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बालू और काई भरे स्विमिंग पूल में तैरने को मजबूर तैराक, इनसे ही मेडल की आस...

बालू और काई भरे स्विमिंग पूल में तैरने को मजबूर तैराक, इनसे ही मेडल की आस...
Jul 04, 2026, 01:07 PM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल सिगरा स्थित डा. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम की हालत खस्ता होने लगी है. सबसे खराब स्थिति स्विमिंग पूल की है. फिल्टर प्लांट खराब होने से की वजह से पूल का पानी बालू से भर गया और सफाई न होने की वजह से उसमें काई भी जम गई है. ऐसे पानी में तैरने से खिलाड़ियों को बीमारी हो सकती है.


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सिगरा स्टेडियम के मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में स्विमिंग पूल बनाया गया है. दो पूल में से एक बिगनर्स के लिए बना जबकि दूसरा प्रोफेशनल खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए है. डेढ़ साल पहले शुरू हुए नवनिर्मित स्विमिंग पूल में एक साल पहले ही खामिया दिखाने लगीं. सबसे बड़ी समस्या फिल्टर प्लांट की रही. इसके सही तरीके से संचालित नहीं होने की वजह से पूल का पानी गंदा रहने लगा. अब तो हालत यह है कि सफाई नहीं होन की वजह से पूरे पूल में काई जम गई है. फिल्टर प्लांट का बालू निकलकर पूल में भर जा रहा है. पुल का पानी निकालने की व्यवस्था नहीं होने की वजह से इस गंदे पानी में ही खिलाड़ी अभ्यास करने को मजबूर हो रहे हैं.


खुद से कर रहे पूल की साफ-सफाई


मजबूरी में खिलाड़ी और कोच खुद पूल की सफाई कर रहे हैं. जानकारों की मानें तो पूल के तल में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए सप्ताह में एक या दो बार अंडरवाटर वैक्यूम का इस्तेमाल करना चाहिए. शैवाल और गंदगी को दीवारों पर जमने से रोकने के लिए दीवारों और सीढ़ियों को हफ़्ते में एक बार जरूर ब्रश करना चाहिए. पूल टेस्ट किट के माध्यम से पानी के pH (आदर्श मान 7.2-7.6) और क्लोरीन (लगभग 3 ppm) स्तर की जांच करनी चाहिए. पानी में बैक्टीरिया और कार्बनिक अशुद्धियों को नष्ट करने के लिए हर एक बार पूल शाक (chlorine shock) का उपयोग करना चाहिए. पूल के मुख्य फ़िल्टर को हर चार से छह से सप्ताह में खोलकर अच्छी तरह साफ करना चाहिए.


पानी को बार-बार पूरी तरह से बदलने की आवश्यकता नहीं होती, यदि रसायनों और फ़िल्टरिंग का सही संतुलन बना रहे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पा रहा है. खिलाड़ी और कोच बड़ी मेहनत से पूल से बालू निकालते हैं और काई को भी साफ करने का प्रयास करते हैं. ओलिंपिक साइज के पूल की सफाई उनके लिए आसान नहीं होती है.


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प्रभावित हो रहा अभ्यास


तैराकी को अपना करियर बनाने की चाह लेकर प्रतिदिन 80 खिलाड़ी सिगरा स्टेडियम पहुंच रहे हैं. बड़े पूल के गंदे पानी की वजह से उसमें अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं. छोटे बच्चे छोटे पूल में वार्मअप करते हैं. जब पूल की थोड़ी बहुत सफाई होती है तो खिलाड़ियों को उसमें तैरने का मौका मिलता है. आल वेदर नहीं होने की वजह से स्विमिंग पूल का संचालन अप्रैल से सितंबर माह तक ही हो पाता है. इसके बीच भी गंदे पानी की वजह से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है.


टालनी पड़ी प्रतियोगिता


गंदे स्विमिंग पूल की वजह से वाराणसी में होने वाली स्टेट लेवल स्विमिंग प्रतियोगिता को टालना पड़ा. यह प्रतियोगिता जुलाई माह में होनी थी लेकिन अब अगस्त में होने की संभावना है. लखनऊ में चल रही स्टेट लेवल स्विमिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाली वाराणसी मंडल की टीम का चयन के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल इसी स्विमिंग पूल के गंदे पानी में लिया गया था.


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प्लांट संचालन के लिए नहीं कर्मचारी


सिगरा स्टेडियम के स्विमिंग पूल के फिल्टर प्लांट को संचालित करने के लिए कर्मचारी की कमी है. छह माह पहले तक एक टेक्नीशियन यहां तैनात था लेकिन उसे हटा दिया गया था. कुछ माह पूर्व तक स्विमिंग पूल के रखरखाव की जिम्मेदारी उसका निर्माण करने वाली कंपनी कर रही थी. अब संचालन की जिम्मेदारी वाराणसी स्मार्ट सिटी निभा रही है. उसके पीआरओ शाकंभरी का कहना है कि स्विमिंग पूल के रख-रखाव के लिए कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है. उसकी जो भी समस्या होगी उसे दूर कर लिया जाएगा.

तैराकी में है सुनहरा भविष्य


ओलिपिंक में सबसे अधिक मेडल वाले खेलों में तैराकी शामिल है. बीते पेरिस ओलिपिंक में तैराकी में 35 इवेंट्स आयोजित किए गए थे. इन सभी स्पर्धाओं में प्रत्येक (गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज) मेडल मिलाकर कुल 105 पदक दांव पर होते हैं. ये 35 इवेंट्स पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग (17 पुरुषों के + 17 महिलाओं के) और एक मिक्स्ड (पुरुष-महिला) रिले रेस में विभाजित होते हैं. वाराणसी में तैराकी में बहुत संभावना है. गंगा जैसी नदी में तैराक होते हैं जो स्विमिंग पूल में प्रशिक्षण प्राप्त करके खिलाड़ी के तौर पर तैयार होते हैं.


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प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है सिगरा स्टेडियम


66782 स्कवायर मीटर एरिया में 320 करोड़ रुपये की लागत से सिगरा के संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पुर्नविकास किया गया है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में की थी. मार्च 2023 मार्च में प्रधानमंत्री ने लगभग 120 करोड़ रुपए से तैयार फर्स्ट फेज का उद्घाटन किया. इसमें मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया गया जिसमें इंडोर स्विमिंग पूल भी था. 20 अक्टूबर 2024 को पीएम मोदी ने दूसरे और तीसरे फेज, जिसकी लागत लगभग 200 करोड़ रुपये थी का उद्घाटन कर दिया.

प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
वाराणसी. भाजपा महानगर कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्बोधित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें संस्करण का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों एवं भारतीय सैनिकों को नमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों, कठिन मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारे वीर जवानों का संकल्प हर चुनौती से बड़ा था। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ का भी उल्लेख किया, जो कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से 14 जुलाई को प्रारम्भ होकर कारगिल युद्ध स्मारक द्रास तक जा रही है। इस यात्रा का संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ है।मन की बात में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा तकनीक की बढ़ती ताकत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का उल्लेख करते हुए भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य की चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के वैज्ञानिकों,इंजीनियरों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने देश में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे ऐसे कार्यों की सराहना की, जिनमें लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ कचरे को उपयोगी वस्तुओं में बदलकर ‘वेस्ट से वेल्थ’ की दिशा में काम कर रहे हैं।कार्यक्रम में हर्बल चाय जैसे पारंपरिक एवं प्राकृतिक विकल्पों,स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने की चर्चा ने भी सभी को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री जी के संदेश में प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ने और भारतीय परम्पराओं में मौजूद पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया गया।इसी क्रम में इको-फ्रेंडली चटाई तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहित करने की बात भी सामने आई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने का संकल्प लिया।ALSO READ : सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगीप्लास्टिक कचरे से बेंच एवं अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार करने जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि कचरा केवल समस्या नहीं है, बल्कि सही तरीके से एकत्रीकरण, पुनर्चक्रण और जनभागीदारी के माध्यम से उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं नवाचार को भी बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री जी पहले भी प्लास्टिक कचरे से पार्क की बेंच जैसी उपयोगी वस्तुएं बनाने वाले प्रयासों को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की प्रेरणादायी मिसाल के रूप में रेखांकित कर चुके हैं।इको-फ्रेंडली गणपति को लेकर भी पर्यावरण संरक्षण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। गणेश उत्सव में प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को अपनाने तथा प्रकृति और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने प्रधानमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्र की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा देशहित में जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
वाराणसी: केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस), सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी ऐतिहासिक स्थल को मिला सम्मान नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को पूरी दुनिया द्वारा स्वीकार किए जाने का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि धम्मचक्कप्पवत्तन दिवस के 2605वें आयोजन से ठीक पहले मिली यह उपलब्धि सारनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करती है। यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र का प्रवर्तन किया था। आज भी यह स्थान विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।प्रो. नेगी ने कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी प्राचीन सभ्यता से नहीं, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों से है जिन्हें भगवान बुद्ध ने मानवता के सामने रखा। सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का उनका संदेश वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।ALSO READ : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुलपति ने देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारनाथ अब केवल इतिहास का साक्षी नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के साझा भविष्य का भी प्रेरणा-स्थल बनकर उभरेगा। उन्होंने अंत में कामना की कि भगवान बुद्ध का करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण विश्व में सद्भाव, शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहे।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।