नर्सिंग कॉलेज की छात्रा की मौत मामले में आरोपित की जमानत अर्जी निरस्त

वाराणसी: एक माह पूर्व सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा स्थित पेइंग गेस्ट हाउस में एक नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध हाल में शव मिलने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंंह की अदालत ने जेल में बंद जौनपुर जिला के मीरगंज थाना क्षेत्र के करियांव गांव निवासी आरोपित मोहम्मद समीर की जमानत अर्जी निरस्त कर दी. आरोपित की जमानत का विरोध एडीजीसी मनोज कुमार गुप्ता ने किया.
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोपित की जमानत का विरोध किया. दलील दी कि आरोपित द्वारा छात्रा के साथ जघन्य घटना को अंजाम दिया गया है। पीएम रिपोर्ट में मृतका के शरीर के परीक्षण में एक प्रकार की गंभीर चोट तथा मृतका के प्राइवेट पार्ट से रक्त आना और मृतका की मृत्यु क्रूरतापूर्ण पेनिट्रेशन से वैजाइनल वाल पर चोट आने से रक्तस्त्रावी झटका आने के कारण होना बताया गया है. पंचायतनामा के दौरान मृतका के साथ बर्बरता पूर्ण तरीके से दुष्कर्म करने से प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग आने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं.
मृतका नर्सिंग कॉलेज में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएस) की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसी नर्सिंग कॉलेज में आरोपित भी सीनियर छात्र था. मृतका का शव आरोपित छात्र के कमरे के बाहर सीढ़ियों पर मिला था. दोनों के बीच अंतरंग संबंध थे. वहीं बचाव पक्ष की ओर से उसे निर्दोष बताते हुए अपराध से इन्कार किया गया.
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फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलील सुनने एवं पत्रावलियों के अवलोकन के बाद आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आक्षेपित अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का तथा समाज व महिला के विरुद्ध अपराध है. बताते चलें कि दस जून को सारनाथ में नर्सिंग की छात्रा का सारनाथ स्थित एक लॉज में सीढ़ियों पर रक्तरंजित शव मिला था। इस मामले में मोहम्मद समीर को पुलिस ने 12 जून को हिरासत में लिया था.



