेगा आंदोलन

 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद  का अल्टीमेटम: गोमाता को ‘राज्यमाता’ दर्जा दो, नहीं तो संत समाज करेगा आंदोलन
Jan 30, 2026, 07:18 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : श्रीविद्यामठ, केदारघाट में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में परमाराध्य शंकराचार्य की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर तीखे सवाल खड़े किए. गोमाता की रक्षा, गोहत्या बंदी कानून और मांस निर्यात जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए संत समाज ने इसे “धर्म और सत्ता की निर्णायक परीक्षा” करार दिया.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि गोमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा नहीं दिया गया और गोहत्या पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो योगी सरकार को संत समाज के विरोध का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए ,मांगें न माने जाने पर संत समाज के बड़े आंदोलन की चेतावनी दी .


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अविमु्क्तेश्वरानंद ने प्रेस वार्ता में कहा कि स्वतंत्र भारत में गोमाता की रक्षा और गोहत्या बंदी कानून की मांग करने वालों के साथ लगातार अत्याचार होते रहे हैं. वक्ताओं ने 1966 के दिल्ली गोरक्षा आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी संतों और गोभक्तों पर दमन हुआ था. इसी क्रम में वर्तमान समय में भी गोहत्या बंदी की आवाज उठाने वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया.


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शंकराचार्य की ओर से कहा गया कि हाल ही में शासन द्वारा उनसे शंकराचार्य होने की प्रमाणिकता मांगे जाने पर उन्होंने आवश्यक प्रमाण सौंप दिए, लेकिन अब सत्ता से भी अपनी धार्मिक निष्ठा स्पष्ट करने की मांग की जा रही है. वक्तव्य में कहा गया, धर्म किसी प्रमाणपत्र का मोहताज नहीं होता, किंतु सत्ता को अब अपने आचरण से प्रमाण देना होगा.



सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी गईं -


उत्तर प्रदेश में गोमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया जाए, जैसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा देशी गायों को यह सम्मान दिया गया है.


राज्य से होने वाले सभी प्रकार के मांस निर्यात (Bovine Meat) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए.


मांस निर्यात पर उठाए गए सवाल


संत समाज की ओर से दावा किया गया कि देश के कुल मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है. आरोप लगाया गया कि भैंस के मांस के नाम पर गोवंश की हत्या हो रही है और बिना वैज्ञानिक जांच के मांस निर्यात किया जा रहा है. इसे “सरकारी मौन स्वीकृति” करार दिया गया.


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40 दिन का अल्टीमेटम


अविमु्क्तेश्वरानंद ने प्रेस वार्ता में सरकार को 40 दिनों का समय देते हुए कहा गया कि यदि इस अवधि में गोमाता को राज्यमाता का दर्जा नहीं मिला और मांस निर्यात पर रोक नहीं लगी, तो 10-11 मार्च को लखनऊ में संत समाज का बड़ा समागम किया जाएगा. उस दिन आगे की रणनीति घोषित करने की चेतावनी भी दी गई.

अंत में संत समाज की ओर से इसे किसी एक व्यक्ति या पद की लड़ाई नहीं, बल्कि “सनातन और गोवंश की रक्षा से जुड़ा विषय” बताया गया और आमजन से समर्थन की अपील की गई.

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सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में कोहराम
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वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र के कविरामपुर गेट के समीप शनिवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई. मृत युवक की पहचान बड़ागांव के भरतपुर गांव निवासी आशु राजभर (19) के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आंशू युबह अपनी बाइक से शिवपुर सब्जी मंडी जा रहा था. इसी दौरान बाबतपुर- कविरामपुर मार्ग से बड़ागांव की तरफ आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि आंशू की मौके पर ही मौत हो गई. आसपास के लोगों ने बताया कि बोलेरो ने इससे पहले भी एक बाइक सवार को टक्कर मारी थी और तेजी से भाग रही थी.युवक बीएससी का छात्र था और अपने दो भाइयों में बड़ा था. उसका छोटा भाई आदित्य राजभर इंटर फाइनल का छात्र है. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. पिता दीपक राजभर 6 बिस्से जमीन से परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई के लिए नयेपुर बाजार में किराए का कमरा लेकर टेलरिंग का काम भी करते हैं. पुत्र की मौत की खबर सुनकर माता रेशमा राजभर का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार या लापरवाही से वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है.also read:वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभगंगा में डूबे युवक का शव मिला, परिवार में मातमरामनगर थाना क्षेत्र में डोमरी के सामने गंगा में नहाने के दौरान डूबे साहिल (22)का शव एनडीआरएफ ने कशक्‍कत के बाद ढूंढ निकाला. पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती सर्कस रोड निवासी साहिल मोहल्ले के चार दोस्तों अमित, सुमित, आलोक और सुधांशु के साथ देर शाम डोमरी क्षेत्र में पहुंचा. सुधांशु का जन्मदिन होने के कारण सभी ने उसका केक काटा. इसके बाद गंगा किनारे सभी नहा रहे थे कि अचानक साहिल गहरे पानी में चला गया. साहिल के डूबने की सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस और जल पुलिस मौके पर पहुंची. एनडीआरएफ ने सर्च अभियान शुरू किया। रात तक चली खोजबीन में साहिल का पता नहीं चला. दूसरे दिन सुबह एनडीआरएफ की टीम ने खोजबीन शुरू की तो डोमरी गांव के सामने से साहिल का शव बाहर निकाला गया. तीन बहनों और एक भाई में साहिल सबसे छोटा था. बेटे का शव देखकर मां मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभ
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वाराणसी : शहर की राेपवे परियोजना को जल्‍द ही पंख लगने वाले हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में इस संबंध में बैठक कर इस बात के संकेत दिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल सकती है. वहीं, सिग्नेचर ब्रिज का काम भी जल्द शुरू होगा. वी. उमाशंकर ने बताया कि काशी में बन रहा रोपवे प्रोजेक्ट देश की सबसे अनूठी परियोजनाओं में से एक है और अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना में शुरुआत में कुछ तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियां आई थीं, लेकिन अब अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है. रोपवे के तीनों स्टेशनों का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है.उन्होंने जानकारी दी कि गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन के बीच रोप पुलिंग का कार्य 10 मई से शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा. इसके बाद जुलाई माह से टेस्टिंग का काम शुरू होगा और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल जाएगी.also read:वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपायसिग्नेचर ब्रिज के बारे में उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की नई तकनीक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से इन समस्याओं का समाधान कर लिया गया है.उन्होंने उम्मीद जताई कि सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कार्य सितंबर से अक्टूबर के बीच शुरू हो जाएगा. इसके अलावा गंगा रिवर रोड को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही वरुणा नदी के किनारे सड़क निर्माण की परियोजना भी प्रस्तावित है, जिससे शहर के यातायात और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा.