बालू और काई भरे स्विमिंग पूल में तैरने को मजबूर तैराक, इनसे ही मेडल की आस...

वाराणसी : प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल सिगरा स्थित डा. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम की हालत खस्ता होने लगी है. सबसे खराब स्थिति स्विमिंग पूल की है. फिल्टर प्लांट खराब होने से की वजह से पूल का पानी बालू से भर गया और सफाई न होने की वजह से उसमें काई भी जम गई है. ऐसे पानी में तैरने से खिलाड़ियों को बीमारी हो सकती है.

सिगरा स्टेडियम के मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में स्विमिंग पूल बनाया गया है. दो पूल में से एक बिगनर्स के लिए बना जबकि दूसरा प्रोफेशनल खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए है. डेढ़ साल पहले शुरू हुए नवनिर्मित स्विमिंग पूल में एक साल पहले ही खामिया दिखाने लगीं. सबसे बड़ी समस्या फिल्टर प्लांट की रही. इसके सही तरीके से संचालित नहीं होने की वजह से पूल का पानी गंदा रहने लगा. अब तो हालत यह है कि सफाई नहीं होन की वजह से पूरे पूल में काई जम गई है. फिल्टर प्लांट का बालू निकलकर पूल में भर जा रहा है. पुल का पानी निकालने की व्यवस्था नहीं होने की वजह से इस गंदे पानी में ही खिलाड़ी अभ्यास करने को मजबूर हो रहे हैं.
खुद से कर रहे पूल की साफ-सफाई
मजबूरी में खिलाड़ी और कोच खुद पूल की सफाई कर रहे हैं. जानकारों की मानें तो पूल के तल में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए सप्ताह में एक या दो बार अंडरवाटर वैक्यूम का इस्तेमाल करना चाहिए. शैवाल और गंदगी को दीवारों पर जमने से रोकने के लिए दीवारों और सीढ़ियों को हफ़्ते में एक बार जरूर ब्रश करना चाहिए. पूल टेस्ट किट के माध्यम से पानी के pH (आदर्श मान 7.2-7.6) और क्लोरीन (लगभग 3 ppm) स्तर की जांच करनी चाहिए. पानी में बैक्टीरिया और कार्बनिक अशुद्धियों को नष्ट करने के लिए हर एक बार पूल शाक (chlorine shock) का उपयोग करना चाहिए. पूल के मुख्य फ़िल्टर को हर चार से छह से सप्ताह में खोलकर अच्छी तरह साफ करना चाहिए.
पानी को बार-बार पूरी तरह से बदलने की आवश्यकता नहीं होती, यदि रसायनों और फ़िल्टरिंग का सही संतुलन बना रहे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पा रहा है. खिलाड़ी और कोच बड़ी मेहनत से पूल से बालू निकालते हैं और काई को भी साफ करने का प्रयास करते हैं. ओलिंपिक साइज के पूल की सफाई उनके लिए आसान नहीं होती है.

प्रभावित हो रहा अभ्यास
तैराकी को अपना करियर बनाने की चाह लेकर प्रतिदिन 80 खिलाड़ी सिगरा स्टेडियम पहुंच रहे हैं. बड़े पूल के गंदे पानी की वजह से उसमें अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं. छोटे बच्चे छोटे पूल में वार्मअप करते हैं. जब पूल की थोड़ी बहुत सफाई होती है तो खिलाड़ियों को उसमें तैरने का मौका मिलता है. आल वेदर नहीं होने की वजह से स्विमिंग पूल का संचालन अप्रैल से सितंबर माह तक ही हो पाता है. इसके बीच भी गंदे पानी की वजह से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है.
टालनी पड़ी प्रतियोगिता
गंदे स्विमिंग पूल की वजह से वाराणसी में होने वाली स्टेट लेवल स्विमिंग प्रतियोगिता को टालना पड़ा. यह प्रतियोगिता जुलाई माह में होनी थी लेकिन अब अगस्त में होने की संभावना है. लखनऊ में चल रही स्टेट लेवल स्विमिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाली वाराणसी मंडल की टीम का चयन के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल इसी स्विमिंग पूल के गंदे पानी में लिया गया था.

प्लांट संचालन के लिए नहीं कर्मचारी
सिगरा स्टेडियम के स्विमिंग पूल के फिल्टर प्लांट को संचालित करने के लिए कर्मचारी की कमी है. छह माह पहले तक एक टेक्नीशियन यहां तैनात था लेकिन उसे हटा दिया गया था. कुछ माह पूर्व तक स्विमिंग पूल के रखरखाव की जिम्मेदारी उसका निर्माण करने वाली कंपनी कर रही थी. अब संचालन की जिम्मेदारी वाराणसी स्मार्ट सिटी निभा रही है. उसके पीआरओ शाकंभरी का कहना है कि स्विमिंग पूल के रख-रखाव के लिए कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है. उसकी जो भी समस्या होगी उसे दूर कर लिया जाएगा.
तैराकी में है सुनहरा भविष्य
ओलिपिंक में सबसे अधिक मेडल वाले खेलों में तैराकी शामिल है. बीते पेरिस ओलिपिंक में तैराकी में 35 इवेंट्स आयोजित किए गए थे. इन सभी स्पर्धाओं में प्रत्येक (गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज) मेडल मिलाकर कुल 105 पदक दांव पर होते हैं. ये 35 इवेंट्स पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग (17 पुरुषों के + 17 महिलाओं के) और एक मिक्स्ड (पुरुष-महिला) रिले रेस में विभाजित होते हैं. वाराणसी में तैराकी में बहुत संभावना है. गंगा जैसी नदी में तैराक होते हैं जो स्विमिंग पूल में प्रशिक्षण प्राप्त करके खिलाड़ी के तौर पर तैयार होते हैं.
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प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है सिगरा स्टेडियम
66782 स्कवायर मीटर एरिया में 320 करोड़ रुपये की लागत से सिगरा के संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पुर्नविकास किया गया है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में की थी. मार्च 2023 मार्च में प्रधानमंत्री ने लगभग 120 करोड़ रुपए से तैयार फर्स्ट फेज का उद्घाटन किया. इसमें मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया गया जिसमें इंडोर स्विमिंग पूल भी था. 20 अक्टूबर 2024 को पीएम मोदी ने दूसरे और तीसरे फेज, जिसकी लागत लगभग 200 करोड़ रुपये थी का उद्घाटन कर दिया.



